वाह रे गुज्जू दिमाग : 38 वर्षीय ‘अमदावादी’ 81 वर्षीय वृद्ध बन गया, जानिए क्यों ?

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* क्या अमेरिका जाने के पागलपन ने कराई करतूत ?

* चमड़ी ने की चुगली और न्यूयॉर्क की जगह जेल पहुँच गया जयेश

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 10 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। गुजरात के लोग यानी गुजराती यानी गुज्जूभाई अपने व्यावसायिक दिमाग के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। गुजराती दुनिया के हर देश में पाए जाते हैं और सफलतापूर्वक व्यवसाय या जॉब कर रहे हैं। अनेक गुजरातियों का सपना होता है कि वे अमेरिका, ब्रिटेन या कनाडा जाकर अपना भविष्य उज्ज्वल बनाएँ। यह कहने में भी अतिश्योक्ति नहीं होगी कि गुजरातियों पर विशेष रूप से विदेश जाकर धन कमाने की दीवानगी छाई रहती है, परंतु यह दीवानगी कई बार अनेक लोगों को ठगी का शिकार बना देती है, तो कभी-कभी उनसे अपराध भी करवा देती है।

कुछ ऐसा ही हुआ अहमदाबाद के निवासी जयेश पटेल के साथ। जयेश पटेल इस समय दिल्ली पुलिस की हिरासत में है। इसकी आयु तो केवल 38 वर्ष है, परंतु जब दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर इसे गिरफ़्तार किया गया, तब यह 81 वर्षीय वृद्ध के भेष में था। जयेश दिल्ली से अमेरिका न्यूयॉर्क जा रहा था। इमिग्रेशन विभाग क्लियरेंस दे चुका था। जयेश को बस अब फ्लाइट पकड़नी बाकी थी, परंतु जयेश न्यूयॉर्क के लिए उड़ान भरता, उससे पहले ही केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने उसके पंख काट दिए और वह न्यूयॉर्क की जगह दिल्ली पुलिस की हिरासत में पहुँच गया।

जब इमिग्रेशन विभाग भी खा गया धोखा

देखिए सीआईएसएफ ने TWITTER पर जो तसवीर पोस्ट की है। पहली तसवीर और दूसरी तसवीर में दो अलग-अलग व्यक्ति दिखाई दे रहे हैं, परंतु वास्तव में ये दोनों एक ही हैं। पहली तसवीर में दिखाई देने वाला 81 वर्षीय वृद्ध वास्तव में दूसरी तसवीर में दिखाई दे रहा 38 वर्षीय युवा जयेश पटेल ही है। जयेश पटेल ने एक परिपक्व और परम्परागत गुजराती वेशषभूषा धारण कर रखी थी। दाढ़ी-मूँछ सफेद थीं। उसके लुक को देख कर इमिग्रेशन विभाग भी धोखा खा गया और उसे क्लियरेंस मिल गई, परंतु उसी दौरान सीआईएसएफ को संदेह हुआ। 81 वर्षीय वृद्ध के रूप में जयेश ने अपना नाम अमरीक सिंह बताया था। उसने स्वयं को वृद्ध दिखाने के लिए ज़ीरो नंबर का चश्मा भी पहन रखा था। वह ल्हीलचेयर पर था, ताकि बीमार दिखाई दे।

फाइनल चेकिंग में पकड़ा गया जयेश

इमिग्रेशन से क्लियरेंस मिलने के बाद जैसे ही जयेश उर्फ अमरीक सिंह टर्मिनल नंबर 3 (T 3) पर फाइनल चेकिंग के लिए पहुँचा, सीआईएसएफ जवान राजवीर सिंह ने उसे व्हीलचेयर से उठने के लिए कहा, परंतु इस दिखावटी वृद्ध ने उठने से इनकार कर दिया। जब वह सीआईएसएफ जवान से नज़रें मिलाने से भी कतराने लगा, तो राजवीर सिंह का संदेह और पक्का हो गया। राजवीर ने उसका पासपोर्ट देखा, जिसमें जन्म तिथि 1 फरवरी, 1938 लिखी हुई थी यानी आयु 81 वर्ष की थी। पासपोर्ट में 81 वर्ष आयु देखने के बाद राजवीर सिंह ने ध्यान से अमरीक सिंह के चेहरे को पढ़ा, तो उसकी चमड़ी ने चुगली कर दी। राजवीर ने अमरीक के चेहरे को बिल्कुल नज़दीक से देखा, तो पता चला गया कि बाल और दाढ़ी पर सफेद रंग लगाया गया है। इसके बाद अमरीक को साइड में लेकर कड़ी पूछपाछ की, तो उसने सच उगल दिया। अमरीक सिंह दरअसल जयेश पटेल था, जो अहमदाबाद का रहने वाला है। वह एयर इंडिया की फ्लाइट से न्यूयॉर्क जाने की फिराक़ में था। उससे बरामद पासपोर्ट भी अन्य व्यक्ति का था। सीआईएसएफ ने उसे दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया।

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