इस IAS अफसर की पहल से बदल रहा नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा

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Dantewada

छत्तीसगढ़ का दंतेवाड़ा जिला अपनी पुरातन आदिवासी संस्कृति, घने जंगलों आदि के लिए पूरे देश में जाना जाता है। लेकिन पिछले कुछ सालों से यह जिला गलत कारणों से चर्चा में बना हुआ है। दरअसल दंतेवाड़ा नक्सलियों के गढ़ के रुप में जाना जाता रहा है, लेकिन अब एक IAS अफसर ने दंतेवाड़ा की यह पहचान बदलने की ठान ली है। जिसमें उन्हें अपने सहयोगी अधिकारियों का भी खूब साथ मिल रहा है।

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शिक्षा से बदलेगी तस्वीर

कहा जाता है कि शिक्षा ही ऐसी चीज है, जो अंधकार में उम्मीद का दीया जला सकती है। शायद यह बात दंतेवाड़ा के जिलाधिकारी और 2009 बैच के IAS अफसर सौरभ कुमार ने अच्छे से समझ ली है। उसी का नतीजा है कि आज वह दंतेवाड़ा में शिक्षा की अलख जगाने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि सौरभ कुमार जब दंतेवाड़ा में जिलाधिकारी के तौर पर आए थे, उस वक्त दंतेवाड़ा खून-खराबे और हिंसा के दौर से गुजर रहा था। ऐसे हालात में युवा IAS अफसर को लगा कि दंतेवाड़ा के बिगड़े हालात का सबसे बड़ा कारण यहां के युवाओं का शिक्षा और अपने करियर के प्रति जागरुक नहीं होना है। जिस कारण युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं।

युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरुक करने के उद्देश्य से ही सौरभ कुमार ने एक मुहिम की शुरुआत की। इसके तहत IAS अधिकारी हर बुधवार को 2 घंटे का एक काउंसलिंग सेशन आयोजित करते हैं। जिसमें जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों के 70-80 छात्र शामिल होते हैं। उसके बाद आईएएस सौरभ कुमार और उनके सहयोगी अधिकारी इन युवा छात्रों को करियर संबंधी जानकारी देते है। इस सेशन में छात्रों को रुचि के आधार पर करियर चुनने और उस फील्ड की पूरी जानकारी दी जाती है। इस सेशन के दौरान छात्रों के खाने का भी इंतजाम किया जाता है। जिलाधिकारी की इस मुहिम को “Lunch With the Collector” का नाम दिया गया है।

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आईएएस सौरभ कुमार की इस शानदार मुहिम का असर भी दंतेवाड़ा में साफ दिखाई देने लगा है। अब जिले के युवा अपने करियर को लेकर कॉन्फिडेंट हैं और उनकी आंखों में भविष्य के सुनहरे सपने दिखाई देते हैं। इतना ही नहीं आईएएस सौरभ कुमार छात्रों के माता-पिता और टीचरों से भी मुलाकात करते हैं और उन्हें भी गाइड करते हैं। सेशन के बाद छात्रों, टीचरों और माता-पिता का फीडबैक भी लेते हैं, ताकि सेशन को और भी ज्यादा बेहतर बनाया जा सके।

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आईएएस सौरभ कुमार खुद इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं और पिछले कई सालों से दंतेवाड़ा में अपनी इस मुहिम के जरिए हजारों-लाखों युवाओं का जीवन बदल रहे हैं। आईएएस सौरभ कुमार को बेहतरीन कामों के लिए साल 2017 में प्रधानमंत्री अवार्ड से नवाजा जा चुका है।

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