राजस्थान में पाकिस्तान के इस ‘आतंकी’ हमले का डट कर सामना कर रहे हैं ये ‘सैनिक’

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 15 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। पाकिस्तान में पलने वाले आतंकी दल केवल जम्मू कश्मीर में ही आतंक मचा रहे हैं, ऐसा नहीं है। पाकिस्तान का पाला हुआ एक और भी ‘आतंकी’ दल है, जिसने राजस्थान में खौफ का माहौल बना रखा है। हालाँकि जिस तरह से जम्मू कश्मीर में भारतीय सशस्त्र बल आतंकियों का बहादुरी से मुकाबला करके उन्हें बार-बार शिकस्त देते आये हैं, उसी प्रकार राजस्थान में भी भारत के बहादुर सिपाही मोर्चा सँभाले हुए हैं और वे भी पाकिस्तान के पाले इन आतंकियों के मंसूबों को बार-बार नाकाम कर रहे हैं।

कौन है पाकिस्तान का पाला हुआ यह ‘आतंकी’ दल ?

पाकिस्तान का पाला हुआ यह ‘आतंकी’ दल है ‘टिड्डी दल’। टिड्डियों के 20 से 25 दलों ने पाकिस्तान बॉर्डर से राजस्थान में घुसपैठ की है। ये दल बीकानेर, जैसलमेर और जोधपुर जिलों में घुस आये हैं। जैसलमेर के भारेवाला, बहाला, मोहनगढ़, म्याजलार, रामगढ़, भादरिया, पोकरण, रामदेवरा, खेतोलाई, नेवास, बीकानेर के गजेवाला, भीकमपुर, जोधपुर के फलोदी, बाप और लोहावट इलाके में टिड्डी दल मौजूद हैं। गजेवाला में 8 कि.मी. लंबा और आधा कि.मी. चौड़ा टिड्डी दल देख कर अधिकारियों की आँखें भी फटी रह गई थी। जम्मू कश्मीर में आतंकी समूह भारतीय सशस्त्र बलों तथा आम नागरिकों को निशाना बनाते हैं, वहीं टिड्डी दल खेतों में लहलहाती किसानों की फसलों को निशाना बनाते हैं और मिनटों में फसलों को सफा चट कर जाते हैं। इस बार अच्छे मानसून के कारण खेतों में मूँग, मोठ, चवला, ग्वार, बाजरा की फसलें खड़ी हैं, जिन्हें लेकर किसान चिंतित हैं।

ये हैं टिड्डी दल का सामना करने वाले बहादुर सिपाही !

अलार्मिंग सिचुएशन को देखते हुए टिड्डी चेतावनी संगठन ने राज्य सरकार के लिये चेतावनी जारी की है, जिसके उप निदेशक डॉ. के. एल. गुर्जर हैं। गुर्जर के अनुसार उन्होंने राज्य सरकार को पत्र लिखकर किसानों को खेतों में छिड़कने के लिये हल्के पेस्टीसाइड उपलब्ध कराने को कहा है। इस प्रकार डॉ. के. एल. गुर्जर ने इन आतंकी दलों को परास्त करने के लिये किसानों को ही हथियार उपलब्ध करवा कर उन्हें लड़ाकू सैनिक बनाने का काम किया है, ताकि किसान खुद ही इन टिड्डियों से निपट सकें। इसके अलावा तकनीशियनों की 10 टीमें भी लगातार पेस्टीसाइड का छिड़काव कर रही हैं। इन टीमों ने टिड्डी दल को फिलहाल आगे बढ़ने से रोक दिया है। राजस्थान बॉर्डर पर टिड्डी नियंत्रण के लिये अभी कुल 45 टीमें तैनात हैं, जो टिड्डियों पर लगातार पेस्टीसाइड का छिड़काव कर रही हैं। जैसलमेर में बॉर्डर पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान भी टिड्डी नियंत्रण अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनका सहयोग कर रहे हैं। बीएसएफ की सीमा चौकियों पर टिड्डी नियंत्रण अधिकारियों के खाने-पीने की व्यवस्था की गई है और बीएसएफ के कैंपों में उनके लिये रात्रि विश्राम का बंदोबस्त किया गया है।

आँकड़ों के अनुसार टिड्डियों पर छिड़काव के लिये मैलाथिन पेस्टीसाइड इस्तेमाल किया जाता है, जिसे मुंबई में स्थित हिंदुस्तान इंसेक्टीसाइड लिमिटेड (HIL) नामक एक मात्र कंपनी तैयार करती है। अभी तक 93 हजार 455 लीटर मैलाथिन खत्म हो चुका है। गत बुधवार रात 5 हजार लीटर मैलाथिन से भरा ट्रक आया था और 6,600 लीटर का एक ट्रक और आ रहा है। इस प्रकार अभी तक कुल 4.13 करोड़ रुपये का मैलाथिन 1,34,986 हेक्टेयर क्षेत्र में छिड़का जा चुका है।

इससे पहले टिड्डी का इस स्तर का आउटब्रेक 1993 में हुआ था। तब बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान हुआ था। इसके बाद 2005 और 2010 में टिड्डी दल आये थे, परंतु तब उन्हें काबू में कर लिया गया था।

उल्लेखनीय है कि जब से भारत ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाकर प्रदेश का विशेष राज्य का दर्जा छीन लिया है, तब से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इसी कारण उसने जान-बूझ कर समय रहते अपनी सीमा में टिड्डियों के अण्डों पर पेस्टीसाइड स्प्रे करके उन्हें नष्ट नहीं किया, जिसके कारण अण्डे पनपे और उनसे निकले करोड़ों टिड्डियों ने 20 से 25 समूह बना कर रेगिस्तान के रास्ते राजस्थान में प्रवेश किया है।

टिड्डी नियंत्रण के लिये भारत-पाक बैठक 19 को

डॉ. के. एल. गुर्जर के अनुसार भारत और पाकिस्तान के टिड्डी नियंत्रण अधिकारियों की 19 सितंबर को पाकिस्तान के मुनाबाव-खोखरापार में एक बैठक होने वाली है। अभी तक ऐसी चार बैठकें आयोजित हो चुकी हैं, परंतु पाकिस्तान अपनी फितरत के अनुरूप भारतीय अधिकारियों को गुमराह करता आ रहा है। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के दिशा-निर्देशों के अनुसार होती है। पाकिस्तान में राजस्थान की सीमा से सटे रहीमयार खान, सुकुर और बहावलपुर इलाके में टिड्डी अपने अण्डे रखते हैं, जिन पर पाकिस्तान पेस्टीसाइड का छिड़काव करके उन्हें नष्ट करता है, परंतु धारा 370 हटाये जाने के बाद से पाकिस्तान जान-बूझकर उसके इलाके में टिड्डियों पर कार्यवाही न करके उन्हें पाल रहा है, जो हवा की दिशा के अनुसार भारत में घुसते हैं। पाकिस्तान ने दुनिया को गुमराह करने के इरादे से ही केवल वायुसेना के सुकुर एयरबेस पर एरियल स्प्रे किट लगा एक विमान खड़ा कर रखा है।

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