आधा देश बारिश और बाढ़ की चपेट में : पूर्वोत्तर के बाद दक्षिण-पश्चिम में बरस रहा कहर

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अहमदाबाद, 10 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। देश का आधा हिस्सा इन दिनों पानी-पानी हो रहा है। जुलाई महीने में बिहार और असम सहित पूर्वोत्तर राज्यों में कहर बरपाने के बाद मॉनसून अब दक्षिण पश्चिम के राज्यों पर कहर बनकर बरस रहा है। भारी बारिश से दक्षिण पश्चिम के 5 राज्यों में बाढ़ की स्थिति है, जबकि मौसम विभाग ने 10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बाढ़ प्रभावित राज्यों में एनडीआरएफ (NDRF), सेना और वायुसेना राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

दक्षिण के तीन राज्यों में बाढ़ से बिगड़े हालात

दक्षिण के तीन राज्य केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में स्थिति विकट बनी हुई है।

केरल

मॉनसून का प्रवेश द्वार कहलाने वाले केरल में बारिश ने विकराल रूप धारण किया है और पिछले वर्ष के अगस्त की दर्दनाक यादें ताजा कर दी हैं। इस राज्य में शुक्रवार को 27 और शनिवार को 7 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। जबकि बीते 72 घण्टों में कुल 42 लोगों की जान जा चुकी है। वायनाड और मलप्पुरम में भूस्खलन से 40 लोग मलबे में फँसे हुए हैं, जिससे मौत का आँकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यहाँ रेस्क्यू टीमें पहुँच चुकी हैं और बचाव अभियान चल रहा है, परंतु खराब मौसम के कारण बचाव कार्यवाही में बार-बार बाधा आ रही है। राज्य में वायनाड और मलप्पुरम के अलावा अलेप्पी, एर्नाकुलम, पथानमथिट्टा, इडुक्की, कन्नूर और कोझिकोड में बाढ़ के हालात हैं, जहाँ दो दर्जन रेस्क्यू टीमें राहत और बचाव का काम कर रही हैं। इनमें एनडीआरएफ की 13 टीमें शामिल हैं। जबकि 8 इंजीनियर टास्क फोर्स भी बचाव के काम में जुटे हैं। सेना के 180 जवान भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिये केरल पहुँच चुके हैं। राज्य में अभी तक 65 हजार लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। रेस्क्यू टीमों ने वायनाड से 8 लोगों के शव बरामद किये हैं, जबकि मलप्पुरम के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के बाद 10 लोगों की मृत्यु हो गई तथा 30 लोग लापता बताए जा रहे हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के अनुसार अभी भी भूस्खलन में कई लोग लापता हैं, इसलिये सही आँकड़ा बाद में पता चलेगा। राज्य में 20 से 40 सेमी की गति से बारिश हो रही है।

कोच्चि एयरपोर्ट बंद

मौसम विभाग ने राज्य के सात जिलों एर्नाकुलम, इडुक्की, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड और कन्नूर में शनिवार को भी भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इस बीच एयरपोर्ट के रन-वे पर बरसाती पानी भर जाने से कोच्चि एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन बंद कर दिया गया है। यह संचालन फिलहाल रविवार दोपहर 3 बजे तक बंद रखने का निर्णय किया गया है। इसके बाद हालात को देखते हुए आगे का निर्णय किया जाएगा।

कर्नाटक

कर्नाटक के बगलकोट, रायचूर, बेलगाम और कलबुर्गी जिलों में बाढ़ के हालात हैं। इन जिलों में 33 राहत-बचाव टीमें और इंजीनियरों के 31 टास्क फोर्स बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने और रेस्क्यू करने में जुटे हैं। इस राज्य में शुक्रवार को बारिश से 10 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई। राज्य में बारिश और बाढ़ के कारण मौत का आँकड़ा 22 तक पहुँच चुका है। यहाँ कोडगू में भी वायनाड की तरह 7 लोग भूस्खलन में जिंदा दफन हो गये। इनमें से मदिकेरी में 5 और विराजपत में 2 लोगों की मृत्यु हुई। विराजपत के इसी गाँव में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पता चला है कि इस गाँव के 8 अन्य लोग लापता हैं। तटीय कर्नाटक और मलनाड के 6 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें कोडगू के अलावा दक्षिण कन्नड़ और उड्डुपी शामिल हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घण्टों के दौरान दक्षिण कर्नाटक में भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है। इस बीच गडग जिले के होलियालुर गाँव में क्विक रेस्पॉन्स टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान इंसानों के साथ-साथ जानवरों की भी जान बचाई।

उधर उत्तरी कर्नाटक में भारी वर्षा का कहर जारी है। यहाँ 1.3 लाख से अधिक लोगों को अभी तक रेस्क्यू किया जा चुका है। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उत्तरी कर्नाटक में भारी बारिश से उत्पन्न हुए बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिये दौरे पर रवाना हो चुकी हैं।

तमिलनाडु

तीसरा दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु है, जहाँ कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। बारिश से सर्वाधिक प्रभावित नीलगिरि जिले में राहत कार्यों के लिये भारतीय वायुसेना से मदद माँगी गई है। जिले में बारिश और बाढ़ के कारण 6 राहत टीमों को तैनात किया गया है। जिले में वर्षाजनित हादसों में अभी तक 5 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। राज्य के थेनी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी जिलों में भी भारी बारिश हुई है।

पश्चिम भारत के महाराष्ट्र और गुजरात में बाढ़

दक्षिण के तीन राज्यों के अलावा पश्चिम भारत के दो प्रमुख राज्य महाराष्ट्र और गुजरात भी भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं।

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में शुक्रवार को 2 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई। इसी के साथ पुणे डिवीजन में मौत का आँकड़ा बढ़कर 29 हो गया है। राज्य में मौसम विभाग ने अगले 24 घण्टों में भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है। भारी बारिश के चलते मुंबई को कोल्हापुर के रास्ते बेंगलुरु से जोड़ने वाला नेशनल हाइवे नं. 4 लगातार चौथे दिन भी बंद रहा। इससे खेड़, शिवापुर, सतारा और कराड़ जाने वाले लगभग 30 हजार भारी वाहन बीच रास्ते में फँसे हुए हैं। सांगली में गुरुवार रात नाव पलटने के बाद 9 लोगों के शव बरामद हुए हैं, जबकि 9 लोग अभी तक लापता हैं, जबकि 19 लोगों को बचा लिया गया है। पश्चिमी महाराष्ट्र में लगभग 2.85 लाख लोगों को रेस्क्यू किया गया है। कोल्हापुर के निकट शिरोली गाँव में नौसेना की 14 टीमें सुबह 6 बजे राहत बचाव के लिये रवाना हुई हैं।

गुजरात

गुजरात में बीते कई दिनों से बारिश हो रही है। राज्य के खेड़ा जिले में शुक्रवार रात भारी बारिश के चलते एक तीन मंजिला इमारत ढह गई। इस दुर्घटना में 4 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि मलबे में फँसे 9 लोगों को बचा लिया गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हादसे में कुछ और लोग फँसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान को जारी रखा गया है। इसी बीच शुक्रवार सुबह से शनिवार सुबह तक राज्य की 223 तहसीलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा सौराष्ट्र के मुख्यालय राजकोट में 8 इंच वर्षा हुई, जबकि सुरेन्द्र नगर में कई बाँध छलक गये हैं, एक गाँव में फँसे 7 लोगों को बचाने के लिये वड़ोदरा से वायुसेना का हेलीकॉप्टर रवाना किया गया है। जबकि वड़ोदरा शहर और जिले में भी भारी बारिश के चलते शहर के निचले भागों में विश्वामित्री नदी का पानी घरों में घुस गया है। इस नदी में बड़ी संख्या में मगरमच्छों का निवास है, जिनके घरों में घुसने की घटनाएँ सामने आ रही हैं, उधर वड़ोदरा जिले की डभोई तहसील के कई गाँवों का संपर्क टूट गया है। इन गाँवों में छाती तक पानी भर गया है। दक्षिणी गुजरात के नवसारी, सूरत और वलसाड़ जिलों में भी भारी बारिश से बाढ़ के हालात बने हुए हैं। अहमदाबाद शहर में भी पिछली रात को भारी बारिश से कई अण्डरब्रिज में पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि बोपल क्षेत्र में एक निर्माणाधीन बंगलोज की दीवार ढह जाने से दीवार के पीछे स्थित एक मकान में रहने वाले दंपति और उसके दो बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो गई।

मौसम विभाग ने दक्षिण पश्चिम के इन पांच राज्यों के साथ-साथ गोवा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित 10 राज्यों में आगामी 48 घण्टों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

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