Howdy Modi : मोदी से अधिक ट्रंप उत्साहित, तो भारत को मिल सकती है इतने करोड़ डॉलर की GIFT ?

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 19 सितंबर 2019 (युवाPRESS)। अमेरिका के ह्यूस्टन में रविवार को भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में ‘HOWDY MODI’ रैली होने जा रही है, जिसमें अमेरिका में बसे 50 हजार से अधिक भारतीय शामिल होंगे। सबसे बड़ी बात तो यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस रैली में मोदी के साथ मंच साझा करने वाले हैं। ऐसा पहली बार ही हो रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति किसी अन्य देश के पीएम या राष्ट्रपति के साथ किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच साझा करने वाले हैं। जब से ट्रंप ने इसमें शामिल होने की बात कही है, तब से यह कार्यक्रम दुनिया भर में सुर्खियाँ बन गया है। ऐसे में एक आम आदमी के जहन में यह सवाल उठ रहा होगा कि एक रैली में मोदी और ट्रंप उपस्थित रहेंगे और उसे संबोधित करेंगे, जैसा कि भारत में आम तौर पर होता है। इसमें नया क्या होने वाला है ? तो हम आपको वही बताने जा रहे हैं कि इस रैली और मोदी-ट्रंप की जोड़ी के संग आने से भारत को क्या फायदा हो सकता है ? दरअसल, इस रैली में ट्रंप अपने दोस्त पीएम मोदी को बड़ी GIFT देने का ऐलान कर सकते हैं। भारत के लिहाज से इस रैली को देखें, तो भारत को इस रैली से वार्षिक लगभग 20 करोड़ डॉलर का फायदा हो सकता है।

हाउडी मोदी को लेकर उत्साहित हैं ट्रंप

हाउडी मोदी रैली को लेकर अमेरिका में बसे भारतीय तो उत्साहित हैं ही, परंतु अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इसमें शामिल होने को लेकर बेहद उत्साहित नज़र आ रहे हैं। उनका कहना है कि मेरे इस इवेंट में शामिल होने से 50 हजार की संख्या में और इजाफा हो जाएगा। कैलिफोर्निया से वॉशिगटन डीसी लौटते समय जब पत्रकारों ने ट्रंप से सवाल पूछा कि क्या जब ह्यूस्टन रैली में वह भारतीय पीएम के साथ होंगे तो कुछ बड़े ऐलान हो सकते हैं ? इस पर उन्होंने कहा, ‘संभव है।’ उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय पीएम मोदी के साथ उनके संबंध काफी अच्छे हैं। हालाँकि क्या बड़े ऐलान हो सकते हैं ? इस बारे में उन्होंने कुछ भी विस्तार से नहीं कहा, परंतु अनुमान लगाया जा रहा है कि इस रैली में वह भारत को तरजीही देश (GENERALIZED SYSTEM OF PREFERENCES-GSP) का दर्जा लौटाने की घोषणा कर सकते हैं, जो अमेरिका ने तीन महीने पहले जून-2019 में छीन लिया था। दरअसल, भारत और अमेरिका के बीच जो व्यापार होता है उसमें ट्रंप ने भारत से शिकायत की थी कि भारत में अमेरिकी उत्पादों पर ज्यादा शुल्क लगाया जाता है, जो अमेरिका को स्वीकार्य नहीं है। इसके बाद भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी तनाव पैदा हो गया था। अमेरिका ने भारत से कारोबार में वरीयता की सूची से बाहर कर दिया था।

अब ट्रंप ने स्वयं स्वीकार किया है कि उनके भारतीय पीएम मोदी के साथ अच्छे संबंध हैं और यह भी कि वे हाउडी मोदी इवेंट के दौरान बड़ी घोषणा कर सकते हैं। यह दर्शाता है कि वह भारत को कारोबार में वरीयता देने की सूची में फिर से शामिल कर सकते हैं। क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स में भी कहा जा रहा है कि ह्यूस्टन में मोदी और ट्रंप की मुलाकात से पहले दोनों देशों के अधिकारी एक ट्रेड डील को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इससे पहले अमेरिकी संसद के पक्ष और विपक्ष के लगभग 44 सांसद भी ट्रंप को पत्र लिखकर उनसे भारत को उसका दर्जा वापस देने की माँग कर चुके हैं। इसलिये बड़ी संभावना है कि ट्रंप इस इवेंट में भारत को उसका दर्जा लौटाने की घोषणा कर सकते हैं।

क्या फायदा होगा भारत को यह दर्जा वापस मिलने से ?

भारत और अमेरिका के बीच जो व्यापारिक लेन-देन है। उसमें भारत अमेरिका से लगभग 28 उत्पाद खरीदता है, जबकि भारत अमेरिका में अपने लगभग 1900 उत्पाद निर्यात करता है। वर्ष 2017-18 में भारत ने अमेरिका को 48 अरब डॉलर यानी लगभग 3,39,811 करोड़ रुपये मूल्य के उत्पाद निर्यात किये थे। इनमें से मात्र 5.6 अरब डॉलर यानी लगभग 39,645 करोड़ रुपये मूल्य के उत्पादों का निर्यात जीएसपी रूट से किया गया था और इससे भारत को वार्षिक लगभग 19 करोड़ डॉलर यानी लगभग 1,345 करोड़ रुपये का ड्यूटी बेनिफिट हुआ था। इस प्रकार यदि यह दर्जा फिर से मिल जाता है तो भारत को फिर से यह फायदा मिलने लगेगा। यानी पीएम मोदी अमेरिका से भारत के लिये यह 19 करोड़ डॉलर की गिफ्ट ला सकते हैं।

भारत को कूटनीतिक फायदा भी होगा

बीते 3 महीने के भीतर पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की रविवार को हाउडी मोदी इवेंट में तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले जून में जापान में आयोजित हुई जी-20 देशों की समिट और पिछले महीने फ्रांस में आयोजित हुई जी-7 देशों की समिट में दोनों बड़े नेताओं की मुलाकात हुई थी। अब एक ही सप्ताह में दोनों नेता दो बार मिलेंगे। पीएम मोदी 21 से 27 सितंबर तक अमेरिका के दौरे पर हैं। पीएम मोदी शनिवार को ह्यूस्टन पहुँचेंगे और रविवार को हाउडी मोदी इवेंट में ट्रंप से मिलेंगे। इसके बाद न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र में भी दोनों नेता भाग लेने वाले हैं। इस दौरान भी महासभा के सत्र से इतर दोनों नेताओं की फिर से मुलाकात होगी। यदि केवल हाउडी मोदी रैली की ही बात की जाए तो दोनों नेताओं के मिलन से पूरी दुनिया इस इवेंट को तरजीह दे रही है। इससे पाकिस्तान और चीन की बेचैनी बढ़ी हुई है। क्योंकि दोनों नेताओं की गर्मजोशी ऐसे समय देखने को मिल रही है, जब पाकिस्तान कश्मीर को लेकर भारत के विरुद्ध झूठ फैलाने की कोशिशों में जुटा है। वह अमेरिका से भी इस मामले में मदद की गुहार लगा चुका है। ऐसे में मोदी से मिलने की ट्रंप की गर्मजोशी और दोनों नेताओं के बीच की दोस्ती पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ा सकती है। चीन और अमेरिका के बीच भी ट्रेड वॉर छिड़ी हुई है। ऐसे में अमेरिका का भारत को विशेष तरजीह देने से चीन की चिड़चिड़ाहट भी बढ़ना तय माना जा रहा है।

You may have missed