14 महीने में चित्त हो गया कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस का शासन : 105 की तुलना में 99 वोटों से गिरी कुमारस्वामी सरकार

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अहमदाबाद, 23 जुलाई 2019 (युवाPRESS)। कर्णाटक में सत्ता का नाटक और गहरा गया है। पिछले कई दिनों से चल रहे कर्णाटक में कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन के राजनीतिक नाटक का मंगलवार को पटाक्षेप हो गया और 14 महीने पुरानी कुमारस्वामी सरकार गिर गई। विधानसभा में विश्वासमत की वोटिंग के दौरान कुमारस्वामी सरकार के पक्ष में मात्र 99 वोट पड़े, जबकि विरोध में 105 वोट पड़े। इसी के साथ विश्वासमत हार जाने से कुमारस्वामी सरकार का पतन हो गया।

14 महीने से डांवाडोल चल रही थी कुमारस्वामी सरकार

224 विधायकों की संख्या वाली कर्णाटक विधानसभा में 2018 में विधानसभा के चुनाव हुए थे। परंतु किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था और न ही कांग्रेस और भाजपा के गठबंधन को बहुमत हासिल हुआ था। इसलिये राज्य में सरकार रचने का पेंच शुरू से ही फँसा हुआ था। इसी बीच भाजपा ने अल्पमत के बावजूद येदियुरप्पा के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा किया था और गुजरात मूल के राज्यपाल वजूभाई वाला ने सर्वाधिक सीटों के चलते उन्हें सरकार बनाने का न्यौता भी दिया था। हालांकि उन्होंने विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने के बजाय 19 मई-2018 को अपना इस्तीफा रख दिया था। इसके बाद कांग्रेस ने जेडीएस के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के बेटे कुमारस्वामी को समर्थन देकर सबसे छोटे दल की कर्णाटक में सरकार बनाई थी। हालांकि यह और बात है कि कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार शुरू से ही डांवाडोल चल रही थी और दोनों के विधायकों के बीच टकराव की खबरें आती रहीं।

15 विधायकों के इस्तीफे से गहराया था संकट

इसी बीच तब कुमारस्वामी के लिये सत्ता का संकट गहरा गया जब कांग्रेस के 15 विधायकों ने कुमारस्वामी सरकार के विरुद्ध बगावत कर दी। इन 15 विधायकों के अलग हो जाने से कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ गई थी। इसी बीच सरकार के समक्ष विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने की चुनौती आई, जिसमें मंगलवार को सदन में 224 में से 204 विधायक ही उपस्थित रहे। उनमें से 99 विधायकों ने सरकार के पक्ष में वोट डाला, जबकि सरकार के विरुद्ध 105 वोट पड़ने से कुमारस्वामी की 14 महीने पुरानी सरकार चित्त हो गई। कुमारस्वामी सरकार 23 मई-2018 को बनी थी, जिसका मंगलवार 23 जुलाई-2019 को खात्मा हो गया। इससे पहले विश्वासमत पर चर्चा के दौरान भी एचडी कुमारस्वामी ने स्वीकार किया कि उन्होंने 14 महीने तक ऐसी सरकार चलाई जिस पर गिरने का खतरा लगातार मंडरा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हमेशा ही ऐसा लगता रहा कि वह एक्सीडेंटल सीएम हैं।

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