भारत की एक और ऊंची उड़ान, ISRO ने सफलतापूर्वक लॉन्च किया GSAT-6A Satellite

GSAT-6A Satellite

नई दिल्ली: भारत के लिए एक और गर्व का छण है क्योंकि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organization) ने 29 मार्च को जियोसिंक्रोनस रॉकेट जीएसएलवी-एफ08 की मदद से कम्युनिकेशन सेटेलाइट जीसेट-6ए (GSAT-6A Satellite) को सफलतापूर्वक तरीके से उसकी कक्षा में स्थापित कर दिया है। ISRO ने दावा किया है कि इस सेटेलाइट के जरिये भारत के कम्युनिकेशन सिस्टम के सुधारने में मदद मिलेगी। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इसके लिए ISRO को बधाई दी है और ट्वीट करके कहा कि इससे मोबाइल क्षेत्र के लिए नई राह खुलेगा।

साल 2015 में इससे पहले GSAT-6 को लॉन्च किया गया था और अब यह दूसरा S-बैंड कम्युनिकेशन सेटेलाइट GSAT-6A जिसको लॉन्च किया गया है। GSAT-6A Satellite को बनाने में लगभग 270 करोड़ की लागत आई है और 2017 – 2018 वित्तीय वर्ष में  लॉन्च होने वाला यह अंतिम सेटेलाइट है। इस सेटेलाइट के रोकेट का वजन 415.6 टन तथा इसकी ऊंचाई 49.1 मीटर है। ISRO ने इसे श्रीहरीकोटा अंतरिक्ष केंद्र (Sriharikota Space Center) से इसे लॉन्च किया और सफलतापूर्वक इसको इसके कक्ष में स्थापित किया।

S बैंड पर काम करने वाला GSAT-6A Satellite सैन्य कम्युनिकेशन के लिए उपयोगी होने का दावा किया गया है, कुछ सूत्रों से पता चला है कि सैन्य उपोग के लिए इसमें ट्रांसपोंडर को लगाया गया है, जिससे सेना को मोबाइल के पहुंच से दूर वाले क्षेत्रों में अपनी पेट्रोल टीमों से संपर्क स्थापित करने में मदद मिलेगी। इस उपग्रह में 6 मीटर का कॉम्‍पैक्‍ट एंटीना लगा है जो धरती पर कहीं से भी कॉलिंग आसान बना देगा

ISRO के प्रमुख सिवन ने कहा कि हमारा GSAT-6A Satellite स्वदेश विकसित क्रायोजेनिक इंजन के साथ GSLV का यह लगातार पांचवां सफल प्रक्षेपण है। इसने S-बैंड संचार उपग्रह को इसकी कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित करवाया। बता दें कि जनवरी में ही सिवन ने ISRO का कार्यभार संभाला था और यह उनका पहला मिशन है।

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