गुजरात के इस IPS ने छोड़ा USA का छात्र वीज़ा और पत्नी करती है समाज सेवा

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रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 11 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सिंगल-यूज़ प्लास्टिक आंदोलन का असर भारत के लगभग हर राज्य में दिखने लगा है। इस अभियान में आम जनता ही नहीं, अपितु प्रशासनिक अधिकारी और यहाँ तक कि उनके परिवार के सदस्य भी भाग लेते नज़र आ रहे हैं। इसी कड़ी में एक और नाम सामने आया है मकरंद चौहान और उनकी धर्मपत्नी निधि चौहान का। निधि चौहान ने अपने जन्मदिन को प्लास्टिक मुक्त भारत के नाम करते हुए अपने सभी पुलिस अधिकारियों के परिजनों को कपड़े के बैग वितरित किये और इस अभियान को सफल बनाने का एक अनोखा प्रयास किया। निधि चौहान उन आईपीएस मकरंद चौहान की पत्नी हैं, जिन्होंने देश सेवा और अपने पिता के सपनों को पूरा करने के लिए अपने यूएस जाने के सपने को छोड़ दिया था।

पिता के लिए छोड़ा यूएस का वीज़ा

मकरंद चौहान ने 1989 में हाईस्कूल और 1991 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 1995 में फर्स्ट क्लास बी.ई. (EC) डिग्री प्राप्त की थी। स्नातक करने के बाद उन्होंने गांधीनगर इंजीनियरिंग कॉलेज में 3 साल व्याख्याता (Lecturer) के रूप में काम किया था। नौकरी मिलने के बाद भी उनका मन आगे पढ़ाई करने की ओर अग्रसर रहा। वह विदेश जाकर पढ़ना चाहते थे। अमेरिका के न्यू जर्सी प्रौद्योगिकी (New Jersey Institute of Technology) संस्थान में पढ़ना उनका सपना था। इसके लिए उन्होंने 1998 में जीआरई परीक्षा (GRE Exam) जो स्नातक की एक अंतरराष्ट्रीय मानकीकृत परीक्षा है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में स्नातक स्कूलों में प्रवेश के लिए आवश्यक होती है और TOEFL (टेस्ट ऑफ इंग्लिश एज़ ए फॉरेन लैंग्वेज) की परीक्षाएँ भी दीं, जिनमें वे उत्तीर्ण हुए। GRE और TOEFL परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्हें अमेरिका जा कर पढ़ाई करने के लिए 5 वर्ष का छात्र वीज़ा मिला, परंतु वे संयुक्त राज्य अमेरिका नहीं गए, क्योंकि उनके पिता की इच्छा थी कि वे एक सरकारी नौकरी करें। पिता के आग्रह पर वे अमेरिका नहीं गए और गुजरात में ही रह कर यूपीएससी की तैयारियों में जुट गए। उन्होंने बिना कोचिंग किए ही यूपीएससी की परीक्षाओं की तैयारी की। उनकी मेहनत और लगन रंग लाई और 2006 में उन्होंने लोक सेवा संघ (UPSC) और 2007 में सिविल सेवा परीक्षा (CSE) उत्तीर्ण की। सिविल सेवा परीक्षाओं को क्रैक करने के बाद वे IPS बने। उनकी पहली नियुक्ति (assistant superintendent of police) यानी ASP के तौर पर गुजरात के पोरबंदर में हुई। उन्होंने गुजरात के लगभग 6 जिलों में अपनी सेवाएँ दी। वर्तमान में मकरंद चौहान गुजरात के आणंद जिले में पुलिस अधीक्षक (superintendent of police) SP के तौर पर सेवारत हैं।

जन्मदिन पर बाँटे कपड़े के बैग

मकरंद का विवाह निधि चौहान से हुआ, जो एक समाज सेविका हैं। आईपीएस अधिकारी मकरंद चौहान की पत्नी निधि चौहान ने अपना जन्मदिन आणंद जिले की पुलिस लाइन की महिलाओं के साथ आणंद पुलिस लाइन परिसर में मनाया। वह बच्चों की शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और छात्रों के स्वास्थ्य विषयों के लिए सामाजिक सेवा में लगी रहती हैं। पुलिस स्टाफ क्वार्टर परिसर में उन्होंने अपने जन्मदिन समारोह में भाग लेने के लिए पुलिस स्टाफ क्वार्टर की महिलाओं को आमंत्रित किया था। उन्होंने प्लास्टिक, गुब्बारे व अन्य प्लास्टिक सामग्री के उपयोग का बहिष्कार करते हुए लगभग 300 महिलाओं को पर्यावरण में प्लास्टिक के एकल उपयोग और बाहरी प्रभाव से होने वाले नुकसानों के विषय में जानकारी दी। साथ ही सभी महिलाओं को कपड़े से बने बैग भी वितरण किए।

निधि चौहान एक एनजीओ मातृधारा युवा सार्वजनिक ट्रस्ट भी चलाती हैं और प्रतिदिन अपने निवास परिसर में स्लम क्षेत्र के लगभग 60 छात्रों को पढ़ाती भी हैं। वे स्लम के इन बच्चों को अंग्रेजी बोलने के लिए प्रशिक्षित करती हैं।

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