क्या शुरू हो गया है निर्भया कांड के 4 अपराधियों को फाँसी देने का COUNTDOWN ?

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 8 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। जैसे-जैसे निर्भया के साथ हुई दरिंदगी की तारीख 16 दिसंबर निकट आ रही है, वैसे-वैसे मीडिया में ऐसी खबरें छन कर सामने आ रही हैं कि इसी तारीख को दिल्ली के जघन्य निर्भया केस के 4 अपराधियों को फाँसी देने का काउण्टडाउन शुरू हो गया है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय दो दिन पहले ही इनमें से एक दोषी विनय शर्मा की दया याचिका की फाइल राष्ट्रपति को भेज चुका है, जिसमें गृह मंत्रालय ने दोषी की याचिका खारिज करने की सिफारिश की है। अब राष्ट्रपति पर सबकी निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है कि हैदराबाद में घटित हुई डॉ. दिशा के साथ दुष्कर्म और हत्या की बर्बर घटना और इसके बाद उन्नाव में दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाने की बर्बरतापूर्ण घटना के बाद देश भर में दुष्कर्म के आरोपियों के प्रति जो रोष है, वह निर्भया केस के दोषियों के विरुद्ध भी माहौल तैयार करने में मदद कर रहा है। अब राष्ट्रपति की ओर से भी दया याचिका खारिज किये जाने की ही अधिक संभावना व्यक्त की जा रही है। क्योंकि स्वयं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी अपने एक बयान में कह चुके हैं कि दुष्कर्म के दोषियों को दया याचिका करने का अधिकार ही नहीं होना चाहिये। संसद को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों की समीक्षा करनी चाहिये। राष्ट्रपति का यह बयान भी यही संकेत देता है कि निर्भया के अपराधी की दया याचिका स्वीकार किये जाने की संभावना नहिंवत है। ऐसे में जैसे ही राष्ट्रपति की ओर से इस याचिका को खारिज किया जाता है, वैसे ही तुरंत दोषियों को फाँसी पर चढ़ाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की भी सारी तैयारियाँ कर ली गई हैं।

तिहाड़ जेल में बंद हैं निर्भया के अपराधी

निर्भया के 6 दोषियों में से 4 दोषी मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह और पवन गुप्ता को तिहाड़ जेल में रखा गया है। जबकि राम सिंह नामक एक अपराधी जेल में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर चुका है। दो अपराधियों को जेल नंबर-2 में रखा गया है। जबकि एक अपराधी को जेल नंबर-4 और एक अपराधी को जेल नंबर 14 में रखा गया है। एक आरोपी नाबालिग होने के कारण फाँसी की सज़ा से बच गया है। 17 साल और 6 महीने की उम्र में जिस नाबालिग ने निर्भया के साथ सबसे अधिक बर्बरता की थी, वह सबसे कम सजा पाकर 20 दिसंबर 2015 को ही रिहा हो चुका है। उसे सिर्फ तीन साल की सजा हुई थी। 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली के वसंत विहार इलाके में चलती बस में एक नाबालिग सहित 6 दरिंदों ने निर्भया और उसके दोस्त के साथ दरिंदगी भरी घटना को अंजाम दिया था।

16 दिसंबर को दी जा सकती है फाँसी ?

अब जैसे-जैसे निर्भया के साथ हुई दरिंदगी की तारीख 16 दिसंबर निकट आ रही है, वैसे-वैसे ऐसी अटकलों ने जोर पकड़ लिया है कि जल्दी ही राष्ट्रपति निर्भया के दोषी की दया याचिका का निपटारा करेंगे, ताकि इसी तारीख को दोषियों को फाँसी देकर आपराधिक मानसिकता वाले लोगों को कड़ा संदेश दिया जा सके। राष्ट्रपति का फैसला चारों ही अपराधियों पर लागू होगा। जैसे ही राष्ट्रपति दया याचिका खारिज करते हैं, वैसे ही दिल्ली की संबंधित अदालत इन चारों को फाँसी पर लटकाने का डेथ वारंट जारी कर देगी। दूसरी ओर जेल प्रशासन डेथ वारंट इशू होते ही इन चारों को उपरोक्त बैरकों से निकाल कर अलग सेल में शिफ्ट कर देगा, जहाँ इन पर फाँसी दिये जाने तक चौबीसों घण्टे कड़ी निगरानी रखी जाएगी। राष्ट्रपति की ओर से दया याचिका खारिज होने के तुरंत बाद इन चारों को फाँसी देने के लिये अदालत की ओर से भी कोई दिन मुकर्रर किया जा सकता है, वह दिन 16 दिसंबर भी हो सकता है। इसलिये माना जा रहा है कि जेल प्रशासन ने अपने स्तर पर इन चारों की फाँसी के लिये तैयारियाँ भी शुरू कर दी हैं। फाँसी देने के लिये जेल में जल्लाद की व्यवस्था होती है, परंतु तिहाड़ जेल में फिलहाल कोई जल्लाद नहीं है। ऐसे में जेल प्रशासन जल्लाद की व्यवस्था करने में जुट गया है। जबकि अपराधियों को फाँसी पर लटकाने के लिये विशेष रस्सी भी तैयार करवाई जाएगी।

जल्लाद बनने को बेताब आम आदमी, पुलिस और सैनिक

इस बीच तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के एक हेड कॉन्स्टेबल सुभाष श्रीनिवास ने दिल्ली के जेल डीजीपी को पत्र लिखा है और उनसे निर्भया के दोषियों को फाँसी पर लटकाने के लिये स्वयं को अस्थाई जल्लाद के रूप में नियुक्त करने की पेशकश की है। पत्र में सुभाष ने यह भी उल्लेख किया है कि वह इस काम के लिये कोई भुगतान भी नहीं लेंगे।

उधर ओंकारेश्वर के रहने वाले एक सेवानिवृत्त सैनिक प्रदीप सिंह ठाकुर ने भी तिहाड़ जेल में जल्लाद बनने की तैयारी जताई है। प्रदीप ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अपील करते हुए एक पत्र में लिखा है कि वे निर्भया के दोषियों को फाँसी पर लटकाने के लिये कोई मेहनताना भी नहीं लेंगे। ऊपर से यदि सरकार उन्हें यह अवसर देती है तो वे अपने अकाउंट से सरकार के अकाउंट में 5 लाख रुपये जमा करवाने को भी तैयार हैं। पूर्व सैनिक प्रदीप ने इंदौर के एक मशहूर वकील से सलाह लेने के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को यह पत्र लिखा है। हालाँकि यह पत्र उन्होंने पोस्ट किया है या नहीं, इस बात का कोई खुलासा नहीं हुआ है।

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रहने वाले रवि कुमार नामक व्यक्ति ने भी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम एक पत्र लिख कर उनसे माँग की है कि रवि कुमार को तिहाड़ जेल में जल्लाद नियुक्त किया जाए, ताकि वे निर्भया कांड के दोषियों को फाँसी पर लटका सकें।

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