‘GOOGLE ASSISTANT’ बने दादा, आपको सुनाएँगे कहानियाँ

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 22 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। कुछ साल पहले की बात है, जब इंटरनेट (INTERNET) और स्मार्टफोन (SMART PHONE) नहीं आये थे, तब बच्चे गली-मोहल्ले में साथी बच्चों के साथ विभिन्न प्रकार के खेल खेलते थे और मनोरंजन के साथ-साथ अपना शारीरिक और मानसिक विकास करते थे। इसके अलावा घरों में संयुक्त परिवार रहते थे, इसलिये रात के समय दादा-दादी, नाना-नानी और माता-पिता से ज्ञानवर्धक कहानियाँ सुनते थे। ये कहानियाँ बच्चों में न सिर्फ संस्कारों का आरोपण करती थी, बल्कि प्रतिबोधक कथाएँ बच्चों को स्वयं के प्रति, परिवार, पड़ोसी, संबंधियों, समाज, शहर और देश के प्रति संवेदनशील भी बनाती थी। इस प्रकार पारंपरिक तरीके से बच्चों को दादा-दादी और माता-पिता के विरासती संस्कार प्राप्त होते थे और वे क्रमशः जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिये परिपक्व बनते थे। जब से मोबाइल और इंटरनेट आए हैं, तब से विशेष कर पिछले कुछ वर्षों से नई पीढ़ी न सिर्फ संवेदनहीन हो गई है, बल्कि इंटरनेट और मोबाइल की ऐसी आदी हो गई है, जिसने उसे समाज और परिवार से ही नहीं, अपितु खुद से भी दूर कर दिया है। ऐसे में जब पौराणिक सामाजिक परंपराओं के दृष्टांत प्रस्तुत करके उन्हें समझाने का प्रयास किया जाता है कि प्राचीन परंपराएँ कितनी असरकारक होती थी, तो उनके अंदर जिज्ञासा अवश्य उत्पन्न होती है, परंतु चूँकि किताबों में किस्से-कहानियाँ पढ़ने की आदत छूट चुकी है और संयुक्त परिवार विखंडित हो गये हैं, जिससे अधिकांश बच्चों को दादा-दादी, नाना-नानी यहाँ तक कि माता-पिता का स्नेह भरा सान्निध्य भी प्राप्त नहीं होता है और दादा-दादी और नाना-नानी की कहानियाँ सुनाने की प्रथा इतिहास बन कर रह गई। हालाँकि अब अच्छी खबर यह है कि इंटरनेट के सर्च इंजन गूगल (GOOGLE) ने वर्तमान पीढ़ी और खास कर अपने यूज़र्स (USERS) के लिये पुराना समय वापस लाने का एक सराहनीय प्रयास किया है।

गूगल ने असिस्टेंट फीचर ‘My Storytime’ किया लॉन्च

गूगल ने अपने यूज़र्स के लिये एक नया असिस्टेंट फीचर (ASSISTANT FEATURE) लॉन्च किया है, जिसका नाम ‘My Storytime’ रखा है। यह एक मज़ेदार फीचर है, क्योंकि इसकी मदद से कोई भी यूज़र्स कहानियाँ पढ़ कर रिकॉर्ड कर सकता है और बाद में उन कहानियों को अपने बच्चों को सुना सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पैरेंट्स खाली वक्त में कहानियाँ रिकॉर्ड कर सकते हैं और ‘Nest Mini, Nest Hub और Hub Max’ जैसे डिवाइसेज़ (Devices) से एक्सेस (ACCESS) कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार गूगल ने इस फीचर को विशेष कर वर्किंग पैरेंट्स (WORKING PARENTS) को ध्यान में रख कर ही डिज़ाइन (DESIGN) किया है। रिपोर्ट के अनुसार कामकाजी माता-पिता खाली समय में कहानी पढ़ कर रिकॉर्ड कर सकते हैं, जिन्हें बच्चे बाद में सुन सकते हैं। वैसे यह फीचर मिलिट्री मेंबर जेनिफर ओलिवर से प्रेरित है, क्योंकि जेनिफर ने ही सबसे पहले इंटरनेट मैसेज बोर्ड पर अपनी बेटियों के साथ यह आइडिया शेयर किया था और बच्चों की कहानियों को इंटरनेट पर जगह दी थी। ओलिवर के अनुसार ‘My Storytime.com’ पर विज़िट करके कोई भी एक प्राइवेट अकाउण्ट बना सकता है। इसके बाद परिवार के लिये रिकॉर्डेड स्टोरीज़ की लाइब्रेरी तैयार कर सकता है। कहानी रिकॉर्ड होने के बाद उसे परिवार के साथ शेयर किया जा सकता है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद गूगल असिस्टेंट को ‘Hey Google, talk to My Storytime’ कमांड देकर रिकॉर्डेड पर्सनल स्टोरीज़ को सुना जा सकता है।

MP3 फाइल्स भी कर सकते हैं अपलोड

इतना ही नहीं, ‘My Storytime’ यूज़र्स माइक्रोफोन की मदद से ऑफिसियल वेबसाइट पर भी कहानी रिकॉर्ड कर सकते हैं अथवा MP3 ऑडियो फाइल्स भी अपलोड कर सकते हैं। इसके लिये वेबसाइट पर मिलने वाला एक टूल भी यूज़र्स की मदद करता है। गूगल के अनुसार ऑडियो फाइल्स क्लाउड में सुरक्षित ढंग से सेव रहती है और जिनके साथ फाइल को शेयर किया गया है, वही उन फाइल्स को एक्सेस कर सकते हैं। यूँ तो परिवार के साथ होने और परिवार द्वारा कहानियाँ सुनाने का अनुभव अलग ही होता है, जिसकी जगह कोई नहीं ले सकता, परंतु ‘My Storytime’ इस काम को थोड़ा आसान बनाने का काम कर रहा है। गूगल का मानना है कि इससे बच्चे खुद को परिवार से जुड़ा हुआ महसूस करेंगे और गूगल डिवाइसेज़ इस काम में उनकी मदद करेंगे। वैसे गूगल असिस्टेंट पर पैरेंट्स की ओर से रिकॉर्डेड कहानियों के अलावा भी ‘Hey Google, tell me a Story’ कमांड देकर कई भाषाओं में कहानियाँ सुनी जा सकती हैं।

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