महबूबा के ‘मिट जाओगे…’ वाले TWEET पर गंभीर का करारा पलटवार, ‘भारत आपके जैसा धब्बा नहीं, जो मिट जायेगा’

कश्मीरियों के तथाकथित मसीहा बने फिर रहे कश्मीरी नेताओं के एक के बाद एक भारत की संप्रुभता को चुनौती देने वाले वक्तव्य आ रहे हैं, जिनका कांग्रेस तो कोई जवाब देने की स्थिति में है ही नहीं, परंतु भाजपा और उसके नेता हर वक्तव्य अनुकूल प्रत्युत्तर दे रहे हैं। विशेषकर कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने में सबसे बड़ी अड़चन धारा 370 को हटाने के भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और उसके बाद भाजपा के संकल्प पत्र में उसका उल्लेख होने के बाद इन कश्मीरी नेताओं की बौख़लाहट और बढ़ गई है। एक तरफ कांग्रेस की सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेता फारूक़ अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला, तो दूसरी तरफ पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी (PDP) नेता महबूबा मुफ्ती ने भाजपा के विरुद्ध मोर्चा खोल रखा है और अनर्गल वक्तव्यों की झड़ी लगा दी है।

भाजपा नेता व पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर तथा पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती (फाइल चित्र)

कश्मीर के ऐसे नेताओं के विरुद्ध अब भाजपा की ओर से पूर्व क्रिकेटर और हाल ही में भाजपा में प्रवेश करने वाले गौतम गंभीर ने मोर्चा संभाला है। दरअसल कश्मीरियत के नाम पर राष्ट्रविरोधी वक्तव्य देने वाले फारूक़, उमर और महबूबा के लोकसभा चुनाव लड़ने पर रोक लगाने के लिये दिल्ली हाई कोर्ट (HC) में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका से भड़कीं महबूबा ने TWITTER पर अपना रोष व्यक्त किया और TWEET किया, ‘अदालत में वक्त बरबाद करने की जरूरत ही क्या है ? इसके लिये भाजपा की ओर से धारा 370 खत्म करने का इंतजार करना चाहिये।’ऐसा कहने के पीछे उनकी ख़याली पुलाव वाली सोच है कि यह धारा 370 हटते ही कश्मीर भारत से अलग हो जायेगा और भारत का संविधान कश्मीर में लागू नहीं होगा। महबूबा यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने आगे लिखा, ‘नहीं समझोगे, तो मिट जाओगे हिन्दुस्तान वालों। तुम्हारी दास्तान तक नहीं होगी दास्तानों में।’

महबूबा के इस ट्वीट पर गौतम गंभीर ने करारा पलटवार किया। उन्होंने महबूबा को ट्वीट करके ही जवाब दिया, ‘यह भारत है, कोई आपके जैसा धब्बा नहीं, जो मिट जाएगा।’ गौतम के इस ट्वीट का महबूबा ने जवाब दिया कि, ‘उम्मीद करती हूं कि भाजपा में आपकी राजनीतिक पारी आपके क्रिकेट करियर जैसी बुरी न हो।’ फिर गौतम ने भी जवाब में ट्वीट किया। ओह, यानी आपने मेरा ट्विटर हैंडल इसलिये ब्लॉक किया था और अब 10 घण्टे बाद यह सड़कछाप तुलना लेकर आई हैं। गौतम ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के जवाब से महबूबा के व्यक्तित्व का स्तर जाहिर होता है। गंभीर ने कहा कि अब संदेह नहीं रहा कि आप जैसे लोग मुद्दों को हल करने में संघर्ष क्यों करते रहे ? जवाब में महबूबा ने गंभीर की मानसिक अवस्था पर ही सवाल उठा दिये और पलटवार किया कि वह कश्मीर के विषय में कुछ नहीं जानते। महबूबा ने गौतम को खामोश रहने की सलाह दी और उन्हें फिर ब्लॉक कर दिया।

इस प्रकार दोनों के बीच ट्विटर पर जमकर बहस हुई। इससे पहले गौतम जम्मू कश्मीर के एक और पूर्व मुख्यमंत्री नेशनल कॉन्फ्रेन्स के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला से भी भिड़ चुके हैं। कुछ दिन पहले उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर में अलग राष्ट्रपति और अलग प्रधानमंत्री की वकालत करने वाला बयान दिया था। इस पर गौतम गंभीर ने उन्हें पाकिस्तान जाने की सलाह दी थी। उमर ने भी जवाब में कहा था कि गंराभीर को सिर्फ उन विषयों पर बात करनी चाहिये, जिसकी उन्हें जानकारी हो। उमर ने गौतम को इंडियन प्रीमियर लीग के बारे में ट्वीट करने की सलाह दी थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed