गुजरात में प्रचार समाप्त होने के बाद भी कांग्रेस को कैसे अंतिम ‘चोट’ देंगे PM मोदी ? शाह क्यों हैं भाग्य के ‘शहंशाह’ ? CLICK कीजिए और जानिए सब कुछ

गुजरात में लोकसभा चुनाव 2019 में तीसरे चरण में सभी 26 सीटों के लिए 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के बीच अब गिनती के घण्टे शेष रह गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्य विपक्षी नेता राहुल गांधी सहित भाजपा-कांग्रेस के दिल्ली से लेकर गुजरात के सभी छोटे-बड़े नेता-कार्यकर्ता गुजरात में अंतिम घण्टों के प्रचार में जान झोंक रहे हैं, क्योंकि गत 6 मार्च को चुनावों की घोषणा के साथ अधिकृत रूप से प्रारंभ हुआ प्रचार अभियान पूरे 1 महीना और 15 दिन यानी डेढ़ महीने तक चलने के बाद आगामी 21 अप्रैल को सायं 5.00 बजते ही समाप्त हो जाएगा, परंतु प्रचार अभियान समाप्त होने के बाद भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गुजरात आना पड़ेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल चित्र)।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात में लोकसभा चुनाव 2014 की सफलता दोहराने के लिए तूफानी दौरे कर रहे हैं। मोदी कल ही गुजरात में चुनावी रैलियाँ संबोधित करके गए और आगे भी 21 अप्रैल से पहले और चुनावी रैलियाँ करने आने वाले हैं। इन चुनावी रैलियों में मोदी कांग्रेस पर एक के बाद एक हमले कर रहे हैं और गुजरात में भाजपा को फिर से सभी 26 लोकसभा सीटें दिलवाने का प्रयास कर रहे हैं। हालाँकि मोदी प्रचार अभियान की अवधि समाप्त होने के यानी 21 अप्रैल सायं 5.00 बजे बाद कांग्रेस पर चुनावी रैलियों में प्रहार नहीं कर सकेंगे, परंतु इसके बावजूद वे कांग्रेस को अंतिम चोट देने के लिए 21 अप्रैल के बाद भी गुजरात आएँगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में राणिप स्थित मतदान केन्द्र में मतदान किया था।

जान कर आश्चर्य हुआ न ? परंतु मोदी को गुजरात का एक और दौरा करना पड़ेगा 23 अप्रैल के दिन, जब गुजरात में मतदान हो रहा होगा, क्योंकि सभी जानते हैं (जो नहीं जानते हैं, वे भी जान लें) कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम गांधीनगर संसदीय क्षेत्र में पड़ने वाले साबरमती विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में है। साबरमती विधानसभा क्षेत्र अहमदाबाद शहर में पड़ता है और मोदी का मतदान केन्द्र राणिप क्षेत्र में है। ऐसे में मोदी भले ही लोकसभा चुनाव 2019 में दूसरी बार वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हों, परंतु उन्हें वोट देने के लिए तो गुजरात में ही आना पड़ेगा।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (फाइल चित्र)।

शाह क्यों बनेंगे सौभाग्यशाली ?

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह देश के एकमात्र भाग्यशाली नेता बनने जा रहे हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री, राज्यपाल और वित्त मंत्री जैसे दिग्गज वोट करेंगे। अमित शाह गांधीनगर से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने पार्टी अध्यक्ष शाह को 23 अप्रैल को वोट देने के लिए को गुजरात ना पड़ेगा। शाह को मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और वित्त मंत्री अरुण जेटली के वोट भी मिलेंगे, क्योंकि आनंदीबेन गांधीनगर में पड़ने वाली घाटलोडिया विधानसभा क्षेत्र की मतदाता हैं। शाह स्वयं भी घाटलोडिया से ही मतदाता हैं, जबकि अरुण जेटली का नाम वेजलपुर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में है। ये तीनों विधानसभा क्षेत्र हैं तो अहमदाबाद में, परंतु शामिल हैं गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में।

22 अप्रैल को गुजरात में लैण्ड कर जाएँगे मोदी

अहमदाबाद हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (फाइल चित्र)।

कांग्रेस को अपने वोट से अंतिम चोट पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 अप्रैल को ही गुजरात पहुँच जाएँगे। मोदी भारत के किस राज्य से अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उतरेंगे, यह बताना इसलिए कठिन है, क्योंकि चुनाव प्रचार अभियान के दौरान मोदी इस समय पूरे भारत का भ्रमण कर रहे हैं, परंतु इतना निश्चित है कि मोदी 22 अप्रैल की शाम गांधीनगर स्थित राजभवन पहुँच जाएँगे। राजभवन में रात्रि विश्राम करने के बाद 23 अप्रैल की सुबह मतदान करने के लिए राणिप स्थित अपने मतदान केन्द्र की ओर प्रस्थान करेंगे।

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