पर्यटन उद्योग के BRAND AMBASSADOR हैं मोदी : पाँच वर्षों में सर्वाधिक रोजगार देने वाला देश बना भारत

Written by

2018 में 2.67 करोड़ रोजगार उत्पन्न हुए, 2029 तक 5.3 करोड़ हो जाएगी रोजगार की संख्या

रिपोर्ट : विनीत दुबे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन काल में भारत पर्यटन के क्षेत्र में सर्वाधिक रोजगार देने वाला देश बन गया है। अकेले 2018 में पर्यटन क्षेत्र में 2.67 करोड़ रोजगार उत्पन्न हुए। 2029 तक पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संख्या बढ़कर 5.3 करोड़ तक पहुँचने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल परिसंघ (FICCI) और यस बैंक की संयुक्त रिपोर्ट ‘इण्डिया इनबाउण्ड टूरिज्म : अनलॉकिंग दी अपॉर्च्युनिटीज़’ के अनुसार मोदी शासन में भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार मोदी शासन में भारतीय अर्थ व्यवस्था को पर्यटन क्षेत्र से गति मिली है। 2018 में इस क्षेत्र से 6.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 247.3 बिलियन अमेरिकन डॉलर यानी 16.91 ट्रिलियन भारतीय रुपये की आय हुई, जो कुल अर्थ व्यवस्था का 9.2 प्रतिशत भाग है। 2029 तक भारतीय पर्यटन क्षेत्र 6.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 35 ट्रिलियन तक पहुँच जाएगा, जो कुल जीडीपी का 9.6 प्रतिशत होगा। जीडीपी में योगदान के मामले में अभी भारत दुनिया का 8वां सबसे बड़ा देश और दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा बाजार है।

केन्द्रीय पर्यटन राज्यमंत्री अल्फोंस कन्नमथानम के अनुसार मोदी सरकार के नेतृत्व में पर्यटन को बढ़ावा मिलने से देश के युवाओं को रोजगार के भरपूर अवसर मिल रहे हैं और भारत पर्यटन के क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार देने वाला देश बन गया है। अल्फोंस के अनुसार जिन लोगों को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार मिल रहा है, उनमें सर्वाधिक गरीब हैं। उन्होंने कहा कि देश में लगभग 8.21 करोड़ लोगों को पर्यटन क्षेत्र में रोजगार मिल रहा है। विदेशों में भारतीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये पर्यटन मंत्रालय की ओर से अमेरिका, यूरोप, चीन सहित विविध देशों में कई प्रकार के अभियान चलाये जा रहे हैं, जिससे भारत विदेशी पर्यटकों फेवरिट डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। यह मोदी सरकार का ही करिश्मा है कि आज भारत में विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ युनिटी गुजरात में है। सरदार वल्लभभाई पटेल की यह प्रतिमा भारत ही नहीं, पूरे विश्व के आकर्षण का केन्द्र बनी है।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये मोदी सरकार 165 देशों के नागरिकों को ई-वीज़ा की सुविधा उपलब्ध करा रही है। 25 हवाई अड्डों तथा 5 बंदरगाहों पर यह सुविधा दी जा रही है। पर्यटकों की सुविधा के लिये चौबीसों घण्टे खुली रहने वाली बहुभाषीय हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। वीज़ा ऑन अराइवल सुविधा तथा ई-टूरिज्म विज़ा प्रारंभ होने से भी विदेशी सैलानियों की भारत के प्रति रुचि और बढ़ी है, वह बड़ी संख्या में भारत आ रहे हैं। ई-विज़ा की वैधता सीमा भी 30 दिन से बढ़ाकर 60 दिन कर दी गई है। भारत आने वाले पर्यटकों को वेलकम कार्ड देने की भी शुरुआत की गई है।

सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि प्रधानमंत्री स्वयं भारतीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये व्यक्तिगत रुचि लेते हैं और विदेश दौरों में भारत की विविधता को प्रचारित करते हैं। ऐसा करके मोदी स्वयं भारतीय पर्यटन उद्योग के लिए एक ब्रांड अम्बेसैडर की भूमिका भी निभाते हैं। भारत में कश्मीर, केरल, राजस्थान और पश्चिम बंगाल की अपनी-अपनी प्राकृतिक संपदा है, जिनकी आपस में कोई तुलना नहीं की जा सकती है। प्राकृतिक सौंदर्य हो या नई तकनीक, संगीत-साहित्य हो या योग-अध्यात्म, भारत जैसी अनेकता में एकता का दृष्टांत और कहीं नहीं मिलता है।

भारत का अध्यात्म हमेशा से ही विश्व के लिये उत्सुकता का विषय रहा है, इसलिये सरकार आध्यात्मिक पर्यटन और तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिये कई योजनाएँ भी चलाई जा रही हैं। भारत की सबसे पूज्य गंगा नदी केवल भारतीयों की आस्था का ही प्रतीक नहीं है, इसका प्रभाव विदेशियों पर भी उतना ही है, इसलिये भारत का अध्यात्म विदेशियों के लिये एक बहुत बड़ा आकर्षण है। गंगा के घाट हों या लद्दाख के बौद्य स्थल, इनका आकर्षण देशी और विदेशी सैलानियों में बढ़ता ही रहा है।

मोदी सरकार ने विदेशी सैलानियों के अलावा देश के सैलानियों के लिये भी स्वदेश दर्शन योजना शुरू की है। स्वदेश दर्शन की थीम पर टूरिस्ट सर्किट का विकास किया जा रहा है, जिसमें 13 सर्किट की पहचान की गई है। पूर्वोत्तर भारत सर्किट, बौद्ध सर्किट, हिमालयन सर्किट, तटीय सर्किट, कृष्णा सर्किट, मरुस्थल सर्किट, जन-जातीय सर्किट, इको सर्किट, वन्यजीव सर्किट, ग्रामीण सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट, रामायण सर्किट और विरासत सर्किट।

इसी प्रकार प्रसाद योजना में देश के 25 महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों की पहचान की गई है। इसके अलावा अन्य आकर्षणों में क्रूज, चिकित्सा, निरोगता, गोल्फ, पोलो, प्रदर्शनी, फिल्म पर्यटन शामिल है।

Article Categories:
News · World Business

Leave a Reply

Shares