चालाक चीन की चौतरफा घेराबंदी : भारतीय नौसेना ने दक्षिण चीन सागर में किया शक्ति प्रदर्शन

व्यापारिक तथा रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण दक्षिण चीन सागर (SCS) में चालाक चीन को कड़ी चुनौती देने के लिये भारतीय नौसेना ने अपना शक्ति प्रदर्शन कर कड़ा संदेश देने का प्रयास किया है।

दरअसल दक्षिण चीन सागर से दुनिया का 30 प्रतिशत व्यापार होता है। इसके अलावा इसमें तेल और गैस के भंडार भी मौजूद हैं। इसलिये विस्तारवादी चीन इस समुद्री इलाके में पिछले कुछ वर्षों से अपनी सैनिक ताकत बढ़ा रहा है। उसने कई कृत्रिम द्वीपों पर सैन्य प्रदर्शन किया, वहीं दक्षिण चीन सागर के एक बड़े हिस्से पर दावा करने से उसका वियतनाम और फिलीपींस के साथ विवाद उत्पन्न हो गया है। वास्तव में चीन की विस्तारवादी नीति ने कई देशों को नाराज किया है, जिसमें अमेरिका भी शामिल है।

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता डी. के. शर्मा ने कहा कि चीन विस्तारवादी रणनीति के तहत हिंद महासागर में अपने कदम आगे बढ़ा रहा है, जिसका समय-समय पर भारत, जापान और अमेरिका ने भी विरोध किया है। यह तीनों देश इस क्षेत्र पर कोई दावा नहीं करते हैं, लेकिन वैश्विक व्यापार की दृष्टि से यह क्षेत्र अन्य देशों के साथ-साथ इन देशों को भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। इसलिये भारत सभी देशों से अंतर्राष्ट्रीय जल में चहलकदमी को लेकर संयुक्त राष्ट्र के 1982 के कानून का पालन करने की जरूरत पर बल देता रहा है।

यही कारण है कि भारत हिंद महासागर में चीन के बढ़ते कदमों पर नज़र बनाये हुए है और अमेरिकी नौसेना भी इस क्षेत्र में लगातार गश्त करती है और फ्रीडम ऑफ नेविगेशन ऑपरेशन को अंजाम देती है। भारत सहयोगी देशों के साथ मिलकर सुरक्षित समुद्री वातावरण बनाये रखने के लिये प्रतिबद्ध है। यही कारण है कि भारत ने जापान, म्यांमार, वियतनाम, फिलीपींस, इंडोनेशिया और सिंगापुर जैसे सहयोगी देशों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में संयुक्त युद्धाभ्यास किये और तकनीक साझा करने के साथ ही इन देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ा रहा है।

पहली बार भारतीय नौसेना ने दक्षिण चीन सागर में अमेरिका, फिलीपींस और जापान की नौसेनाओं के साथ मिलकर युद्धाभ्यास किया। 6 दिन का यह युद्धाभ्यास 3 से 9 मई के दौरान किया गया। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास को चीन के विरुद्ध शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय नौसेना ने इस सैन्य अभ्यास के बारे में ट्वीट किया है और इस अभ्यास में शामिल हुए चारों देशों के जंगी जहाजों की तस्वीरें भी पोस्ट की हैं।

इस संयुक्त अभ्यास में भारत का विध्वंसक पोत आईएनएस कोलकाता और टैंकर आईएऩएस शक्ति शामिल हुआ तो अमेरिका के यूएस पैसिफिक बेड़े के एक गाइडेड मिसाइल विध्वंसक, जापानी विमान वाहक पोत इजुमो तथा फिलीपींस के गश्ती पोत एंड्रेस बोनीफासियों ने इस ग्रुप सेल में हिस्सा लिया।

एक ओर अमेरिका तथा चीन के बीच ट्रेड वॉर चल रही है, जिसमें इसी सप्ताह ट्रंप प्रशासन ने चीनी आयात पर शुल्क दर बढ़ाने की चेतावनी दी है, जिसके प्रत्युत्तर में चीन भी अमेरिकी वस्तुओं के आयात पर टैरिफ बढ़ाने की तैयारी दर्शा चुका है। दोनों देशों के बीच ऐसे तनावपूर्ण वातावरण के बीच दक्षिण चीन सागर में तीन देशों के साथ मिलकर किये गये अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

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