सिस्टम में रहकर रोने से अच्छा हैं, बॉर्डर पर जान से दिन रात झुजना।

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Indian Army

नई दिल्ली: देश के लिए अपनी जान की बाज़ी लगा देने वाले जवान (Indian Army) हर दिन रात मौत के खेल से झुजते हैं। सुबह के निकले तो ये तक नही पता होता है, की वह वापस भी आयंगे या नहीं। उसी और इन्हीं जवानों को जब भूमाफियां जैसे लोगों से अपने ही हक के लिए झुजना पड़ता है, तो ये बेहद दुःख की बात है।

जगबीर का कहना हैं की, ‘मैं बॉर्डर पर कभी नहीं रोया, सिस्टम ने मुझे रुला दिया’
भूमाफिया और दबंगों के चलते मेरठ में बीएसएफ के जवान करगिल युद्ध में मेडल जीत चुके नायब सूबेदार जगबीर इन्ही सबसे परेशान होकर उन्होंने हथियार उठा लेने का निर्णय ले लिया है। फौजी जगबीर (Indian Army) की जमीन पर भूमाफिया ने कब्ज़ा कर लिया है। जिसकी शिकायत करने के लिए पुलिस के पास गये तो वहा से उन्हें भगा दिया गया, जिसके बाद उन्होंने कमिश्नर से शिकयत की वहां पर भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई और उन्हें एसडीएम सरधना के पास करवाई के लिए बोल दिया गया। इस समय फौजी जगबीर गुजरात में पाकिस्तान के बॉर्डर पर है। जबकि वह इंचौली के जलालपुर गांव के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी सीमा सिंह के नाम खसरा नंबर 485 की जमीन है। 10 लाख रूपए का लोन विजय बैंक से लेकर उन्होंने 7 लाख रूपये की ज़मीन खरीदी थी और बाकी के 3 लाख रूपए घर बनवाने के लिए रखे हुए थे। Indian Army अपनी ड्यूटी करने के लिए बॉर्डर पर गये हुए उनकी इसी गेर मौजोदगी के कारण भूमाफिया ने उनकी ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया।

घर बनवाने के लिए पेसे कम रहे गया थे, फौजी के अनुसार वह अपनी गेहूं की फसल बेचकर माकन बनवाने के लिए रूपए का इंतजाम करने वाले थे। बुधवार को उन्होंने एडीएम के पास जाकर ज़मीन खली करने की मांग की तो उनकी किसी ने भी नही सुनी। जिसके कारण उन्होंने एसडीएम पर ही जमीन हड़पवाने का आरोप लगा है।

फौजी जगबीर के बूढ़े पिता हैं जो चलने फिरने में असमर्थ हैं वह उनकी सेवा करे, जमीन के हक के लिए लड़ाई करे या फिर देश कि सेवा करे। अब उन्हे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा कि क्या करें।

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