INS Karanj लॉन्च, जानें Indian Navy की इस खास पनडु्ब्बी की ताकत

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भारत की स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी INS Karanj आज लॉन्च हो गई। मुंबई के मझगांव डॉकयार्ड से इसे समुद्र में उतारा गया। फ्रांस के सहयोग से बनी इस आधुनिक पनडुब्बी का निर्माण मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड (MDL) द्वारा किया गया है। INS करंज की लॉन्चिंग के मौके पर नौसेना प्रमुख सुनील लांबा समेत कई उच्च सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। भारतीय नौसेना की आधी से ज्यादा पनडुब्बियां पुरानी हो चुकी हैं और जिस तरह से हिंद महासागर में चीन अपनी ताकत बढ़ा रहा है, ऐसे में स्कॉर्पीन श्रेणी की ये पनडुब्बियां भारतीय नौसेना के लिए काफी अहम हैं।

INS Karanj की अहम बातें 

  • आईएनएस करंज का निर्माण MDL ने प्रोजेक्ट 75 प्रोग्राम के तहत किया है। फ्रांस की कंपनी शिपबिल्डिंग मेजर नेवल ग्रुप इन पनडुब्बियों के निर्माण में सहयोग कर रही है। एक साल तक ट्रायल करने के बाद इसे भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा।
  • स्कॉर्पीन श्रेणी की पहली पनडुब्बी INS कलावरी बीते साल ही भारतीय नौसेना में शामिल की गई है। वहीं दूसरी पनडुब्बी INS खंदरी इसी सील 12 जनवरी को लॉन्च की गई थी। फिलहाल INS खंदरी का ट्रायल चल रही है।
  • INS Karanj में अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह पनडुब्बी बेहद कम आवाज करते हुए पानी से सतह पर, पानी से पानी में दुश्मनों पर हमला करने में सक्षम है।

INS Karanj

  • INS Karanj में टारपीडो और एंटी शिप मिसाइलें लगी हुई हैं, जो दुश्मन के जहाजों को ध्वस्त करने में सक्षम है।
  • 67.5 मीटर लंबी और 12.3 मीटर ऊंची INS करंज 1565 टन वजनी पनडुब्बी है। इस पनडुब्बी में ऑक्सीजन भी बनायी जा सकती है। युद्ध की स्थिति में यह पनडुब्बी दुश्मन के क्षेत्र में चकमा देकर निकलने में सक्षम है।
  • फ्रांस के साथ मिलकर भारत ने स्कॉर्पीन डील साल 2005 में साइन की थी। इस डील के तहत पहली पनडुब्बी साल 2012 तक भारतीय नौसेना के मिलनी थी, लेकिन तकनीकी देरी के कारण यह संभव नहीं हो सका।
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