जमीन पर जेट : मुंबई से अहमदाबाद के साथ शुरू हुआ सफर मुंबई पर ही ख़त्म हो जाएगा, देखिए अंतिम उड़ान भरने वाले विमान का VIDEO

5 मई 1993 को मुंबई से अहमदाबाद के बीच पहली उड़ान भरकर प्राइवेट एयरलाइंस के क्षेत्र में सफर शुरू करने वाली जेट एयरवेज की ‘हवाई यात्रा’ की यात्रा गुरुवार रात 10.30 बजे अंतिम उड़ान भरने के साथ खत्म हो जायेगी। 25 साल पुरानी जेट एयरवेज ने आर्थिक संकट में घिरने के बाद अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें पहले ही 18 अप्रैल, 2019 तक के लिये स्थगित कर दी थीं। आज के दिन सिर्फ 5 उड़ानें भरीं और रात 10.19 बजे की अंतिम उड़ान के साथ कंपनी अस्थाई रूप से बंद हो जायेगी। जेट एयरवेज़ का विमान अपनी अंतिम उड़ान अमृतसर से भरेगा और मुंबई पहुँचने के साथ ही जेट एयरवेज़ का 25 वर्ष का सफर, जो मुंबई से शुरू हुआ था, वह मुंबई पर ही खत्म हो जाएगा।

नरेश गोयल ने 1991 में एयर टैक्सी के रूप में जेट एयरवेज की शुरुआत की थी, उस समय देश में संगठित रूप से प्राइवेट एयरलाइंस के संचालन की अनुमति नहीं थी। एक साल बाद जेट ने 4 जहाजों का बेड़ा बनाया और 5 मई-1993 में मुंबई से अहमदाबाद के बीच पहली उड़ान भरी थी।

नरेश गोयल ने पिछले महीने 25 मार्च को ही जेट एयरवेज के चेयरमैन और बोर्ड की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था। उनकी धर्मपत्नी अनीता गोयल ने भी बोर्ड की सदस्यता का त्याग कर दिया था। जेट के 51 प्रतिशत शेयर पहले से ही गोयल के पास हैं और 24 प्रतिशत की हिस्सेदार एतिहाद एयरवेज है। त्यागपत्र देने के बाद गोयल ने अपने 31.2 प्रतिशत शेयर बेचने की घोषणा की थी और कहा था कि वह बाकी हिस्सेदारी भी बेच देंगे।

जेट एयरवेज पर 26 बैंकों का लगभग 8,500 करोड़ रुपये का कर्ज है। इनमें कुछ प्राइवेट और विदेशी बैंक भी हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, सिंडीकेट बैंक, इलाहाबाद बैंक, एसबीआई और पीएनबी का जेट एयरवेज पर कर्ज बकाया है तो आईसीआईसीआई और यस बैंक प्राइवेट सेक्टर के बैंक हैं, जिनका भी जेट एयरवेज पर कर्ज है। 2010 से कंपनी पर आर्थिक संकट गहराया था, जब कंपनी को लगातार चार तिमाही में घाटा हुआ। इसके बाद वह कर्ज की ईएमआई चुकाने में असमर्थ होने लगी तो ईएमआई का दबाव बढ़ने लगा और पिछले कुछ समय से वह कर्मचारियों का वेतन भी नहीं दे पा रही थी।

जेट को कर्ज देनेवाले बैंकों के ग्रुप ने एयरवेज की 32.1 से 75 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिये बोलियां आमंत्रित की गई हैं। अंतिम बोली सौंपने की निर्धारित तारीख 10 मई है।

दरअसल गोयल ने जेट को विदेशों के लिये उड़ान भरने वाली एक मात्र सबसे बड़ी प्राइवेट कंपनी बनाने के लिये 2007 में एयर सहारा को 1,450 करोड़ रुपये में खरीदा था, जिसे जेट लाइट नाम दिया था। यही ऐसी महंगी डील थी, जिससे जेट एयरवेज फिर कभी उबर नहीं पाई और कंपनी 20,000 करोड़ रुपये के कर्ज में डूब गई। उसके बाद से कंपनी की मुश्किलें बढ़ती ही गई, जिनसे कंपनी को कभी छुटकारा नहीं मिला।

एक दिन में 600 से अधिक फ्लाइटों का संचालन करनेवाली जेट एयरवेज ने आर्थिक संकट में फंसने के बाद बैंकों से 400 करोड़ रुपये की अंतरिम आपात मदद देने की गुहार लगाई थी, परंतु बैंकों के इनकार कर देने से कंपनी की उड़ाने चालू रखने की सारी उम्मीदें टूट गई और उसने अपनी सारी उड़ानें अस्थाई रूप से बंद करने की घोषणा कर दी।

आप भी देखिए जेट एयरवेज़ का वह अंतिम विमान, जो आज रात 10.19 बजे अमृतसर से मुंबई के लिए उड़ान भरेगा :

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