इसे कहते हैं ‘नायक’ : मोदी के नेतृत्व में सुरक्षित अनुभव कर रहे हैं 70 प्रतिशत नागरिक, दुनिया का तीसरा सबसे विश्वसनीय देश बना भारत

Written by

अनेक अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने कई क्षेत्रों में भारत का लोहा माना

रिपोर्ट : विनीत दुबे

कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल हाथ धोकर पीएम नरेन्द्र मोदी के पीछे पड़े हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे वैश्विक सर्वे सामने आये हैं, जिनकी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दुनिया के सबसे भरोसमंद देशों में से एक है।

एडलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर-2019 की रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन काल में भारत सरकार, कारोबार, एनजीओ तथा मीडिया के मामले में विश्व के सबसे भरोसेमंद देशों में से एक बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत वैश्विक विश्वसनीयता सूचकांक में 3 अंकों के सुधार के साथ 52 अंक पर आ गया है। यह रिपोर्ट दुनिया के 27 विशाल बाजारों में किये गये ऑनलाइन सर्वेक्षण पर आधारित है। इस रिपोर्ट में 33,000 लोगों के जवाब शामिल किये गये हैं।

मोदी सरकार की बात करें तो विश्व आर्थिक मंच (WEF) के सर्वे में कहा गया है कि पीएम नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली भारत की केन्द्र सरकार दुनिया की तीसरे नंबर की सबसे भरोसेमंद सरकार है। डब्ल्यूईएफ के सर्वे के अनुसार लगभग तीन चौथाई भारतीयों ने मोदी सरकार पर अपना विश्वास व्यक्त किया है। यह सर्वे देश में अर्थ व्यवस्था की स्थिति, राजनीतिक बदलाव और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर किया गया था। सर्वे के परिणाम में कहा गया है कि देश में भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम और टैक्स सुधारों के कारण लोगों का वर्तमान सरकार में भरोसा बढ़ा है।

वैश्विक भ्रष्टाचार सूचकांक भी इसकी पुष्टि कर रहा है। 2018 के वैश्विक भ्रष्टाचार सूचकांक के अनुसार मोदी सरकार की अगुवाई वाली सरकार के शासन काल में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। भ्रष्टाचार निरोधक संगठन ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी वार्षिक सूचकांक के अनुसार भ्रष्टाचार के मामले में भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ है। भारत इस रैंकिंग में 3 अंकों के सुधार के साथ 81 से 78वें स्थान पर आ गया है।

सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाये तो पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक और उपलब्धि हासिल की है। मोदी के कार्यकाल में 10 में से 7 भारतीय स्वयं को सुरक्षित अनुभव करते हैं। GALLUP WORLD POLL की रिपोर्ट ‘INDIAN FEELING SAFER UNDER MODI’ के अनुसार 10 में से 7 भारतीयों का मानना है कि वह अपने जाने-पहचाने इलाके में रात को कहीं भी अकेले जाने में खुद को पूरी तरह से सुरक्षित अनुभव करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2014 में मोदी के सत्ता में आने के बाद ऐसा कहने वालों में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। गैलप सर्वे के अनुसार पूर्वी भारत के 78 प्रतिशत, दक्षिण भारत के 75 प्रतिशत, पश्चिम भारत के 69 प्रतिशत और उत्तर भारत के 60 प्रतिशत लोग स्वयं को सुरक्षित अनुभव करते हैं।

इतना ही नहीं, भारत में विदेशियों के लिये भी वातावरण में सुधार हुआ है। भारत में रहने और कामकाज के लिहाज से भारत की स्थिति में 12 अंक का सुधार हुआ है और भारत इस मामले में ग्लोबल रैंकिंग में 14 वें स्थान पर आ गया है। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार अर्थ व्यवस्था, अनुभव और पारिवारिक मानकों के संयुक्त पैमाने पर इस साल भारत 12 स्थान ऊपर आया है। कामकाज और वित्तीय अवसरों की तलाश में भारत आने वाले विदेशी अपने लिये तथा अपने परिवार के लिये भी भारत को अच्छी जगह मानते हैं। पेशेवर तरक्की के मामले में भी भारत प्रवासियों की पसंद के टॉप 10 देशों में जगह बनाने में सफल रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय पासपोर्ट की स्थिति भी मजबूत हुई है। ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स रैंकिंग में भारत ने 10 अंकों की छलाँग लगाई है। ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में 199 देशों की सूची में भारत अब 67वें स्थान पर पहुँच गया है। पिछले पाँच वर्ष में वैश्विक स्तर पर भारतीय पासपोर्ट की ताकत बढ़ी है। यह भारतीय पासपोर्ट की ताकत ही है कि अब विज़ा ऑन अराइव से किसी भी देश में पहुँचने पर आपको तुरंत हाथो-हाथ विज़ा मिल जाता है।

शांति के मामले में भी भारत की स्थिति बेहतर हुई है। ऑस्ट्रेलिया स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक एण्ड पीस (IEP) की ओर से जारी सर्वे रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग में सुधार दर्शाया गया है। ग्लोबल पीस इंडेक्स में भारत 4 अंक ऊपर चढ़कर 137वें स्थान पर आ गया है। पहले वह दुनिया के 163 देशों की सूची में 141वें स्थान पर था। रिपोर्ट के अनुसार भारत में हिंसक घटनाओं में कमी आई है और कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार आइसलैंड दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश है, जबकि सीरिया सबसे कम शांति वाला देश है।

मानव विकास सूचकांक में भी भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की ओर से जारी हालिया मानव विकास सूचकांक में भारत 189 देशों में एक अंक ऊपर चढ़कर 130वें स्थान पर पहुँच गया है। दक्षिण एशिया में भारत का मानव विकास सूचकांक मूल्य 0.640 है, जो दक्षिण एशिया के औसत 0.638 से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में सकल राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय में 266.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। भारत की क्रय क्षमता के आधार पर प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय लगभग 4.55 लाख रुपये तक पहुँच गई है, जो पिछले साल से 23,470 रुपये अधिक है।

इतना ही नहीं, मोदी शासन में भारत वैश्विक ग्राहक विश्वास सर्वे में अव्वल साबित हो रहा है। नेल्सन के सर्वे के अनुसार भारत में वैश्विक उपभोक्ता विश्वास सबसे अधिक है। इस सर्वे के परिणाम दर्शाते हैं कि भारत इस मामले में दो वर्ष से शीर्ष पर है। इस सर्वे में 64 देशों के 32 हजार उपभोक्ताओं ने हिस्सा लिया था। भारत कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स (CCI) में 133 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। 131 अंकों के साथ फिलीपींस दूसरे और 127 अंकों के साथ इंडोनेशिया तीसरे पायदान पर है।

भारत बौद्धिक संपदा सूचकांक में भी 8 अंकों की छलाँग लगाकर 36वें स्थान पर आ गया है। 2018 में भारत 44वें स्थान पर था। अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स के वैश्विक नवोन्मेषण नीति केन्द्र (GIPC) के 2019 के इस सूचकांक में शामिल 50 देशों में भारत की स्थिति में सर्वाधिक सुधार हुआ है। इस सूचकांक में अमेरिका प्रथम, ब्रिटेन दूसरे, स्वीडन तीसरे और फ्रांस चौथे तथा जर्मनी पांचवें स्थान पर हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय नीति निर्माताओं द्वारा घरेलू उद्यमियों तथा विदेशी निवेशकों के लिये समान रूप से नवोन्मेषी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष भारत का स्कोर सबसे ज्यादा सुधरा है।

Article Categories:
News

Leave a Reply

Shares