ट्रम्प की सनक का पहले ही तोड़ निकाल रखा था मोदी सरकार ने : जानिए क्यों नहीं भारत में होगी की तेल की तंगी ?

ईरान से कच्चा तेल खरीदने पर लगाई गई अमेरिकी पाबंदी का भारत की नरेन्द्र मोदी सरकार ने पहले से ही तोड़ खोज लिया है। मोदी सरकार ने भारतीय रिफाइनरियों को आश्वत किया है कि उसने उन्हें पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल की आपूर्ति के लिये प्रभावी योजना बना ली है, इसलिये उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सनकी पाबंदी से विचलित होने की आवश्यकता नहीं है।

दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत 8 देशों को ईरान से सीमित मात्रा में कच्चा तेल आयात करने के लिये छह महीने की छूट दी थी। 30 अप्रैल के बाद ईरान से कच्चा तेल खरीदने वाले इन देशों विशेषकर एशियाई देश भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और तुर्की आदि पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी भी दी थी।

ट्रंप ने सोमवार को फिर कहा कि ईरान से तेल की आपूर्ति घटने की स्थिति में दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब व पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) के अन्य सदस्यों को तेल का उत्पादन बढ़ाना पड़ेगा। सऊदी अरब ने इस बारे में कहा है कि वह कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति के लिये अन्य तेल उत्पादक देशों के साथ तालमेल करेगा।

हालाँकि भारत ने ईरान से तेल का आयात रुकने की स्थिति में नुकसान की भरपाई का मार्ग खोज लिया है। मोदी सरकार के पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस बारे में ट्वीट करके भारतीय रिफाइनरियों को आश्वस्त किया कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में तेल की आपूर्ति के लिये सरकार ने प्रभावी योजना बना ली है, इसलिये उन्हें अमेरिकी चेतावनी से विचलित होने की कोई आवश्यकता नहीं है।

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि छह महीने की छूट के दिनों में ही भारत ने ओपेक देशों के अलावा मेक्सिको तथा अमेरिका से तेल का आयात बढ़ा लिया है, ताकि ईरान से तेल का आयात रुकने पर तेल की कमी न हो। धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि भारतीय रिफाइनरियाँ देश में पेट्रोल, डीजल व अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की माँग पूरी करने के लिये सक्षम रहेंगी, इसके लिये सरकार की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष नवम्बर में अमेरिका ने ईरान से तेल के आयात पर पाबंदी लागू की, तो भारत को ईरान से तेल आयात घटाकर आधा कर देना पड़ा। वैसे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश होने के साथ-साथ ईरानी तेल का दूसरा सबसे बड़ा ग्राहक है।

आपको बता दें कि ईरान भी पाकिस्तान प्रेरित आतंकवाद से पीड़ित देशों में से एक है। ईरान की ओर से अपने देश की सुरक्षा के लिये किये गये बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण को अमेरिकी सरकार ईरान-अमेरिका के बीच हुए परमाणु समझौते का उल्लंघन मान रही है और अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा तथा पेट्रो-रसायन क्षेत्रों को निशाना बनाकर उस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।

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