जानिए कौन है ‘सूर्या’ और क्यों उन्होंने कहा, ‘यह केवल भाजपा और PM मोदी के नए भारत में ही हो सकता है’?

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) धीरे-धीरे लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर रही है। आकांक्षी उम्मीदवार उम्मीद लगाए बैठे हैं और हर सूची में अपना नाम होने की संभावना टटोलते हैं। कुछ निराश होते हैं, तो कुछ इतने अचंभित हो जाते हैं कि उनके मुँह से अनायास ही ऐसे शब्द निकल पड़ते हैं, जो शायद ही कोई नेता अपनी पार्टी और उसके नेतृत्व के लिए व्यक्त करता है।

ऐसे ही एक नेता हैं एलएस तेजस्वी सूर्या। इन महाशय को आप नहीं जानते होंगे, परंतु यह नेता दक्षिण भारत में विशेषकर कर्नाटक में भाजपा के राइज़िंग स्टार (उदीयमान तारा) हैं और भाजपा ने इन्हें न केवल अपने दिग्गज स्वर्गीय नेता अनंत कुमार की विरासत सौंपी है, अपितु कांग्रेस के दिग्गज नेता बीके हरिप्रसाद के खिलाफ चुनावी अखाड़े में उतारा है। अनंत कुमार कर्नाटक की प्रतिष्ठित लोकसभा सीट बेंगलुरू दक्षिण से सांसद थे।

भाजपा के दिग्गज नेता और अनंत कुमार मोदी सरकार में मंत्री थे और उनका हाल ही में कैंसर की बीमारी के कारण निधन हो गया था। कयास लगाए जा रहे थे कि इस सीट के लिए दिवंगत अनंत कुमार की पत्नी तेजस्विनी को भाजपा टिकट देगी, परंतु भाजपा ने सूर्या को मैदान में उतार कर एक ऐसा दृष्टांत कायम किया, जो आम तौर पर अन्य पार्टियाँ नहीं करतीं। भाजपा ने विरासत और हैसियत को नहीं, बल्कि काबिलियत को प्राथमिकता दी और एलएस तेजस्वी सूर्या को उम्मीदवार बनाया।

एलएस तेजस्वी सूर्या ने मंगलवार रात 2.48 बजे स्वयं घोषणा की कि भाजपा ने उन्हें बेंगलुरू दक्षिण से उम्मीदवार बनाया है। सूर्या ने कहा, ‘OMG OMG ! मुझे इस पर विश्वास नहीं हो रहा है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के पीएम और सबसे बड़े राजनीतिक दल के अध्यक्ष ने बेंगलुरू साउथ सीट पर मेरे जैसे 28 साल के लड़के को टिकट दिया है। यह केवल बीजेपी में हो सकता है। केवल पीएम मोदी के नए भारत में।’

कौन हैं एलएस तेजस्वी सूर्या ?

एलएस तेजस्वी सूर्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि रखते हैं और मिलनसार छवि के साथ तेजतर्रार युवा नेता के रूप में जाने जाते हैं। व्यवासय से वकील सूर्या ने बेंगलुरू के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज़ से पढ़ाई की है। वे लम्बे समय से संघ और स्टुडेंट यूनियन से जुड़े रहे हैं। अपनी दमदार भाषण शैली व सम्प्रेषण कला में निपुण होने के कारण सूर्या संघ और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के दिल में जगह बनाने में सफल रहे। सूर्या को टिकट मिलने के पीछे संघ का समर्थन काम कर गया। टिकट मिलने के बाद सूर्या ने संघ का धन्यवाद व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘मैं RSS और उनके निःस्वार्थ भाव से काम करने वाले नेताओं को धन्यवाद देता हूँ, जिन्होंने मुझे अपना आशीर्वाद दिया। आपने मेरी ग़लतियों को माफ किया, मैरी शैतानी को सहन किया और हर संभव तरीके से मेरी मदद की।’

अनंत कुमार मेरे प्रथम गुरु : सूर्या

सूर्या ने ट्वीट करके दिवंगत अनंत कुमार को अपना प्रथम गुरु बताते हुए लिखा, ‘अनंत कुार जी सार्वजनिक जीवन में प्रथम गुरु थे। उन्होंने मुझे हाई स्कूल के दिनों में आगे बढ़ते हुए देखा था। मैंने उन्हें देख कर, उनसे बात करके और काम करते हुए देख कर काफी कुछ सीखा है। अनंत कुमार कर्नाटक के अब तक के सबसे शीर्ष नेताओं में से एक थे। मैं सदैव उनका आभारी रहूँगा।’

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