अपना ‘कचरा’ भारत को दे दो इमरान, तभी बनेगा NEW PAKISTAN !

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* एक हाफिज़ से नहीं होगा पाकिस्तान का उद्धार

* भारत के वांछित अपराधियों की लंबी है कतार

विश्लेषण : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 17 जुलाई, 2019 (युवाPRESS)। पहले पाकिस्तानी मीडिया, फिर भारतीय मीडिया में आज दोपहर अचानक बिग ब्रेकिंग न्यूज़ के रूप में हाफिज़ सईद प्रकट हुआ। 2008 के मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और भारत विरोधी विष-वमन करने वाले हाफिज़ को पाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया। अब आप ही बताइए कि हाफिज़ की गिरफ्तारी भी भला कोई ब्रेकिंग न्यूज़ हो सकती है ?

हाफिज़ सईद की गिरफ्तारी की ब्रेकिंग न्यूज़ देते हुए पाकिस्तानी मीडिया अपनी इमरान खान सरकार की तारीफ़ों के पुल बांध रहा था, तो भारतीय मीडिया इस गिरफ्तारी को पाकिस्तान की नौटंकी बताते हुए इमरान खान सरकार को कोस रहा था। कुल मिला कर मीडिया में हाफिज़… हाफिज़…. हो गया, परंतु क्या एक हाफिज़ से पाकिस्तान का हो जाएगा उद्धार ? न्यू पाकिस्तान का सपना दिखा कर सत्ता में आए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान गुरुवार को अमेरिका यात्रा पर रवाना होने से पहले अंतरराष्ट्रीय समाज को यह दिखाना चाहते थे के पाकिस्तान आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई कर रहा है। इतना ही नहीं, कंगालियत से जूझ रहे पाकिस्तान पर फाइनांशियल एक्शन टास्क फोर्स (FAFT) का भी भारी दबाव है। ऐसे में इमरान सरकार ने हाफिज़ को गिरफ्तार कर एफएएफटी की ग्रे लिस्ट में पाकिस्तान को जाने से बचाने की कोशिश की है।

यह तो पाकिस्तान की स्व-रक्षा रणनीति की बात हो गई, परंतु मूल प्रश्न यह है कि क्या केवल हाफिज़ को गिरफ्तार करना कोई बड़ी ख़बर हो सकती है, क्योंकि इससे पहले भी हाफिज़ कई बार गिरफ्तार किया जा चुका है ? यदि वास्तविक गिरफ्तारी होती, तो आज की गिरफ्तारी की ब्रेकिंग न्यूज़ की जरूरत ही नहीं रहती। वैसे न भारतीय मीडिया को और न ही भारत सरकार को पाकिस्तान सरकार के हाफिज़ की गिरफ्तारी के कदम से कोई आश्चर्य है और न ही कोई आशा है, क्योंकि पूरा भारत जानता है कि यह केवल नौटंकी है।

सच्चाई तो यह है कि यदि इमरान खान पूरी दुनिया में आतंकिस्तान के रूप में कुख्यात हो चुके अपने पाकिस्तान देश के नाम को सार्थक करना चाहते हैं, वास्तव में उसे पवित्र धरती बनाना चाहते हैं, सचमुच न्यु पाकिस्तान का निर्माण करना चाहते हैं, तो उनके इन सुद्देश्यों को सार्थक करने में सबसे बड़ा सहायक भारत हो सकता है। इमरान को न्यू पाकिस्तान का निर्माण करने के लिए ज़्यादा कुछ करने की ज़रूरत नहीं है। बस, इमरान खान पाकिस्तान में पड़े ‘कचरे’ को भारत को सौंप दे, तो एक स्वच्छ, निर्मल, नए पाकिस्तान का स्वत: निर्माण और उदय हो जाएगा।

ऐसा कचरा, जो भारत-पाक दोनों की करेगा उन्नति

आइए अब आपको बताए देते हैं कि वह कौन-सा कचरा है, जो भारत और पाकिस्तान दोनों की शांति और उन्नति के बीच सेतु का काम कर सकता है ? वह कचरा है पाकिस्तान की धरती पर पल रहे, पनप रहे और आश्रय पा रहे हाफिज़ सईद जैसे सैकड़ों आतंकवादी, जो भारत के मोस्ट वॉण्टेड अपराधी हैं। पाकिस्तान केवल हाफिज़ की गिरफ्तारी भर से पवित्र धरती नहीं बन सकता। यदि इमरान खान सरकार में साहस है, तो वह हाफिज़ सईद को भारत को सौंपे। इमरान सरकार भारत को नज़रअंदाज़ कर आतंक के विरुद्ध कार्रवाई की नौटंकी भले करे, परंतु दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में पोषित आतंक का सबसे बड़ा शिकार भारत है। ऐसे में जब तक इमरान खान और उनकी सरकार भारत के सौंपे डोज़ियर के अनुसार आतंकवादियों का कचरा भारत को नहीं सौंपते, तब तक न्यू पाकिस्तान का सपना महज एक सपना ही रहेगा। इमरान सरकार की आतंक के विरुद्ध कार्रवाई तभी सार्थक और सटीक मानी जाएगी, जब वह भारत के दृष्टिकोण के अनुसार हो। कहने का तात्पर्य यह है कि पाकिस्तान और स्वयं प्रधानमंत्री इमरान खान भी अच्छी तरह जानते हैं कि उनके देश में भारत के मोस्ट वॉण्टेड अपराधी बड़ी संख्या में बैठे हुए हैं। इनमें हाफिज़ सईद ही नहीं, अपितु मौलाना मसूद अज़हर, सैयद सलाउद्दीन, डॉन दाउद इब्राहीम, मेमन इब्राहिम उर्फ टाइगर मेमन, शेख शकील उर्फ छोटा शकील, मेमन अयूब अब्दुल रज़ाक, अनीस इब्राहिम कासकर, शेख अनवर, अहमद हाज़ी जमाल, मोहम्मद अहमद दोसा, लखबीर सिंह, परमजीत सिंह पंजवार, रणजीत सिंह उर्फ नीता और वाधवा सिंह, साजिद माजिद, मेजर इकबाल, मेजर समीर अली, सैयद अब्दुल रहमान उर्फ पाशा और अबु हमजा, जावेद पटेल, सलेम अब्दुल गनी गाज़ी, रियाज़ अबु बकर खत्री, मुनाफ अब्दुल माजिद हलारी, मोहम्मद तैनूर, खान बशीर अहमद एनुल हक़ खान, याकूब खान, मोहम्मद शफी, मेमन, इरफान अहमद गुलज़ार, फिरोज़ अब्दुल राशिद खान, इशाक़ अता हुसैन उर्फ अली मूसा, सागिर साबिर अली शेख, आफताब बतकी, राशिद अब्दुल्ला रहमान, चीमा आज़म, ज़बीउद्दीन ज़बी, इब्राहिम अतहर, अज़हर युसुफ, मिस्त्री ज़हूर इब्राहिम उर्फ भोला, सैयद शाहिद अख्तर शाक़िर मोहम्मद उर्फ राम गोपाल वर्मा, अब्दुल रउफ, सूफियाँ मुफ्ती, नाचन अकमल, ख़ान वाझुल कमर, चानेपरांबिल मोहम्मद बशीर और आमिर खान भी शामिल हैं। ये सारे आतंकिस्तान का वो कूड़ा है, जो भारत में हुए किसी न किसी आतंकी हमले में शामिल है। इस कूड़े को जब तक इमरान सरकार भारत को नहीं सौंपेगी, तब तक न्यू पाकिस्तान का सपना कोरी कल्पना ही बना रहेगा।

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