भारत की Total Fertility Rate घटी, मुस्लिम सबसे आगे

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India Total Fertility Rate declined to 2.2 Muslims on top with 2.6, Jains on bottom with 1.2.

Overpopulation भारत की सबसे बड़ी समस्या है। इसकी वजह से गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा और भुखमरी जैसी समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। United Nations की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 तक भारत की आबादी चीन से  ज्यादा 1.44 अरब को पार कर जाएगी। The World Population Prospects की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 40 सालों में भारत में बच्चे पैदा करने की दर (Total Fertility Rate or TFR) आधी हो गई है। 2015-20 के बीच भारत में बच्चे पैदा करने की दर 2.3 रहेगी जबकि  1975-80 के  बीच यह दर 4.97 थी। रिपोर्ट के मुताबिक 2025-30 के बीच बच्चे पैदा करने की दर  2.1 रहेगी जबकि 2040-50 में यह दर घटकर 1.86 पर पहुंच जाएगी। इस शताब्दी के अंत में (2095-2100) में भारत में बच्चे पैदा करने की दर 1.78 होगी। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 25 सालों में भारत में औसत उम्र 10 साल बढ़कर  69 साल पर पहुंच चुकी है।

2015-16 में Total Fertility Rate 2.2

National Family Health Survey की रिपोर्ट के मुताबिक 2015-16 में भारत में बच्चे पैदा करने की दर (Total Fertility Rate or TFR) 2.2 थी। पिछले 10 सालों में यह बड़ी गिरावट है क्योंकि 2005-06 यह दर 2.7 थी। भारत में बच्चे पैदा होने की दर धर्म, क्षेत्र,जाति, इनकम ग्रुप और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अलग-अलग बंटा हुआ है। जैसे उत्तर प्रदेश में TFR की दर 2.7 है जबकि केरल में यह दर 1.6 है।

मुस्लिमों में बच्चे पैदा होने की दर सबसे ज्यादा

धर्म की बात करे तो मुस्लिमों में बच्चे पैदा करने की दर सबसे ज्यादा है। मुस्लिमों में यह दर 2.6 है जो  2004-05 में 3.4 के मुकाबले घटा है। जैन समाज में बच्चे पैदा करने की दर सबसे कम 1.2 है। कम बच्चे पैदा करने की वजह जैन समाज सबसे ज्यादा शिक्षित और खुश है। सिखों में बच्चे पैदा करने की दर 1.6, बौद्ध में 1.7 और ईसाइयों में 2 है। इनकम ग्रुप के आधार पर देखें तो  कम इनकम वाली कैटेगरी में बच्चे पैदा होने की दर (Total Fertility Rate or TFR) 3.2 है जबकि ज्यादा इनकम कैटेगरी में यह दर 1.5 है। जातिगत या सामाजिक पहलुओं पर गौर करें तो अनुसूचित जनजातियों (ST)  में बच्चे पैदा करने की दर 2.5 है। अनुसूचित जाति (SC) में बच्चे पैदा करने की दर 2.3 है। पिछड़े वर्ग (OBC) में बच्चे पैदा करने की दर 2.2 है जबकि उच्चवर्गीय में बच्चे पैदा करने की दर 1.9 है।

20.3 साल की उम्र में मां बन जाती हैं गरीब महिलाएं 

उम्र के लिहाज से बात करें तो मुस्लिम महिलाएं जिनकी उम्र 40-49 के बीच है उनमें बच्चे पैदा करने की दर (Total Fertility Rate or TFR) 4.2 है जो सबसे अधिक है। इस उम्र की जैन महिलाओं में बच्चे पैदा करने की दर 2.2 और हिंदू महिलाओं में बच्चे पैदा करने की दर 3.1  है।  मुस्लिम महिलाएं पहले बच्चे का जन्म 21.3 साल के उम्र में देती हैं जबकि हिन्दू महिलाएं 21.6 साल की उम्र में पहले बच्चे को जन्म देती हैं। सिख महिलाएं 23.8 साल की उम्र में पहले बच्चे के जन्म देती हैं। 20 फीसदी आबादी जो अमीर तबके से ताल्लुक रखते हैं, उस तबके की महिलाएं 24.4 साल की उम्र में पहले बच्चे को जन्म देती हैं। गरीब महिलाएं 20.3 साल की उम्र में पहली बार मां बन जाती हैं।

चीन की Total Fertility Rate 1.6

चीन में बच्चे पैदा करने की वर्तमान दर 1.6 है। चीन आबादी पर लगाम लगाने में पूरी तरह से कामयाब रहा है। 1960 के दशक में चीन में बच्चा पैदा करने की दर (Total Fertility Rate or TFR)  5.7 थी। रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में भारत और चीन दोनो देशों की आबादी 1.44 अरब होगी। 2030 में भारत की आबादी चीन से आगे निकल कर 1.5 अरब हो जाएगी जबकि चीन की आबादी स्थिर रहेगी। 2030 के बाद चीन की आबादी धीरे-धीरे घटना शुरू हो जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2050 तक भारत की आबादी बढ़ती रहेगी और यह आंकड़ा 1.66 अरब तक पहुंचेगा। 2050 के बाद भारत की आबादी कुछ सालों के लिए स्थिर रहेगी फिर घटना शुरू हो जाएगी। अगले 50 सालों में (2100 A.D. तक) भारत की आबादी घटकर 1.5 अरब पर पहुंच जाएगी। उस वक्त चीन की आबादी घटते-घटते 1 अरब के आसपास पहुंच जाएगी।

विश्व की आबादी 7.6 अरब

वर्तमान में विश्व की जनसंख्या 7.6 अरब है जो 2030 तक बढ़ कर 8.6 अरब हो जाएगी। 2050 तक विश्व की आबादी 9.8 अरब और 21 वीं शताब्दी के अंत तक विश्व की आबादी 11.2 अरब पहुंच जाएगी। WHO की रिपोर्ट के मुताबिक अगर बच्चे पैदा करने की दर  (Total Fertility Rate or TFR) 2.1 रहती है तो आबादी स्थिर रहेगी।

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