MISS WORLD 2019 : हर भारतीय चाहेगा सुमन राव जीतें, परंतु ‘भाषा’ की जीत पर भी होगा गर्व ! जानिए क्यों ?

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रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 3 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। 69वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता 2019 आगामी 14 दिसम्बर को ब्रिटेन की राजधानी लंदन में आयोजित होने वाली है। इस प्रतियोगिता में 80 देशों की सुंदरियाँ हिस्सा लेने वाली हैं। इनमें से भारत सहित 53 देशों ने MISS WORLD 2019 के लिए अपनी प्रतियोगी सुंदरियों का चयन कर लिया है, जबकि 27 देश अगस्त से अक्टूबर के बीच प्रतियोगी सुंदरियों का नाम सुनिश्चित कर लेंगे।

जहाँ तक भारत का प्रश्न है, तो मिस वर्ल्ड 2019 में MISS INDIA 2019 का ख़िताब जीतने वालीं उदयपुर की सुमन राव भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली हैं। हर भारतीय चाहेगा कि इस प्रतियोगिता में भारत की सुमन राव ही जीतें, परंतु 80 सुंदरियों के बीच यदि भारत की सुमन राव मिस वर्ल्ड की उपाधि जीतने में सफल नहीं रहीं, तो भारत को दूसरी पसंद का विकल्प भी मिल गया है।

जी हाँ। हम बात कर रहे हैं भाषा मुखर्जी की। भाषा मूलत: भारतीय हैं। उनका जन्म पश्चिम बंगाल की राजधानी कलकत्ता में दुर्गा दास और मधुमिता के घर 1995 में हुआ था। वही भाषा मुखर्जी MISS ENGLAND 2019 चुनी गई हैं। भारतीय मूल के माता-पिता की संतान और भारत में ही जन्मीं होने के कारण भाषा मुखर्जी भारतीय मूल की ही हैं। हाल में भाषा ब्रिटेन के डर्बीशायर स्थित डर्बी शहर में रहती हैं। 23 वर्षीय भाषा मुखर्जी ने गुरुवार को मिस इंग्लैण्ड प्रतियोगिता 2019 जीत कर दिसम्बर में होने वाली मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता 2019 के लिए ब्रिटेन की ओर से प्रतिनिधित्व करने के लिए क्वॉलीफाई कर लिया। ऐसे में 136 करोड़ भारतीय पहले तो यही चाहेंगे कि मिस वर्ल्ड 2019 का ख़िताब मिस इंडिया 2019 सुमन राव हासिल करें, परंतु यदि सुमन की जगह भाषा मुखर्जी मिस वर्ल्ड बनती हैं, तो भी भारत के लोगों को गर्व होगा कि भारतीय मूल की एक सुंदरी ने विश्व स्तरीय प्रतियोगिता जीती।

कौन हैं भाषा मुखर्जी ?

भाषा मुखर्जी भारतीय मूल की युवती हैं। भाषा व्यवसाय से डॉक्टर हैं। 23 वर्षीय भाषा ने अपना कैरियर लिंकनशायर-बॉस्टन स्थित एनएचएस अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के रूप में किया। भाषा ने नॉटिंघम युनिवर्सिटी से मेडिकल साइंस के साथ मेडिसीन और सर्जरी में भी स्नातक किया है। भाषा के माता-पिता दुर्गा दास व मधुमिता और भाई आर्य वर्ष 2004 में पश्चिम बंगाल स्थित कोलकाता से स्विडन चले गए थे। इसके बाद भाषा जब 9 साल की थीं, तब उनका परिवार ब्रिटेन के लंदन में स्थायी हो गया। भाषा ने शिक्षा पूरी होने के बाद 2017 में बुज़ुर्गों की सहायता के लिए द जनरेशन प्रोजेक्ट आरंभ किया। इससे पहले 2016 में भाषा ने पहली बार मिस यूके बनने की दिशा में अपनी यात्रा शुरू करने के लिए मॉडलिंग की शुरुआत की, परंतु 3 साल बाद अब उन्हें सफलता मिली। मिस इंग्लैण्ड प्रतियोगिता 2019 के अंतिम चरण से पूर्व एक साक्षात्कार में भाषा ने कहा था, ‘कई लोग सोचते हैं कि सौंदर्य प्रतियोगिताएँ जीतने वाली लड़कियाँ बुद्धू होती हैं, परंतु हम सब किसी न किसी मकसद से यहाँ हैं। मेडिकल की पढ़ाई के बीच मैंने इस तरह की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के बारे में सोचा। इसके लिए मुझे स्वयं को बहुत समझाना भी पड़ा।’ भाषा यूँ ही मिस इंग्लैण्ड 2019 नहीं चुनी गईं। वे ब्यूटी विद ब्रेन हैं। भाषा अपने नाम की तरह पाँच-पाँच अलग भाषाएँ अंग्रेजी, बंगाली, हिन्दी, जर्मन और फ्रेंच पढ़-बोल सकती हैं। भाषा अपने उच्च स्तरीय समझ के कारण मिस इंग्लैण्ड चुनी गईं। भाषा का आईक्यू लेवल 146 है, जो प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टीन के आईक्यू लेवल 160 से कहीं बेहतर है।

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