10 अप्रैल भारत बंद, गृहमंत्रालय ने जारी किया एडवाइजरी

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नई दिल्ली: नौकरी और शिक्षा में जाति के आधार पर आरक्षण के विरोध में आज ओबीसी और जनरल समाज के वर्ग ने भारत बंद का आह्वान किया है। बाता दें कि इससे पहले ही दलित समाज के लोगों ने SC/ST Act में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और बदलाव के शक में 2 अप्रैल को Bharat Bandh किया था जिसमें कुछ लोगों ने जमकर उत्पात मचाया गया। जिसकी वजह से भारत में कई लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी तथा कई लोगों को अपने व्यापर में नुकसान सहन करना पड़ा। जिसकी चर्चा आज भी लोगों को न्यूज मीडिया में सुनने को मिल रही है। इसी विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखकर गृहमंत्रालय ने सुरक्षा व्यस्था को ठीक प्रकार से सुचारू रखने के लिए कुछ एडवाइजरी (Home Ministry Advisory) जारी की है।

गृहमंत्रालय ने भारत बंद को लेकर सभी राज्यों को अलर्ट मोड़ पर रहने के लिए कहाी है तथा एक एडवाइजरी (Home Ministry Advisory) जारी की है। राज्यों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए और किसी भी प्रकार के हिंसात्मक विरोध को रोकने के लिए गृहमंत्रालय ने एक एडवाइजरी (Home Ministry Advisory) जारी करके राज्यों को सेचत किया है। जाति के आधार पर आरक्षण के खिलाफ जनरल और ओबीसी समाज के लोगों ने 10 अप्रैल (10 April 2018) के भारत बंद का ऐलान पहले ही कर दिया था। बता दें कि भारत में आरक्षण नौकरी और शिक्षा के आधार पर है जिसकी वजह से कई बार आरक्षण को खत्म करने की मांग उठ चुकी है।

कुछ सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों के सरकारों को कहा है कि उन अतिसंवेदनशील जगहों की पहचान करों और सुरक्षा की पुख्ता इंतेजाम करों जहां पर विरोध प्रदर्शन हिंसात्मक हो सकती है। जरूरत पड़ने पर राज्यों के प्रभावित क्षेत्रों में धारा 144 भी लागू किया जा सकता है।

राज्यों के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को अपने अपने क्षत्रों में कानून व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार कुछ संगठनों ने नौकरियों और शिक्षा के आधार पर आरक्षण को खत्म करने के लिए भारत बंद का आह्वान किया है। भारत बंद के चलते हापुड़ के जिलाधिकारी ने सोमवार शाम से मंगलवार शाम 6 बजे तक शहर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी है।

2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों में विरोध हिंसात्मक हो गया था और इसकी वजह से कई प्रकार की अलग अलग घटनाएं घटित हुई थी। इन सभी घटनाओं में लगभग 11 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी थी। उस समय दलित समाज के लोगों ने भारत बंद का आह्वान किया था।

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