क्या मोदी केवल भाजपा नेता हैं ? 7 सर्वोच्च विदेशी सम्मान, भारत का दुनिया में बजाया डंका, पर किसी विपक्षी नेता ने बधाई तक नहीं दी ? क्या देश से ऊँचा दल है ? इस VIDEO में देखिए नफरत की राजनीति पर कैसे रोया एक ‘आम आदमी’ ?

राजनीति में एक-एक शब्द का बहुत महत्व होता है। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बहुजन समाज पार्टी (बसपा-BSP) मुखिया मायावती, समाजवादी पार्टी (सपा-SP) नेता और रामपुर लोकसभा सीट से उम्मीदवार आज़म खान सहित कई नेता शब्दों की मर्यादा को लांघने के कारण चुनाव आयोग (EC) की कड़ी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं।

शब्दों की मर्यादा का उल्लंघन करने वालों में सभी दल के नेता हैं, परंतु देश के बड़े और जिम्मेदार नेताओं को इस मर्यादा को समझना चाहिए। उन्हें हर शब्द तोल-तोल कर बोलना चाहिए, परंतु देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष को ही ले लीजिए। यदि ग़लती से 23 मई को भाजपा-एनडीए को बहुमत नहीं मिला, तो राहुल गांधी स्वयं को देश के सर्वोच्च पद प्रधानमंत्री पद के सबसे अग्रिम उम्मीदवार मानते हैं, परंतु भी राजनीतिक फायदे के लिए राहुल भी शब्दों की मर्यादा तोड़ देते हैं और इसका ताज़ा उदाहरण सुप्रीम कोर्ट (SC) के राफेल डील पर दिया गया फैसला है, जिसका राहुल ने अपनी मन-मरज़ी से अर्थघटन करते हुए यह कह दिया, ‘सुप्रीम कोर्ट ने माना कि चौकीदार (नरेन्द्र मोदी) चोर है, चौकीदार ने चोरी कराई है।’ अब राहुल सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के मुकदमे का सामना कर रहे हैं।

आप आते हैं शीर्षक पर। पहला प्रश्न यह है कि क्या नरेन्द्र मोदी केवल भाजपा के नेता ही हैं। इस प्रश्न का उत्तर एक छोटा-सा बच्चा भी नहीं में ही देगा, क्योंकि वह भी जानता है कि नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, परंतु राहुल गांधी अक्सर मोदी पर हमला करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनसभाओं में नरेन्द्र मोदी के लिए ‘आपके प्रधानमंत्री’ कह देते हैं। आपके यानी जनता के प्रधानमंत्री, तो क्या राहुल गांधी देश की जनता में शामिल नहीं हैं ? क्या नरेन्द्र मोदी राहुल गांधी के भी प्रधानमंत्री नहीं हैं ? इतना सब जानते हुए भी राहुल राजनीतिक घमासान में शब्दों के साथ खिलवाड़ कर अपनी ही राजनीतिक अपरिपक्वता का परिचय दे देते हैं।

जब पूरी दुनिया ने दिया भारत का साथ, तो बंद हुई विरोधियों की बोलती

जब से नरेन्द्र मोदी ने देश का प्रधानमंत्री पद संभाला, तब से उन्होंने विदेश दौरों का अनावरत सिलसिला प्रारंभ किया, जिस पर कांग्रेस सहित अनेक विपक्षी नेता समय-समय पर प्रश्न उठाते रहते हैं, परंतु उस समय इन सवाल उठाने वालों की बोलती बंद हो गई, जब उरी आतंकी हमले, सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा आतंकी हमले, एयर स्ट्राइक जैसे घटनाक्रमों में दो महाशक्तियों अमेरिका और रूस सहित पूरा विश्व भारत के साथ खड़ा दिखाई दिया। यहाँ तक कि पाकिस्तान के यार चीन को भी भारत के समर्थन में खड़े होने पर विवश होना पड़ा। क्या यह मोदी की विदेश नीति और उनके विदेश दौरों की फलश्रुति नहीं है ?

विश्व में भारत का मान बढ़ाने वाले PM को बधाई का एक शब्द नहीं ?

अब एक विचित्र विडंबना पर आते हैं। राजनीति में अंतर्विरोध होना स्वाभाविक है। एक तरफ सत्तापक्ष और दूसरी तरफ विपक्ष। जहाँ दलगत राजनीति की बात हो, वहाँ दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करें, यह तो समझ में आता है, परंतु जब विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ने वाली कोई घटना हो, तब भी बधाई का एक शब्द भी मुँह से न निकलना, कहाँ तक उचित है ? वो भी इसलिए, क्योंकि देश का मान-सम्मान बढ़ाने वाला व्यक्ति नरेन्द्र मोदी है ? नरेन्द्र मोदी को अपने कार्यकाल में अब तक 7 देशों के सर्वोच्च पुरस्कार मिल चुके हैं। ये पुरस्कार मोदी को नहीं, भारत के प्रधानमंत्री को मिले हैं, जो देश की 130 करोड़ जनता के प्रधानमंत्री हैं इस 130 करोड़ की जनसंख्या में राहुल गाधी सहित तमाम मोदी विरोधी टोली के लोग भी शामिल हैं, परंतु एक भी विपक्षी नेता ने प्रधानमंत्री को मिले भारत का मान बढ़ाने वाले पुरस्कारों को लेकर बधाई का एक शब्द तक नहीं कहा। किसी नेता ने पीएम को बधाई देने के लिए एक छोटा-सा TWEET तक करने की सुध नहीं ली। क्या मोदी विरोधी इस टोली के लिए देश से ऊँचा दल है ?

मोदी को किन-किन देशों ने दिया सम्मान और कैसे मोदी के कारण भारत का बढ़ा मान ?

रूस का सर्वोच्च सम्मान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गत 12 अप्रैल को रूस ने अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘ऑर्ड्र ऑफ सेंट एंड्र्यू द एपोस्टले सम्मान’ के लिए नामित किया। मोदी को यह पुरस्कार भारत-रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को प्रोत्साहित करने के उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाएगा। मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाला यह 7वाँ सम्मान है।

UAE का सर्वोच्च सम्मान

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने गत 4 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ज़ायेद मेडल’ से सम्मानित करने का निर्णय किया। मोदी को यह अवॉर्ड भार-यूएई के आपसी संबंधों को मजबूती के लिए दिया गया है। स्वयं यूएई के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन ज़ायेद ने TWEET कर इसकी घोषणा की थी। मोदी यह सम्मान पाने वाले प्रथम भारतीय हैं। इससे पहले यह सम्मान महारानी एलिज़ाबेथ, जॉर्ड डब्ल्यू बुश, व्लादिमीर पुतिन, निकोलस सरकोजी, शी जिनपिंग और एंजेला मर्केल को मिल चुका है।

सियोल शांति पुरस्कार

भारत में विरोधी नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध शाब्दिक हिंसा करने की सभी मर्यादाएँ लांघ देते हैं, परंतु दक्षिण कोरिया ने गत 22 फरवरी को नरेन्द्र मोदी को ‘सियोल शांति पुरस्कार’ से सम्मानित किया। मोदी को यह पुरस्कार भारत में अमीर-गरीब के बीच की खाई पाटने की दिशा में मोदीनॉमिक्स के जरिए सराहनीय कार्य करने के एवज़ में दिया गया। इस पुरस्कार को पाने की दौड़ में 100 से अधिक लोग थे, परंतु दक्षिण कोरिया ने मोदी को पुरस्कार के लिए चुना। दनिया में मोदी से पहले केवल 13 लोगों को दक्षिण कोरिया का यह सर्वोच्च पुरस्कार मिला है।

चैम्पियन्स ऑफ द अर्थ पुरस्कार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र (UN) ने सितम्बर-2018 में अपना सबसे बड़ा पर्यावरण सम्मान दिया। यूएन ने मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों को संयुक्त रूप से चैम्पियन ऑफ ध अर्थ अवॉर्ड से सम्मानित किया। यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन को लेकर अग्रणी एवं उत्साही कार्यों के लिए और पर्यावरणीय कार्यों में सहयोग के नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इमैनुएल मैक्रों को ‘नीति नेतृत्व’ श्रेणी के तहत प्रदान किया गया।

फिलीस्तीन ग्रैंड कॉलर पुरस्कार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 10 फरवरी, 2018 को फिलिस्तीन में ग्रांड कॉलर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। विदेशी अतिथियों को दिया जाने वाला फिलिस्तीन का यह सर्वश्रेष्ठ सम्मान है, जो मोदी को भारत-फिलिस्तीन संबंधों की बेहतरी के लिए उठाए गए कदमों के लिए दिया गया।

आमिर अमानुल्लाह खान पुरस्कार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 4 जून, 2016 को अफग़ानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान आमिर अमानुल्लाह खान से सम्मानित किया गया। ऐतिहासिक अफग़ान-भारत मैत्री बांध के उद्घाटन के बाद राष्ट्रपति अशरफ ग़नी ने मोदी को यह पुरस्कार प्रदान किया। इस पुरस्कार का नाम अफग़ानिस्तान के राष्ट्रीय नायक अमानुल्लाह खान (ग़ाज़ी) के नाम पर रखा गया है, जो अफग़ानिस्तान की स्वतंत्रता के शूरवीर थे।

किंग अब्दुल अजीज़ शैस पुरस्कार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 3 अप्रैल, 2016 को सऊदी अरब के सर्वोच्च नागरिक सम्मान किंग अब्दुल अजीज़ सैश से सम्मानित किया गया। मोदी को यह पुरस्कार उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया। मोदी से पहले यह पुरस्कार पूर्व अमेरिकन राष्ट्रपति बराक ओबामा, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरून, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो को मिला है।

अब इस एक ‘आम आदमी’ को देखिए, जो नफ़रत की राजनीति करने वालों पर रो रहा है :

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