मंगल मंगल : चंद्र के समीप पहुँचा चंद्रयान 2, अब 7 सितम्बर को दक्षिण ध्रुव पर उतरेगा ‘विक्रम’, PM मोदी देखेंगे LIVE LANDING

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 20 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। भारत का चंद्रयान 2 मंगलवार को चांद की पहली कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर गया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने इस कार्य को अत्यंत कुशलतापूर्वक सम्पन्न कराया। इसरो के वैज्ञानिकों ने मंगलवार सुबह 8.30 से 9.30 बजे के बीच चंद्रयान 2 को चांद की कक्षा LBN#1 में प्रवेश करा दिया। अब चंद्रयान 2 चंद्र से कम दूरी यानी 118 किलोमीटर की एपोजी और चंद्र से अधिक दूरी 18078 किलोमीटर की पेरीजी वाली अंडाकार कक्षा में 24 घण्टों तक चक्कर लगाएगा।

इसरो ने चंद्रयान 2 के चंद्र के समीप पहुँचते ही उसकी गति 10.98 किलोमीटर प्रति सेकेंड से घटा कर 1.98 किलोमीटर प्रति सेकेंड कर दी है। गति इसलिए घटाई गई है, ताकि चंद्रयान 2 चंद्र की गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रभाव में आकर चंद्र से टकरा न जाए। यद्यपि चंद्रयान 2 को चंद्र की कक्षा में प्रवेश करा दिया गया है, परंतु इसरो वैज्ञानिकों के लिए यह आसान काम नहीं था। यह अत्यंत चुनौतीपूर्ण काम था, परंतु वैज्ञानिकों ने अत्यंत कुशलता व सटीकता के साथ इस काम को सफलतापूर्वक पूरा किया।

भारत 7 सितम्बर को रचेगा एक और इतिहास

अब इसरो सहित पूरे भारत को प्रतीक्षा रहेगी 7 सितम्बर की, क्योंकि इसी दिन चंद्रयान 2 चंद्र के दक्षिणी ध्रुव पर लैण्ड करेगा। गत 22 जुलाई को आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन प्रक्षेपण केन्द्र से रॉकेट बाहुली के जरिए प्रक्षेपित चंद्रयान 2 से लैण्डर विक्रम 7 सितम्बर को चंद्र के दक्षिणी ध्रुव पर लैण्ड करेगा। भारत के महान वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर इस लैण्डर का नाम विक्रम रखा गया है, जो 7 सितम्बर को चंद्र के दक्षिणी ध्रुव पर लैण्ड करेगा। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 7 सितम्बर को चंद्रयान 2 के विक्रम लैण्डर के चंद्र के दक्षिणी ध्रुव पर लैण्डिंग को लाइव देखेंगे।

अब क्या-क्या करेगा चंद्रयान 2 ?

चंद्रयान 2 चंद्र की कक्षा LBN#1 में पहुँच चुका है। वह इस कक्षा में 24 घण्टे रहेगा। इसके बाद चंद्रयान 2 को 21 अगस्त को दोपहर 12.30 से 1.30 बजे के बीच चंद्र की 121X303 किलोमीटर की कक्षा LBN#2 में डाला जाएगा। इसी प्रकार 28 अगस्त को सुबह 5.30 से 6.30 बजे के बीच चंद्रयान 2 को चंद्र की 178X1411 किलमीटर की कक्षा LBN#3 में डाला जाएगा। 30 अगस्त को सायं 6.00 से 7.00 बजे के बीच चंद्रयान 2 को 126X164 किलोमीटर की कक्षा LBN#4 में डाला जाएगा और 1 सितम्बर को सायं 6.00 से 7.00 बजे के बीच चंद्रयान 2 को 114X28 किलोमीटर की कक्षा LBN#5 में डाला जाएगा। चंद्र के चारों ओर कक्षाएँ बदलने के बाद 2 सितम्बर को चंद्रयान 2 से विक्रम लैण्डर बाहर निकल आएगा। प्रज्ञान रोवर भी ऑर्बिटर से अलग होकर चंद्र की ओर बढ़ना शुरू करेगा। विक्रम व प्रज्ञान चंद्र के चारों ओर दो चक्कर लगाने के बाद 7 सितम्बर को चंद्र के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेंगे।

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