ISRO ने अंतरिक्ष में लगाया शतक, यहां मिलेगा फायदा

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Indian Space Research Organization (ISRO) ने अंतरिक्ष में आज अपना 100वां सैटेलाइट लॉन्च कर इतिहास रच दिया। आज श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से ISRO ने एक साथ 31 सैटेलाइट लॉन्च की, जिसमें से 3 भारतीय सैटेलाइट्स के अलावा 28 विदेशी सैटेलाइट्स भी शामिल थी।

सीमा पर बढ़ेगी ताकत

शुक्रवार को किए गए लॉन्च में इसरो (ISRO) ने कार्टोसेट-2 (Cartosat-2) श्रृंख्ला के एक सैटेलाइट को लॉन्च किया। यह एक रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट है। इसका वजन 710 किलोग्राम है। इस सैटेलाइट की मदद से पैनक्रोमैटिक और मल्टीस्पेक्ट्रल कैमरों से सीमा की निगरानी बेहतर होगी, साथ ही मानचित्र बनाने में, समुद्र तटों की निगरानी, सड़क नेटवर्क का पर्यवेक्षण आदि कामों में भी इससे काफी मदद मिल सकेगी। इस सैटेलाइट के बाद सीमा पर हमारी नजर और भी ज्यादा पैनी हो सकेगी।

कार्टोसेट के अलावा दो और उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे गए है, जिनमें से एक माइक्रोसेट से तकनीकी शोध में मदद मिलेगी। वहीं आइएनएस-1सी (INS-1C) से कृषि में और बादलों पर शोध में फायदा मिलेगा।

PSLV ने किया कमाल

एक बार फिर इसरो के सबसे भरोसेमंद प्रक्षेपण यान Poler Satellite Launching Vehicle (PSLV-C40) ने एक और सफल लॉन्च किया। बता दें कि यह पीएसएलवी की 42वीं उड़ान थी। 44 मीटर लंबा पीएसएलवी 3800 किलोग्राम तक वजनी सैटेलाइट को भू-स्थिर कक्षा तक लॉन्च कर सकता है।

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ISRO की सफलता की कहानी

भारत ने 21 नवंबर 1963 को तिरुवंनतपुरम के नजदीक थुंबा में साइकिल पर लादकर लाए गए रॉकेट को जब अंतरिक्ष में लॉन्च किया था तो पश्चिमी देशों ने हमारा मजाक उड़ाया था। लेकिन वक्त के साथ इसरो और भारत के वैज्ञानिकों ने दिखा दिया कि हमारी काबलियत के सामने यह आसमान बहुत छोटा है। शुक्रवार को हुए प्रक्षेपण के साथ ही भारत अंतरिक्ष में साल 1975 के बाद से अब तक 100 सैटेलाइट्स लॉन्च करने वाला देश बन गया। फिलहाल आज के लॉन्च को मिलाकर इसरो द्वारा अभी तक कुल 104 स्वदेशी सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में लॉन्च किए जा चुके हैं। इसके साथ ही इसरो 28 देशों के 237 सैटेलाइट्स भी सफलतापूर्वक लॉन्च कर चुका है। इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा, इटली, जापान, UAE, इजरायल, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड, सिंगापुर, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया प्रमुख हैं।

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आसमान और भी हैं

साल 2018 की धमाकेदार शुरुआत के बाद ISRO इस साल जीसैट-11 का प्रक्षेपण करेगा, जो कि इस साल अप्रैल महीने में प्रस्तावित है। इसके अलावा चंद्रयान-2 मिशन की तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं और माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक इसे लॉन्च भी किया जा सकता है। सूर्य पर भेजने के लिए इसरो का आदित्य-1 मिशन भी पूरा होने के करीब है और साल 2019 में इसे लॉन्च किया जा सकता है। वहीं साल 2020 तक शुक्र ग्रह पर भी पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। 2013 में मंगलयान की सफलता के बाद साल 2021-22 में मंगलयान-2 की तैयारी की जा रही है।

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