जया-उमा-माया ख़ुश, परंतु प्रियंका-स्वाति की बोलती क्यों है बंद ?

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रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 6 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। हैदराबाद की महिला पशु चिकित्सक के साथ दरिंदगी करने के आरोपियों को उनका अपराध सिद्ध होने से पहले मौत के घाट उतार दिए जाने के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है। चहुँओर हैदराबाद पुलिस की सराहना हो रही है। लोग हैदराबाद पुलिस पर इस कार्रवाई के लिए फूलों की बारिश कर रहे हैं। ट्विटर सहित सभी सोशल मीडिया पर पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार के नेतृत्व वाली हैदराबाद पुलिस को सलाम किया जा रहा है। यहाँ तक कि मृत पीड़िता के माता-पिता को भी इस बात से शांति मिली है कि उनकी बेटी के साथ जघन्यतापूर्ण कृत्य करने वालों को पुलिस ने ढेर कर दिया है।

जहाँ तक राजनीति और राजनेताओं का प्रश्न है, तो संसद से लेकर सड़क तक हैदराबाद के दिशा दुष्कर्म हत्या केस को लेकर पिछले सात दिनों से भारी आक्रोश और उस आक्रोश की आड़ में राजनीति करने वालों ने हंगामा मचा रखा था। यद्यपि आज जब हैदराबाद पुलिस ने आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया, तब वास्तविक आक्रोश व्यक्त करने वाले जया बच्चन, उमा भारती, मायावती जैसी महिला नेता सहित हर देशवासी ख़ुश है, परंतु प्रश्न यह उठता है कि संसद से लेकर सड़क तक राजनीति करने वाले प्रियंका गांधी वाड्रा और स्वाति मालीवाल की बोलती बंद क्यों है ?

जया बोलीं, ‘देर आए, दुरुस्त आए…’

हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर नेताओं की प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं, जिनमें सबसे पहले हम राज्यसभा सांसद जया बच्चन की ही बात कर लेते हैं। जया बच्चन ने संसद में हैदराबाद की घटना को लेकर भारी आक्रोश व्यक्त किया था। जया ने तो यहाँ तक कह दिया था कि आरोपियों को भीड़ के हवाले कर उनकी मॉब लिंचिंग करवा देनी चाहिए। अब जबकि हैदराबाद पुलिस ने आरोपियों को मौत के घाट उतार दिया है, तब जया बच्चन ने कहा, ‘देर आए दुरुस्त आए… बहुत देर आए..’।

उमा ने कहा, ‘महिला सुरक्षा गारंटी की सबसे बड़ी घटना’

इसी प्रकार भाजपा नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने लिखा, ‘इस सदी के 19 वें साल में महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी देने वाली यह सबसे बड़ी घटना है. इस घटना को अंजाम देने वाले सभी पुलिस अधिकारी एवं पुलिसकर्मी अभिनंदन के पात्र हैं। मैं अभी हिमालय उत्तराखंड में गंगा किनारे हूँ। तेलंगाना में महिला वेटनरी डॉक्टर के साथ दुराचरण के बाद हत्या किए जाने की घटना से मैं बहुत दुखी एवं क्षुब्ध थी, किंतु अभी सवेरे मैंने समाचार सुना कि सीन रिक्रिएट करने के दरम्यान भागने की कोशिश में चारों अपराधी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए। उमा भारती ने ट्वीट में कहा, ‘मैं अब विश्वास कर सकती हूँ कि दूसरे राज्यों के शासन में बैठे हुए लोग अपराधियों को तत्काल सबक सिखाने के रास्ते निकालेंगे। जिस घर की बेटी निर्दयता की शिकार होकर दुनिया से चली गई, उस परिवार का दुःख कभी कम नहीं होगा, किंतु उस बहन की आत्मा को शांति मिलेगी तथा भारत की अन्य लड़कियों के मन का भय कुछ कम होगा। जय तेलंगाना पुलिस।’

माया ने की राजनीतिक प्रशंसा, ‘यूपी पुलिस सीखे’

उधर बसपा नेता मायावती ने भी तेलंगाना पुलिस की प्रशंसा करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और पुलिस को सीख दी, ‘मेरी पार्टी के लोगों को भी हमने जेल भेजा था, जिन पर किसी तरह के आरोप लगे थे। मेरा उत्तर प्रदेश की सरकार से कहना है कि हैदराबाद की पुलिस से यूपी पुलिस को सीख लेनी चाहिए और अपराधियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई करनी चाहिए। दु:ख की बात ये है कि दिल्ली-यूपी में पुलिसकर्मी आरोपी लोगों को सरकारी मेहमान बनाकर रखे हुए हैं। दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस को बदलना होगा। तभी बलात्कारी लोगों की हरकतें रुक सकती हैं, लोगों में क़ानून का खौफ नहीं है।’

प्रियंका-स्वाति को साँप सूँघ गया ?

हैदराबाद की पशु चिकित्सक की दुष्कर्म सहित हत्या के आरोपियों को मौत के घाट उतारने वाली हैदराबाद पुलिस पर पूरे देश में प्रशंसा के फूल बरसाए जा रहे हैं। देश की लाखों महिलाओं सहित करोड़ों लोगों ने आरोपियों की मौत पर ख़ुशी ज़ाहिर की है, परंतु बात-बात पर सरकार को घेरने वाली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पिछले चार दिनों से संसद के बाहर और दिल्ली की सड़कों पर हंगामा करने वाली दिल्ली महिला आयोग (DWC) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की बोलती बंद है। ट्विटर पर गुरुवार तक ट्वीट करने वालीं प्रियंका गांधी वाड्रा की राजनीति को इसी बात से समझा जा सकता है कि उन्होंने हैदराबाद की घटना पर केवल 2 ट्वीट किए, जबकि उन्नाव रेप केस पर एक के बाद एक कई ट्वीट किए। तो क्या प्रियंका की हमदर्दी केवल उन्नाव रेप पीड़िता के साथ ही समझी जाए ? प्रियंका बार-बार योगी सरकार को घेर रही हैं, क्योंकि वे उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हैं और उनका लक्ष्य विधानसभा चुनाव 2022 है। यही कारण है कि 24 घण्टे पहले उन्नाव रेप केस पर योगी सरकार को घेरने वाला ट्वीट करने वालीं प्रियंका ने आज हैदराबाद एनकाउंटर को लेकर कोई ट्वीट नहीं किया। दूसरी तरफ स्वाति मालीवाल का ट्विटर हैंडल भी आज ख़ामोश है, जो हैदराबाद की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए आमरण अनशन का ‘नाटक’ कर रही थीं। युवाPRESS पीड़िताओं की पीड़ा को दरकिनार कर अपनी राजनीतिक और निहित स्वार्थ की रोटियाँ सेकने वालों की प्रवृत्ति की कड़े शब्दों में आलोचना करता है। मुख्य सम्पादक आई. के. शर्मा ने गुरुवार को ही ट्वीट कर अपनी नाराज़गी व्यक्त की थी।

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