अब ‘अंतरिक्ष सेना’ तैयार करने में जुटा भारत, 1000 किमी तक मार करने का सामर्थ्य किया हासिल, पढ़िये कैसे मोदी ने देश को बनाया महाशक्तिशाली ?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में भारत जल, थल और नभ में तो मजबूत हुआ ही है, जिसका नज़ारा दुनिया डोकलाम और पाकिस्तान के बालाकोट में कर भी देख चुकी है, परंतु अब मोदी का कद आसमान से भी ऊँचा हो गया है। मतलब कि मोदी सरकार ने हाल ही में अंतरिक्ष में भी भारत को शक्तिशाली बना दिया है।

मोदी ने पिछले महीने ही अंतरिक्ष में एंटी-सैटेलाइट (A-SAT) मिसाइल का परीक्षण करके दुनिया के शक्तिशाली देशों को भारत की दृढ़ता का परिचय कराया था। इस सफल परीक्षण से भारत ने अंतरिक्ष में 1,000 किलोमीटर तक के दायरे में किसी भी लक्ष्य को भेदने का सामर्थ्य हासिल कर लिया है। अंतरिक्ष में लक्ष्य-भेदन का सफलतम् प्रयोग करने के बाद अब भारत वहाँ अपनी ताकत और क्षमता बढ़ाने पर भी काम कर रहा है। अब अंतरिक्ष में ऐसी क्षमता विकसित करने पर काम किया जा रहा है जिससे एक साथ कई लक्ष्यों को भेदा जा सके। दूसरे शब्दों में कहें, तो भारत अंतरिक्ष में अपनी सेना तैयार करने की तैयारी में लग गया है।

रक्षा मंत्रालय के रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के अधीन काम करने वाले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के प्रमुख डॉ. जी. सतीश रेड्डी ने बताया कि बदलते वैश्विक परिप्रेक्ष्यों को देखते हुए भारत ने अंतरिक्ष से देश की निगरानी करने की तैयारी शुरू की है और अंतरिक्ष में भारत की सुरक्षा शक्ति को बढ़ाने की जिम्मेदारी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) तथा डीआरडीओ को सौंपी गई है। भविष्य को देखते हुए अंतरिक्ष में दुश्मनों के मनसूबों को चूर-चूर करने के लिये भारत अपनी क्षमता और शक्ति को द्रुत गति से बढ़ा रहा है।

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