कौन हैं मिंटी अग्रवाल और क्यों दिया जा रहा है उन्हें युद्ध सेवा मेडल ? जानिए यहाँ

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 14 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। हर साल की तरह इस साल भी 15 अगस्त के मौके पर वीरों को सम्मानित करने के लिये वीरता पुरस्कारों की घोषणा की गई है। इनमें भारतीय वायुसेना (IAF) के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान का नाम भी शामिल है, जिन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया जाएगा। हालाँकि अभिनंदन के साथ उस युद्ध में एक महिला ऑफीसर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसलिये IAF की इस महिला स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल को भी युद्ध सेवा मेडल से नवाजा जाएगा। चूँकि उस समय सुरक्षा कारणों से स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल का नाम गुप्त रखा गया था, इसलिये कम ही लोग हैं, जो मिंटी अग्रवाल की इस भूमिका के बारे में जानते हैं। आज हम उन्हीं के बारे में बात करेंगे।

कौन हैं महिला स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ?

बात इसी साल 14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर हुए आत्मघाती आतंकी हमले से जुड़ी है। इस हमले में 40 से अधिक भारतीय जवान शहीद हुए थे और पूरे देश में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों के विरुद्ध गुस्सा था। तभी शहीद सैनिकों की तेरहवीं से ठीक एक दिन पहले भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने 27 फरवरी तड़के लगभग 3.30 बजे पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक बड़े ट्रेनिंग सेंटर पर हमला बोल दिया और उसे ध्वस्त कर दिया, इस सेंटर में लगभग 300 आतंकी ट्रेनिंग ले रहे थे और रात के वक्त गहरी नींद में सो रहे थे। तभी भारतीय वायुसेना के बमों ने स्थल पर ही उनकी कब्रगाह खोद दी थी। इस घटना से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया था और पाकिस्तान ने इसे उस पर किये गये हमले की नज़र से देखा और अपने लड़ाकू विमानों को भारत में हमला करने के लिये भेजा, परंतु इससे पहले कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) भारतीय कश्मीर में घुस पाते वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने वहाँ पहुँचकर एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराया, जिससे अन्य चार से पाँच पाकिस्तानी फाइटर जेट को वहीं से उल्टे पाँव भाग जाना पड़ा। हालाँकि पाकिस्तानी फाइटर जेट ने अभिनंदन के फाइटर जेट को भी घेर लिया था और उस पर हमला कर दिया था, जिसमें अभिनंदन का जेट क्रेश हो गया था, परंतु अभिनंदन उससे कूद पड़े थे और परंतु वह पीओके में उतरे, जहाँ पाकिस्तानी सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद भारत के कूटनीतिक दबाव के चलते 1 मार्च को पाकिस्तान को उन्हें रिहा करना पड़ा और वह सकुशल भारत लौट आए थे।

इस बहादुरी के लिये अभिनंदन को इस 15 अगस्त को वीर चक्र नामक वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। हालाँकि अभिनंदन की इस वीरता में उनकी एक सहयोगी महिला स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने भी अहम भूमिका निभाई थी। जो उस समय वायुसेना के एक रडार कंट्रोल स्टेशन पर पोस्टेड थी। उन्होंने उस तनावपूर्ण वातावरण में अपनी भूमिका अच्छे से निभाई और परिस्थिति को समझदारी से सँभाला। जब पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने उनके एयरबेस से उड़ान भरी और पीओके के रास्ते भारतीय वायुसीमा में प्रवेश करने के लिये आगे बढ़े, तभी उन्होंने श्रीनगर स्थित वायुसेना के एयरबेस को सूचित कर दिया, जहां विंग कमांडर अभिनंदन सहित कई भारतीय लड़ाकू विमान हाई अलर्ट पर थे। फाइटर कंट्रोलर की भूमिका निभाने वाली स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल से सूचना मिलते ही अभिनंदन वर्तमान ने उड़ान भरी और अपनी वायुसीमा पर पहुँच गये थे। इस बीच स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल अभिनंदन को हर पल पाकिस्तानी जेट की स्थिति के बारे में उन्हें अवगत कराती रही, जिससे अभिनंदन इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा करने में सफल हुए। अब स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल पंजाब में वायुसेना के एक रडार कंट्रोल स्टेशन पर पोस्टेड हैं और गुरुवार को उन्हें युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा।

क्या है युद्ध सेवा मेडल ?

युद्ध सेवा पदक (MEDAL) युद्धकालीन समय के दौरान प्रतिष्ठित सेवा के लिये स्थापित सैन्य सम्मान है। युद्ध, संघर्ष या शत्रुता के समय विशिष्ट सेवा के लिये यह पदक प्रदान किया जाता है। इस सम्मान के हकदार को मरणोपरांत भी सम्मानित किया जा सकता है। यह सम्मान युद्धकालीन विशिष्ट सेवा पदक के समानांतर है, जो शांतिकाल का प्रतिष्ठित सेवा सम्मान है। यह पदक प्रदान करने की शुरुआत 26 जून-1980 से हुई है। यह सम्मान राष्ट्रपति के करकमलों से प्रदान किया जाता है। युद्ध सेवा मेडल भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना के साथ-साथ होम गार्ड्स लेकर सभी सशस्त्र सैन्य बलों और अर्ध सैन्य बलों में दिया जाने वाला पदक है। सेना, नौसेना और वायुसेना में इस पदक को प्राप्त करने वाले को 24 लाख रुपये की नकद राशि और स्वर्णपट्टिका प्रदान की जाती है।

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