हे राम ! इस महानगर पालिका में कांग्रेस को 60 में से सिर्फ 1 सीट मिली !

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कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 23 जुलाई, 2019 (युवाPRESS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गृह नगर गुजरात में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी-BJP) को कोई चुनावी सफलता मिलना बिग ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं हो सकता, तो CONGRESS की हार भी कोई नई बात नहीं है। गुजरात में वर्ष 1989 से यानी पिछले 30 वर्षों से भाजपा के हाथों ग्राम पंचायत से लेकर लोकसभा चुनावों तक बार-बार लगातार हारती आ रही है। इसीलिए गुजरात में किसी भी स्तर के चुनाव में भाजपा की जीत और कांग्रेस की हार कोई बड़ा समाचार नहीं है।

परंतु आज हम जिस हार-जीत की बात करने जा रहे हैं, उसमें एक BIG NEWS है। यह बड़ी ख़बर भी भाजपा की जीत नहीं, अपितु कांग्रेस की हार से जुड़ी हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व के संकट से जूझ रही कांग्रेस एक-एक राज्य में अस्तित्व के लिए भी संघर्ष कर रही है। इसका असर गुजरात में भी दिखाई दे रहा है। दरअसल गुजरात में जूनागढ महानगर पालिका के आम चुनाव सम्पन्न हुए हैं और मंगलवार को परिणामों की घोषणा हुई।

जूनागढ महानगर पालिका के 20 वॉर्डों की 60 सीटों के लिए गत 21 जुलाई यानी रविवार को पड़े मतों की गिनती मंगलवार को की गई और परिणाम भी बहुत तेजी से घोषित हुए। परिणामों में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 60 सदस्यीय जूनागढ महानगर पालिका में सत्तारूढ़ भाजपा को 54 सीटें हासिल हुईं, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को सिर्फ 1 सीट पर जीत मिली। चुनाव 59 सीटों के लिए ही हुए थे, जिनमें कांग्रेस को केवल 1 सीट हासिल हुई। यहाँ इससे भी बड़ी चौंकाने वाली बात यह रही कि महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-NCP) ने कांग्रेस से 3 सीटें अधिक यानी 4 सीटें हासिल कीं।

जनता ने कांग्रेस को बुरी तरह नकारा

कांग्रेस की एकमात्र उम्मीदवार मंजुलाबेन को जीतने में सफलता हासिल हुई। जूनागढ की जनता ने कांग्रेस को बुरी तरह नकार दिया है। भाजपा को महानगर पालिका चुनाव 2014 में जहाँ 44 सीटें मिली थीं, वहीं 2019 में उसकी सीटों में 10 की वृद्धि हुई है और 54 पर पहुँच गई है। दूसरी तरफ 2014 में 15 सीटें हासिल करने वाली कांग्रेस सिमट कर 1 सीट पर आ गई। एनसीपी को 2014 में कोई सीट नहीं मिली थी, परंतु 2019 में उसने 4 सीटें जीतने में सफलता हासिल की है। जूनागढ की जनता ने कांग्रेस को इस कदर नकारा कि विपक्ष के नेता सतीशचंद्र वीरडा सहित पूरे पैनल को हार का सामना करना पड़ा।

गाँवों में भी कांग्रेस की दुर्दशा, भाजपा की वापसी

विधानसभा चुनाव 2017 में ग्रामीण गुजरात में भाजपा की हालत पतली हो गई थी, परंतु उसके बाद हुए अधिकांश ग्राम-तहसील-जिला पंचायत चुनावों में भाजपा की स्थिति में सुधार होता गया। जूनागढ महानगर पालिका के साथ ही कुछ जिला और तहसील पंचायतों के चुनाव-उप चुनाव भी हुए थे। इनमें जिला पंचायतों की पाँच सीटों के उप चुनाव में सभी सीटें भाजपा ने जीती, जबकि कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। तहसील पंचायतों की 46 सीटों में से भाजपा ने 36 सीटें हासिल कीं, जबकि इससे पहले भाजपा का इन 36 में से 28 सीटों पर ही कब्जा था। दूसरी तरफ कांग्रेस को 7 सीटें ही मिलीं, जबकि उसका 18 सीटों पर कब्जा था। एनसीपी को 3 सीटें हासिल हुईं। कुतियाणा तहसील पंचायत की 5 सीटों में से भाजपा को 3 और कांग्रेस को 2 सीटें हासिल हुईं।

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