COMEDY SHOW बन गई PC : इमरान कश्मीर पर ‘कराहते’ रहे, ट्रम्प मोदी को ‘सराहते’ रहे

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* ट्रम्प ने इमरान से पूछा, ‘आप ऐसे पत्रकार लाते कहाँ से हैं ?’

* कश्मीर पर पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा की ट्रम्प ने हवा निकाल दी

* पाकिस्तान-इमरान की फिर हुई इंटरनेशनल बेइज्ज़ती

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 24 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। आपने दुनिया के दो देशों की कई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंसेज़ (PC) देखी होंगी, परंतु सोमवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जो कदाचित दुनिया की पहली कॉमेडी पीसी बन गई। ऐसा नहीं है कि इस पीसी में कोई गंभीर व्यक्ति या गंभीर मुद्दे नहीं थे, परंतु पीसी में शामिल एक पक्ष जब बचकाना बातें करे, तो दूसरा गंभीर पक्ष स्वत: ही अगंभीर होकर उपहास (मज़ाक) के मूड में आ गया।

जी हाँ। हम बात कर रहे हैं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में, जो महज़ पाकिस्तान की नादानी के चलते महज़ एक कॉमेडी शो बन कर रह गई। गत 5 अगस्त से कश्मीर मुद्दे पर आकुल-व्याकुल इमरान खान और उनके पिट्ठू पाकिस्तानी पत्रकार इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपना दुष्प्रचार का एजेंडा चलाना चाह रहे थे, परंतु दूसरी तरफ डोलाल्ड ट्रम्प पर छाया HOWDY MODI का ख़ुमार अभी तक उतरा नहीं था। इमरान और पाकिस्तानी पत्रकार कश्मीर पर कराहते रहे और डोनाल्ड ट्रम्प ने उनकी कराह के जवाब में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफों के न पुल बांधे। इतना ही नहीं, इमरान और पाकिस्तानी पत्रकार कश्मीर पर अपने दृष्टिकोण से गंभीर सवाल कर रहे थे, परंतु ट्रम्प ने न केवल पाकिस्तानी पत्रकारों की हवा निकाल दी, अपितु इमरान की भी ऐसे पत्रकारों को लाने पर ख़बर ले डाली, जिससे इमरान कुछ क्षण के लिए बुरी तरह झेंप गए।

इमरान की भारत को घेरने की कोशिश, ट्रम्प ने बताया खुशकिस्मत

इस पीसी में इमरान खान और पाकिस्तानी पत्रकारों की जम कर खिल्ली उड़ी। इमरान, ट्रम्प और पाकिस्तानी पत्रकारों के सवालों के दौरान जहाँ एक तरफ इमरान और पाकिस्तानी पत्रकारों ने खुद को बेहद गंभीर दिखाने का प्रयास किया, वहीं ट्रम्प ने उन्हें ही गंभीरता ले नहीं लिया। इमरान ने कहा, ‘मैं राष्ट्रपति से अफग़ानिस्तान पर बात करना चाहता हूँ। अफग़ानिस्तान हमारे लिए एक बड़ा मुद्दा है क्योंकि अफग़ानिस्तान में स्थिरता का मतलब है पाकिस्तान में भी स्थिरता। इसके अलावा हम पाकिस्तान के तीनों पड़ोसी- अफग़ानिस्तान, ईरान और भारत के बारे में भी बात करना चाहते हैं।’ अफग़ानिस्तान का मुद्दा उठा कर इमरान परोक्ष रूप से भारत को घेरने की कोशिश करते दिखे, क्योंकि भारत अफग़ानिस्तान में शांति के लिए सकारात्मक प्रयास कर रहा है, जो पाकिस्तान और इमरान से बर्दाश्त नहीं हो रहा। इमरान के इस वक्तव्य से ऐसा लगा, जैसे इमरान बदकिस्मत हैं कि उन्हें ऐसे पड़ौसी मिले, परंतु ट्रम्प ने जो उत्तर दिया, उससे कदाचित इमरान का माथा घूम गया होगा। ट्रम्प ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘वे (इमरान) बहुत ही दोस्ताना पड़ोसियों के बीच में रहते हैं।’ इमरान गंभीर थे, परंतु ट्रम्प के जवाब से पीसी में ठहाके शुरू हो गए।

कश्मीर पर नोबेल शांति पुरस्कार का लालच

इस पीसी में कश्मीर के मुद्दे पर इमरान और पाकिस्तानी पत्रकार इस कदर ओछी हरकत पर उतर आए कि वे यह भूल गए कि वे दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति के साथ-समक्ष बैठे हैं। एक पाकिस्तानी पत्रकार ने तो ट्रम्प को नोबेल शांति पुरस्कार का लालच दे दिया। उन्होंने ट्रम्प से कहा, ‘अगर आप कश्मीर के लंबित मुद्दे को हल करा देते हैं तो आपको निश्चित तौर पर नोबेल पुरस्कार मिलेगा।’ इस पर ट्रम्प ने क़रारा और कटाक्ष भरा जवाब देते हुए अपने पूर्ववर्ती बराक ओबामा तक को घेर लिया। ट्रम्प ने कहा, ‘गर साफ-सुथरे तरीके से यह पुरस्कार दिए जाएं तो मुझे लगता है कि मुझे कई अन्य चीजों के लिए नोबल पुरस्कार मिल सकता है। वे बराक ओबामा को देते हैं। उनके राष्ट्रपति बनने के ठीक बाद दे देते हैं और मुझे नहीं समझ आता कि उन्हें क्यों दिया गया ?’

ट्रम्प ने पूछा, ‘ऐसे रिपोर्ट्स पाते कहाँ से हैं ?’ और झेंप गए इमरान

दो देशों के प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत होनी चाहिए, परंतु इस पीसी में पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों की बात कम और कश्मीर की बात अधिक करने की कोशिश की गई, जिससे ट्रम्प परेशान हो गए। पाकिस्तानी पत्रकार लगातार कश्मीर पर अपने देश का प्रोपेगैंडा चलाने का प्रयास कर रहे थे। इसी प्रयास के तहत एक पत्रकार ने ट्रम्प से पूछा, ‘मिस्टर प्रेसिडेंट आपने प्रधानमंत्री (इमरान) से पिछली मुलाक़ात में कश्मीर पर मध्यस्थता की बात कही थी। तब से स्थितियाँ बहुत जटिल हो चुकी हैं और भारत लगातार मध्यस्थता की बात को ख़ारिज कर रहा है। इस पर अब आपका रुख क्या है ?’ ट्रम्प ने जवाब दिया, ‘अगर मैं मदद कर सकता हूं तो मैं जरूर मदद करूंगा। अगर दोनों (पाकिस्तान और भारत) चाहते हैं तो मैं यह करने के लिए तैयार हूँ।’ ट्रम्प के इस उत्तर का सीधा अर्थ था कि वे भारत की मरजी के बिना मध्यस्थता नहीं करेंगे। इससे परेशान पाकिस्तानी पत्रकार ने अगला सवाल पूछा, ‘आप दोनों पक्षों को मध्यस्थता को स्वीकार करने और इसके लिए सहमत होने के लिए कह रहे हैं। इनमें से एक पक्ष (भारत) संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन करने वाला है। कश्मीर के पूरे इलाके को मर्ज कर रहा है।’ ट्रम्प ने इस पत्रकार को बीच में ही टोक कर झिड़का और उसकी पत्रकारिता पर सवाल खड़े करते हुए कहा, ‘इस तरह के रिपोर्टर को मैं पसंद करता हूँ। मैं इस रिपोर्टर को पसंद करता हूँ। क्या आप इनकी (इमरान) टीम (प्रतिनिधिमंडल) का हिस्सा हैं ?’ इमरान की बोलती बंद हो गई, परंतु यह तो ट्रम्प का ट्रेलर था। पिक्चर अभी बाकी थी। अब एक पाकिस्तानी पत्रकार ने कश्मीर का राग आलापना जारी रखते हुए झूठ का पुलिंदा खोला, ‘कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। 50 दिनों से लॉकडाउन चल रहा है, इंटरनेट नहीं है, खाना नहीं है, कुछ भी नहीं है। आप कश्मीरियों के लिए क्या करेंगे ?’ इस प्रश्न पर ट्रम्प का धैर्य टूट गया और उन्होंने ऐसा उत्तर दिया कि इमरान खान बुरी तरह झेंप गए। ट्रम्प ने इस प्रश्न के उत्तर में इमरान से ही प्रतिप्रश्न ही कर डाला, ‘आप (इमरान) ऐसे रिपोर्ट्स पाते कहाँ से हैं? आप (इमरान) जो सोच रहे हैं, ये (पत्रकार) वही कर रहे हैं। आपका (पत्रकार) सवाल एक बयान है।

मोदी के रंग में रंगे हुए थे ट्रम्प

इस पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जहाँ एक तरफ इमरान और पाकिस्तानी पत्रकार कश्मीर का अनावश्यक-अतिरिक्त बोझ ढो रहे थे, वहीं दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रम्प पर अभी भी हाउडी मोदी का ख़ुमार छाया हुआ था। इस पीसी में ट्रम्प ने भारत और मोदी के संबंध में भी कई बातें कहीं। ट्रम्प ने कहा, ‘भारत से हमारे संबंध अच्छे हैं, आशा है कि दोनों देश साथ आएंगे। मुझे पाकिस्तान पर भरोसा है कि वह सही करेगा, परंतु सामने बैठे लोगों (पाकिस्तानी मीडिया) को ही उन पर भरोसा नहीं है।’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘हाउडी मोदी’ में नरेंद्र मोदी के भाषण की प्रशंसा की। ट्रंप ने कहा कि अनुच्छेद 370 पर नरेंद्र मोदी ने आक्रामक भाषण दिया, लोगों ने भी उसे काफी पसंद किया है। वहाँ बैठे लोग काफी ध्यान से उन्हें सुन रहे थे।

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