HACKER होना HATEFUL नहीं : ‘लक्ष्मण रेखा’ में रह कर इस कौशल से करोड़ों की कमाई भी की जा सकती है !

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रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 19 जुलाई, 2019 (युवाPRESS)। इंटरनेट की विशाल दुनिया में हैकिंग और हैकर जैसे शब्द बदनाम हो चुके हैं। आधुनिक तकनीक का उच्चतम् उपयोग कर कई धूर्त लोगों ने HACKING SKILL को लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का साधन बना लिया है। हैकिंग स्किल्ड लोगों को साइबर वर्ल्ड में हैकर के नाम से जाना जाता है और साइबर क्राइम करने वाले क्रिमिनलों में सबसे बड़ी भूमिका हैकर्स की ही होती है। यही कारण है कि वर्तमान ऑनलाइन वर्ल्ड में हैकर्स हैकिंग स्किल के माध्यम से तरह-तरह की युक्तियाँ आज़माते हैं और एक छोटे-से मोबाइल, लैपटॉप या कम्प्यूटर जैसे साधन का उपयोग कर भोले-भाले लोगों की पसीने की कमाई चुटकियों में उड़ा ले जाते हैं।

यद्यपि आप हैकर्स के हैकिंग कारनामों से अनजान नहीं होंगे, क्योंकि हैकर्स और हैकिंग से जुड़े अनेक नकारात्मक किस्से आप सुनते-देखते-पढ़ते होंगे। हैकर्स के आपराधिक कारनामों के कारण हैकिंग और हैकर्स दोनों शब्द हेटफुल बन चुके हैं, परंतु आज हम आपको हैकिंग स्किल के सकारात्मक पहलू की जानकारी देने जा रहे हैं। दुनिया में करोड़ों हैकर्स होंगे, जिन्होंने अपनी इस कुशलता से लोगों को लूटने का गोरखधंधा चला रखा है, परंतु हम उन हैकर्स की बात करने जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी इस कुशलता के जरिए दुनिया की बड़ी-बड़ी सोशल मीडिया कम्पनियों को न केवल भारी नुकसान से बचाया है, अपितु उनसे जुड़े लाखों यूज़र्स को भी धोखाधड़ी से बचाने में सहायता की है।

हैकिंग स्किल का सकारात्मक और सदुपयोग करने की जब बात आती है, तो इस मामले में भारतीय हैकर्स पूरी दुनिया में अव्वल माने जाते हैं। ऐसा नहीं है कि भारत में हैकर्स धोखाधड़ी नहीं करते, परंतु कई हैकर्स ऐसे भी हैं, जो अपनी इस हैकिंग स्किल का ‘लक्ष्मण रेखा’ में रह कर उपयोग करते हैं और करोड़ों की ईमानदार कमाई भी करते हैं। ऐसे ही भारतीय एक हैकर हैं लक्ष्मण मुथैया, जिन्होंने ईमानदारी की ‘लक्ष्मण रेखा’ के दायरे में रहते हुए अपनी हैकिंग कला से 30 हजार डॉलर कमाए हैं। लक्ष्मण मुथैया की हैकिंग स्किल के आगे मार्क ज़करबर्ग की कम्पनी FACEBOOK भी नतमस्तक हो गई और उसने अपनी भूल स्वीकार करते हुए लक्ष्मण मुथैया को 30 हजार डॉलर यानी 20,55,645 रुपए पुरस्कार राशि प्रदान की है।

ऐसा क्या किया लक्ष्मण मुथैया ने ?

भारतीय एथिकल हैकर्स का लोहा पूरी दुनिया मानती है। हर वर्ष भारतीय हैकर्स अनेक टेक कम्पनियों में बग बाउंटी प्रोग्राम के तहत बग का पता लगाते हैं और लाखों-करोड़ों की कमाई करते हैं। कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया चेन्नई निवासी सिक्यॉरिटी रिसर्चर लक्ष्मण मुथैया ने। लक्ष्मण ने फेसबुक के समक्ष यह सिद्ध कर दिखाया कि इंस्टाग्राम में एक ऐसा बग है, जिसके ज़रिए मात्र 10 मिनट में इंस्टाग्राम के किसी भी अकाउंट को हैक किया जा सकता है। लक्ष्मण ने बताया कि फेसबुक संचालित इंस्टाग्राम के इस बग की वजह से वे किसी भी अकाउंट को बिना कन्सेंट परमिशन के हैक कर सकते थे। मुथैया ने पाया कि पासवर्ड रिसेट, रिकवरी कोड रिक्वेस्ट के जरिए किसी भी इंस्टाग्राम अकाउंट को आसानी से हैक किया जा सकता है।

मुथैया ने यूँ मनवाया अपना लोहा

कम्प्यूटर साइंस के छात्र लक्ष्मण मुथैया ने इस पूरे किस्से की जानकारी अपने ब्लॉग पोस्ट में दी। मुथैया ने लिखा, ‘मैंने फेसबुक की सिक्यॉरिटी टीम को इस बग के बारे में बताया, परंतु शुरुआत में मेरी रिपोर्ट में कुछ कमयों के कारण वे इसे मानने को तैयार नहीं हो रहे थे। इसके बाद कुछ ई-मेल का आदान-प्रदान हुआ। फिर मैंने उन्हें कॉन्सेप्ट वीडियो दिया। इस वीडियो के जरिए मैं फेसबुक की सिक्यॉरिटी टीम को इंस्टाग्राम की इस कमी के बारे में सही तरह से समझा पाया और वे अंतत: इसे मानने को तैयार हो गए। इसके बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम की टीम ने इंस्टाग्राम की इस कमी को ठीक किया और मुझे बाउंटी प्रोग्राम के तहत 30 हजार डॉलर का इनाम मिला।’

मुथैया की मेहनत से करोड़ों यूज़र्स को हुआ फायदा

लक्ष्मण मुथैया जैसे हैकर्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले करोड़ों यूज़र्स के लिए वरदान सिद्ध हो रहे हैं। लक्ष्मण मुथैया के अनुसार इंस्टाग्राम में यह बाग पासवर्ड रिकवरी सिस्टम में था। ऐसे में कोई भी हैकर्स पासवर्ड रिसेट करके किसी भी यूज़र्स का अकाउंटच हैक कर सकता था। वास्तव में जब भी कोई यूज़र पासवर्ड रिसेट करता है, तो इंस्टाग्राम उसके मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का वेरिफिकेशन कोड भेजता है। लक्ष्मण को इसी में बग मिला, जिसके टेस्ट करने के लिए उन्होंने अलग-अलग आईपी एड्रेस से एक हजार रिक्वेस्ट्स भेजीं। इंस्टाग्राम यूज़र्स तो जानते होंगे और जो नहीं जानते, उन्हें यह जान लेना चाहिए कि यदि वेरिफिकेशन के लिए 10 लाख कोड ट्राय किया जाए, तो किसी भी अकाउंट का पासवर्ड बदला जा सकता है। लक्ष्मण मुथैया ने बताया कि वे 100 अलग-अलग आईपी एड्रेस से 200 हजार रिक्वेस्ट्स भेज कर अकाउंट हैक कर सकते हैं। एक सटीक तर्क और प्रमाण के साथ जब लक्ष्मण मुथैया ने फेसबुक को यह तथ्य मुहैया कराए, तो फेसबुक ने न केवल उनकी बात मानी, अपितु उन्हें पुरस्कृत भी किया।

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