GOOD NEWS : मोदी को जनादेश के साथ 7 करोड़ किसानों को 4-4 हजार रुपए मिलने का मार्ग भी प्रशस्त

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अहमदाबाद, 27 मई, 2019। लोकसभा चुनाव 2019 की प्रक्रिया समाप्त होने के साथ चुनावी आदर्श आचारसंहिता भी खत्म हो गई है। इसी के साथ देश के उन सवा सात करोड़ किसानों के अच्छे दिन आ गये हैं, जिन्हें चुनावी आदर्श आचारसंहिता के कारण 10 मार्च के बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का पैसा नहीं मिल पाया था। ऐसे सवा सात सौ किसान जो 10 मार्च से पहले भी इस योजना में अपना नाम पंजीकृत नहीं करवा सके, उनके लिये अब मौका है कि वह लेखपाल, कानूनगो या कृषि अधिकारी से मिलकर इस योजना में अपना नाम पंजीकृत करवा लें। उन्हें पहली और दूसरी किश्त के मिलाकर 4-4 हजार रुपये बैंक खाते में मिल जाएँगे।

कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार पीएम मोदी ने 1 फरवरी 2019 को संसद में पेश किये बजट के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की थी और 5 एकड़ से कम कृषि भूमि वाले देश के लगभग 11 करोड़ किसानों को एक वर्ष में 6,000 रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया था। योजना की घोषणा के साथ ही केन्द्र सरकार ने लगभग 7 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की पहली किश्त भी जमा करवाई थी। इसके बाद पीएम मोदी ने देश के सभी लगभग 14 करोड़ किसानों को इस योजना का लाभ देने की घोषणा की थी, परंतु शेष किसान इस योजना का लाभ लेने के लिये अपना पंजीकरण करवाते, उससे पहले ही 10 मार्च को चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव-2019 का कार्यक्रम घोषित कर दिया और इस घोषणा के साथ ही देश में चुनावी आदर्श आचारसंहिता लागू हो जाने से किसानों का पंजीकरण का काम रुक गया।

हालाँकि अब चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं और चुनावी आदर्श आचारसंहिता भी हट चुकी है। इसलिये किसानों के पंजीकरण का काम शुरू हो गया है। जो किसान इस योजना का लाभ नहीं ले पाये हैं, उनको योजना का लाभ लेने का फिर से अवसर मिला है। उन्हें जल्द से जल्द अपने क्षेत्र के लेखपाल, कानूनगो अथवा कृषि अधिकारी से मिलकर इस योजना में अपना नाम पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर सरकार उनके बैंक खाते में पहली और दूसरी किश्त की कुल मिलाकर 4-4 हजार की रकम जमा करवायेगी।

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार इस योजना की रकम किसान के बैंक खाते में सीधे-सीधे जमा नहीं करवाती है। केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों को उनके प्रदेश के किसानों की सूची तैयार करने का काम सौंपा है। राज्य सरकारें उनके यहाँ पंजीकृत हुए किसानों की संख्या वाली सूची केन्द्र सरकार को भेजती है। इस सूची में दर्ज किसानों की संख्या के आधार पर उतनी रकम केन्द्र सरकार राज्य सरकारों को देती है और राज्य सरकार किसानों के बैंक खातों में यह रकम जमा करवाती है।

कृषि अधिकारी के अनुसार 31 मार्च-2019 तक 3.27 करोड़ किसानों को पहली किश्त के तहत 2-2 हजार रुपये दिये गये थे, जबकि कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 4.76 करोड़ थी। इसलिये शेष किसानों को भी पहली किश्त की रकम नई सरकार गठित होने के बाद भेजी जाएगी तथा नये पंजीकृत किसानों को पहली और दूसरी किश्त के पैसे भेजे जाएंगे।

पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की ओर से की गई किसानों की कर्ज माफी की घोषणा के जवाब में लोकसभा चुनाव से पूर्व प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की थी, जिसका लोकसभा चुनाव में सरकार को लाभ भी मिला और इस प्रकार सरकार की यह योजना सफल सिद्ध हुई है।

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