सक्रिय हुई ‘HR GANG’ : अब ‘भेंड़िये’ बन जाएँगे बेचारे और उन्हें मारने वाली पुलिस को कहा जाएगा ‘भेड़िया’ !

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* #HumanRights को क़रारा जवाब दे रहे #JusticeForDisha, #hyderabadpolice और #Encounter

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 6 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। जैसी कि अपेक्षा थी, वैसा ही हुआ। पिछले सात दिनों से हैदराबाद की हैवानियत भरी घटना को लेकर ट्विटर पर आक्रोश व्यक्त कर रहे लोगों के लिए शुक्रवार की सुबह ख़ुशी, सुकून और राहत की ख़बर लेकर आई। हैदराबाद सहित पूरे देश में हैदराबाद की महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म व उसकी हत्या के चारों आरोपियों को ढेर किए जाने की ख़बर से जहाँ जश्न का माहौल था, वहीं अपेक्षा के अनुरूप HUMAN RIGHTS GANG भी सक्रिय हो गई। मुठभेड़ में आरोपियों को मार गिराए जाने की ख़बर मिलते ही इस गैंग को मानो महीनों बाद कोई काम मिल गया। मानवाधिकारों की रक्षा की दुहाई देने वाले इस गिरोह के लोगों ने ट्विटर पर #HumanRights को ट्रेंड कर दिया और हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करने वाले ट्वीट शुरू कर दिए, परंतु देश की आम जनता कदाचित एचआर गैंग के चंद लोगों की बातों से इत्तेफाक़ नहीं रखती। यही कारण है कि ट्विटर पर जहाँ #HumanRights ट्रेंड कर रहा है, वहीं उससे सौ गुना तीव्र गति से #JusticeForDisha, #hyderabadpolice और #Encounter कर रहे हैं।

दिशा को ‘न्याय’, पर एचआर गैंग हुई दिशाहीन

यह सही है कि हैदराबाद पुलिस ने जिन परिस्थितियों में दिशा दुष्कर्म व हत्या कांड के आरोपियों को मौत के घाट उतारा, वह संदिग्ध हो सकता है, जाँच के योग्य हो सकता है, परंतु जनभावना की दृष्टि से देखा जाए, तो पुलिस को इस कार्य के लिए सराहा जा रहा है। पूरे देश में ट्विटर पर सहस्त्रों लोग हैदराबाद पुलिस को सलाम कर रहे हैं, परंतु मानवाधिकारों की दुहाई देने वालों ने वही किया, जो वे करते आए हैं। यही कारण है कि ट्विटर पर हैशटैग ह्यूमनराइट्स ट्रेंड करने लगा। मानवाधिकारों की दुहाई देने वाले हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई की आलोचना कर रहे हैं और हैदराबाद पुलिस को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं, परंतु हैशटैग ह्यूमनराइट्स से कई गुना अधिक ट्वीट्स हैशटैग जस्टिसफॉर दिशा हैशटैग हैदराबादपुलिस और हैशटैग एनकाउंटर पर किए जा रहे हैं। कई यू़ज़र्स मानवाधिकारों की दुहाई देने वालों को ही कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। कुछ लोग तो यहाँ तक कह रहे हैं कि कल तक दिशा की देह को नोंचने वाले भेड़िये अब इन मानवाधिकारों की नज़रों में बेचारे बन जाएँगे और उनका एनकाउंटर करने वाली पुलिस को भेड़ियों की श्रेणी में रख दिया जाएगा।

एचआर गैंग को 4 महीनों बाद मिला काम

यह ह्यूमन राइट्स गैंग को पूरे 4 महीनों बाद काम मिला है। यह गैंग गत 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद सक्रिय हुई थी। उस समय इस गैंग ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा कारणों से की गई कार्रवाइयों को लेकर मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर मोदी सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोला था, परंतु जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा बने रहे और इस एचआर गैंग को क़रारा जवाब मिल गया। इसके बाद से इस एचआर गैंग के पास कोई काम नहीं था। अब हैदराबाद पुलिस ने हैवानियत की हदों को पार कर देने वालों को उनके अंजाम तक पहुँचा दिया, तो एचआर गैंग को फिर से काम मिल गया। अब इनका विधवा विलाप ट्विटर पर ज़ोरों से चल रहा है।

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