VIDEO : साँसत में थी जान, देवदूत बन कर आए जवान, देखिए वायुसेना का हैरतअंगेज ऑपरेशन

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 19 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। भारतीय सेनाओं के वीर जवान केवल सीमाओं पर दुश्मनों को ही परास्त नहीं करते। इस देश के बहादुर और साहसी जवान हर आफत पर भारी हैं और यह हमारे सैनिकों ने बार-बार सिद्ध भी किया है। इस बार वायुसेना के ‘गरुड़ कमांडो’ के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। जम्मू में भारी वर्षा के बाद तवी नदी में आई बाढ़ में फँसे दो युवकों की वायुसेना के जवानों ने ‘देवदूत’ बनकर मदद की। यह जवान उन्हें मौत के मुँह से बचाकर बाहर ले आए।

वायुसेना का हैरतअंगेज ऑपरेशन

दरअसल एक महीने पहले जुलाई में बारिश ने उत्तर पूर्वी राज्यों बिहार और असम आदि में भारी कहर बरपाया था, जिससे इन प्रदेशों में आधी से भी अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई थी और कई दिनों तक लोग बाढ़ में फँसे रहे थे। अब एक महीने बाद एक बार फिर बारिश ने उत्तरी राज्यों में जम्मू से लेकर हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में कहर बरपाया है। इन राज्यों में भारी बारिश, बादल फटने, नदियों में उफान और भूस्खलन की वारदात सामने आ रही हैं, लोगों की जान साँसत में फँसी हुई है। दूसरी तरफ देश की तीनों सेनाओं के अलावा बीएसएफ, सीआरपीएफ और एनडीआरएफ के जवान देवदूत बनकर मुसीबत में फँसे लोगों की मदद के लिये पहुँच रहे हैं। ऐसी ही एक घटना में वायुसेना के ‘गरुड़ कमांडो’ के जवानों ने जम्मू में एक हैरतअंगेज रेस्क्यू ऑपरेशन करके दो लोगों की जान बचा ली। इस ऑपरेशन को जिसने भी देखा, उसकी आँखें फटी की फटी रह गई और उसने वायुसेना के वीर जवानों की बहादुरी और अदम्य साहस को भी ग्रैंड सेल्यूट किया। दरअसल तवी नदी में बाढ़ आने से बिहार के 4 मछुआरे फँस गये थे। यह दृश्य देखने वालों ने प्रशासन को सूचित किया तो वायुसेना का हेलीकॉप्टर एमआई-17 तुरंत इन युवकों की मदद के लिये वहाँ पहुँच गया। रेस्क्यू की जिम्मेदारी वायुसेना के 4 जवानों के कंधों पर थी। ग्रुप कैप्टन संदीप सिंह मिशन की अगुआई कर रहे थे।

ग्रुप कैप्टन संदीप सिंह की अगुआई में हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

उन्होंने बताया कि ‘हमें 12 बजे के आसपास सूचना मिली थी, फँसे हुए लोग सीढ़ी की सहायता से हेलीकॉप्टर में चढ़ने में सक्षम नहीं थे। ऐसे में हमने गरुड़ कमांडो की मदद ली, जिन्हें रैपलिंग रोप (रैपलिंग रस्सी) की सहायता से नीचे भेजा गया और फँसे हुए लोगों को सुरक्षित हेलिकॉप्टर तक लाया गया। इस काम के लिये गरुड़ कमांडो बेस्ट ट्रेंड कमांडो होते हैं। संदीप सिंह ने बताया कि ‘यह पूरी तरह से डेयरडेविल ऑपरेशन था, हमारा मिशन उन जिंदगियों को बचाना था। मेरी पूरी टीम इसे सफल बनाने में भागीदार है। विंग कमांडर खरे हेलिकॉप्टर उड़ा रहे थे, जबकि गरुड़ कमांडो खारवाड़ ने लोगों को रेस्क्यू किया।’ उन्होंने बताया कि वह संतुष्ट हैं कि यह ऑपरेशन सफल रहा। यह हमारी ड्यूटी होती है कि हमें खुद को मुसीबत में डालकर लोगों को बचाना होता है।

गरुड़ कमांडो खारवाड़ ने ऑपरेशन को दिया अंजाम

मछुआरों को रस्सी से बाँधकर सुरक्षित बाहर निकालने वाले गरुड़ कमांडो खारवाड़ के अनुसार ‘मेरी प्राथमिकता उन्हें बचाने की थी। पायलट को शुक्रिया, उनके समर्पण के बिना यह संभव नहीं था। यह ऑपरेशन दिखने में मुश्किल था, परंतु उतना मुश्किल था नहीं, क्योंकि मेरी पूरी टीम पायलट समेत सबने मुझे सपोर्ट किया।’ खारवाड़ के अनुसार उन्हें अपनी चिंता नहीं थी। वह पूरी तरह से अपने कैप्टन और पायलट पर निर्भर थे। सुरक्षित बचाये गये मछुआरों ने भी एयरफोर्स के जवानों को धन्यवाद कहा। उल्लेखनीय है कि रस्सी नीचे लटकाकर दो युवकों को ऊपर खींचा जा रहा था, इसी दौरान रस्सी टूट गई और दोनों युवक नदी में जा गिरे। हालाँकि दोनों युवकों ने तैरकर किनारे पर पहुँचकर अपनी जान बचा ली। शेष दो युवकों को बचाने के लिये फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और इस बार वायुसैनिकों ने कोई रिस्क नहीं लिया, एक सैनिक खुद युवकों की मदद के लिये नदी में उतरा, जहाँ सीमेंट के एक टूटे हुए पिल्लर पर डरे-सहमे बैठे दोनों युवकों को इस जवान ने मजबूती के साथ रस्सी से बाँधा और हेलीकॉप्टर से दोनों को बचा लिया। इसके बाद सेना के जवान को लेने के लिये हेलीकॉप्टर दोबारा आया और जवान के लिये रस्सी छोड़ी गई। इस प्रकार जवान भी सुरक्षित बाहर आ गया। इस पूरे ऑपरेशन में वायुसेना के जवानों ने गजब का जज्बा दिखाया।

बाढ़ प्रभावित राज्यों में दिख रहा सैनिकों का जज्बा

जम्मू के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक सहित देश के जिन राज्यों में बाढ़ के हालात हैं, वहाँ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पूरी तरह से मुस्तैद हैं। पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में एनडीआरएफ तथा सेनाओं के जवान बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशनों में जुटे हुए हैं। लोगों को बाढ़ के बीच से बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। कर्नाटक में भी बचाव टीमें देवदूत की तरह लोगों के लिये मदद को पहुँच रही हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में ऐसे ही दृश्य देखने को मिल रहे हैं। इससे पहले गुजरात और महाराष्ट्र से भी हैरतअंगेज ऑपरेशन के वीडियो सामने आ चुके हैं। गुजरात के मोरबी शहर के एक वीडियो में पुलिस कॉन्स्टेबल पृथ्वीराज सिंह जाड़ेजा बाढ़ में फँसी दो बच्चियों को कंधे पर बैठाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाते दिखे थे। इससे पहले वड़ोदरा शहर में एक एएसआई ने नवजात शिशु को टोकरी में रखकर उस टोकरी को अपने सिर पर रखकर सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया था, उन्हें सोशल मीडिया में ‘कलियुग का वसुदेव’ कहा गया था। महाराष्ट्र के कोल्हापुर से भी एक वीडियो सामने आया था, जहाँ बाढ़ में फँसी महिला को बचाकर सेना के जवान जब नाव में सवार हुए तो महिला ने भाव-विभोर होकर उनमें से एक के पाँव छू लिये थे।

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