इन वजहों से ‘ICAN’ को मिला Nobel Peace Prize

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ICAN (International Campaign to Abolish Nuclear Weapons) has been awarded Nobel Peace Prize-2017. पुरस्कार लेते हुए ICAN की Executive Director बिट्रीस फिन (Beatrice Fihn) ने कहा कि विश्व में तनाव इतना बढ़ चुका है कि मानवता खतरे में है। शीतयुद्ध (Cold War) के दौरान भी दुनिया में इतनी तनाव नहीं थी। बिट्रीस फिन ने  North Korea और America के बीच जारी तनाव की तरफ इशारा करते हुए कहा कि गैर जिम्मेदार नेता सत्ता पर काबिज हो गए हैं। इनके गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते परमाणु हमले का खतरा बढ़ गया है।

ICAN एक International NGO है

Geneva, Switzerland based ICAN एक इंटरनेशनल NGO है जो परमाणु हथियार के खात्मे के लिए काम कर रही है। ICAN को 2007 में Vienna, Austria में लांच किया गया था। ICAN के लिए 468 NGO हैं जो 100 से ज्यादा देशों में काम कर रही है। ICAN के सफल प्रयास की वजह से 122 देशों ने परमाणु हथियार निवारण के लिए United Nations की संधि को मंजूरी दी है। हालांकि 9 परमाणु संपन्न देशों (Atomic countries )ने इसका समर्थन नहीं किया है जिसमें अमेरिका, चीन, रूस और फ्रांस जैसे देश शामिल हैं। ICAN की मुहिम International Campaign to Ban Landmines से प्रभावित है। International Campaign to Ban Landmines को साल 1997 में Nobel Prize मिला  था।

Nuclear Weapons के खिलाफ काम कर रही है

ICAN  United Nations के सामने उन लोगों की कहानी लेकर आया जो परमाणु हमले के पीड़ित हैं। Nobel Peace Prize मिलने के बाद विश्व की तमाम हस्तियां “We need a world without nuclear weapons” की अपील कर रहे हैं। कई हस्तियों ने कहा कि Nobel Committee ने जो फैसला लिया है उसका मतलब है कि यह पूरे विश्व की सामूहिक जिम्मेदारी है और समय की दरकार है कि  मानवता के खातिर “World without nuclear weapons” के बारे में सोचे और इस दिशा में काम करे।

जब Chemical weapons पर बैन तो Nuclear weapons पर क्यों नहीं ?

आईकैन की Executive Director बिट्रीस फिन (Beatrice Fihn) ने कहा कि इस सम्मान से हमारे कैम्पेन को ताकत मिलेगी। Nuclear Weapons के खिलाफ जितने लोग और संस्थाएं काम कर रही हैं उनका विश्वास काफी बढ़ा है। Nobel Peace Prize के लिए 215 Individuals and 103 Organisations nominated थे। Nobel committee chairwoman Berit Reiss-Andersen ने पूछा कि Chemical and Biological weapons पर International Ban लगा हुआ है लेकिन उससे ज्यादा खतरनाक Nuclear Weapon पर बैन क्यों नहीं होना चाहिए? नोबेल कमेटी ने इसी आधार पर ICAN को Nobel Peace Prize-2017 के लिए चुना।

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