अभिनंदन को ‘वीर चक्र’ : जानिए भारत के वीरता पुरस्कारों का गौरवशाली इतिहास !

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आलेख : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 14 अगस्त (युवाPRESS)। भारत सरकार ने वायुसेना के बहादुर विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को वीर चक्र से सम्मानित करने का निर्णय किया है। अभिनंदन वर्तममान वही जवान हैं, जिन्होंने फरवरी-2019 में भारतीय वायुसेना की ओर से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में की गई एयर स्ट्राइक के बाद भारत में घुस आए पाकिस्तानी वायुसेना के अमेरिकी निर्मित F-16 विमान को भारत के MIG 21 विमान से मार गिराया था। यद्यपि वे यह कारनामा करते हुए पाकिस्तान की धरती पीओके में पहुँच गए थे। पाकिस्तानी सेना के कब्जे में आने के बाद भी अभिनंदन ने अपनी मूछों की तरह भारत की नाक ऊँची रखी और मोदी सरकार के घातक कूटनीतिक प्रयासों के चलते सीना चौड़ा कर भारत लौटे। मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अभिनंदन वर्तमान को वीर चक्र से सम्मानित करने का निर्णय किया है। भारत सरकार की ओर से दिए जाने वाले वीरता पुरस्कारों में सबसे ऊपर परमवीर चक्र, दूसरे स्थान पर महावीर चक्र और तीसरे स्थान पर वीर चक्र आता है।

भारत सरकार युद्ध के दौरान शत्रुओं पर उच्च कोटि की शूरवीरता दिखाने वाले सेना के जवानों को वीरता पुरस्कार प्रदान करती है। भारत में वीरता पुरस्कारों का आरंभ 1950 में हुआ। आरंभ में परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र नामक वीरता पुरस्कारों की स्थापना की गई और ये पुरस्कार देने का निर्णय 15 अगस्त, 1947 के दिन से प्रभावी माना गया। पहली बार वीरता पुरस्कार देश में पहली बार मनाए गए गणतंत्र दिवस 26 जनवरी, 1950 को प्रदान किए गए। 4 जनवरी, 1952 को भारत सरकार ने तीन और वीरता पुरस्कार आरंभ किए, जिनके नाम थे अशोक चक्र श्रेणी – ।, अशोक चक्र श्रेणी – ।। और अशोक चक्र श्रेणी – ।।।, जिन्हें भी भी 15 अगस्त, 1947 से प्रभावी माना गया। जनवरी-1967 में इन तीनों वीरता पुरस्कारों के नाम बदल कर क्रमश: अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र कर दिए गए। वीरता पुरस्कार वर्ष में 2 बार गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषित और प्रदान किए जाते हैं। जहाँ तक अभिनंदन और वीर चक्र का प्रश्न है, तो अभिनंदन वर्तमान देश के 1,323वें वीर चक्र सम्मानित जवान बनेंगे। इससे पहले देश के 1,322 जवान वीर चक्र से सम्मानित हो चुके हैं।

क्या संदेश देते हैं वीरता पुरस्कारों के आकार ?

परम वीर चक्र

पदक : गोलाकार, कांस्य निर्मित, 1.38 इंच का व्यास और अग्रभाग पर केंद्र में उभरी हुई राज्य के प्रतीक ( ध्येय सहित ) के साथ “इन्द्र के वज्र” की चार प्रतिकृतियाँ। इसके पश्च भाग पर, इसमें हिन्दी और अंग्रेजी के बीच में दो कमल के फूलों के साथ हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में परम वीर चक्र उभरा हुआ होता है। इसकी फिटिंग घुमाऊ उभार युक्त है।

फीता : सादा बैंगनी रंग

महावीर चक्र

पदक : गोलाकार और स्टैण्डर्ड सिल्वर निर्मित है और इसके अग्र भाग पर पाँच कोनों वाला उभरा हुआ तारा उत्कीर्ण किया गया है, जिसके कोने गोलाकार किनारों को छू रहे हैं। इस पदक का व्यास 1.38 इंच का है। इसके केंद्र भाग में राज्य का प्रतीक (ध्येय सहित) उत्कीर्ण है, जो उभरा हुआ है। तारा पॉलिश किया हुआ है और केन्द्र भाग स्वर्ण-कलई में है। इसके पश्च भाग पर हिन्दी और अंग्रेजी शब्दों के बीच में दो कमल के फूलों के साथ हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में महावीर चक्र उत्कीर्ण किया गया है। इसकी फिटिंग घुमाऊ उभारयुक्त है।

फीता : आधा सफेद रंग और आधा नारंगी रंग का है।

वीर चक्र

पदक : गोलाकार और स्टैण्डर्ड सिल्वर निर्मित है और इसके अग्र भाग पर पाँच कोनों वाला उभरा हुआ तारा उत्कीर्ण किया गया है, जिसके कोने गोलाकार किनारों को छू रहे हैं। इसके केंद्र भाग में राज्य का प्रतीक (ध्येय सहित) उत्कीर्ण है जो उभरा हुआ है। तारा पॉलिश किया हुआ है और केन्द्र भाग स्वर्ण-कलई में है । इसके पश्च भाग पर हिन्दी और अंग्रेजी शब्दों के बीच में दो कमल के फूलों के साथ हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में वीर चक्र उत्कीर्ण किया गया है। इसकी फिटिंग घुमाऊ उभारयुक्त है।

फीता : आधा नीला रंग और आधा नारंगी रंग का है ।

अशोक चक्र

पदक : गोलाकार, दोनों तरफ रिमों के साथ 1.38 इंच का व्यास और स्वर्ण-कलई का है। इसके अग्रभाग पर, इसके केन्द्र में अशोक चक्र की प्रतिकृति उत्कीर्ण है, जिसके चारों ओर कमल-माला है। इसके पश्च भाग पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में “अशोक चक्र” शब्द उत्कीर्ण होता है, दोनों रूपांतरण दो कमल के फूलों से अलग-अलग होते हैं।

फीता : नारंगी खड़ी लाइन द्वारा दो बराबर भागों में विभाजित हरे रंग का।

कीर्ति चक्र

पदक : गोलाकार और स्टैण्डर्ड सिल्वर निर्मित 1.38 इंच का व्यास है। इस मेडल के अग्र भाग पर केन्द्र में अशोक चक्र की प्रतिकृति उत्कीर्ण है, जो कमल-माला से घिरी हुई है। इसके पश्च भाग पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में कीर्ति चक्र उत्कीर्ण है और ये रूपान्तरण कमल के दो फूलों द्वारा अलग-अलग होते हैं।

फीता : दो नारंगी खड़ी लाइनों द्वारा तीन बराबर भागों में विभाजित हरे रंग का।

शौर्य चक्र

पदक : गोलाकार और कांस्य निर्मित 1.38 इंच का व्यास है। इस मेडल के अग्र भाग पर केन्द्र में अशोक चक्र की प्रतिकृति उत्कीर्ण है, जो कमल-माला से घिरी हुई है। इसके पश्च भाग पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में शौर्य चक्र उत्कीर्ण है और ये रूपान्तरण कमल के दो फूलों द्वारा अलग-अलग होते हैं।

फीता : तीन खड़ी लाइनों द्वारा बराबर भागों में विभाजित हरे रंग का।

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