कल से शुरू होगा कार्तिक मास, तुलसी पूजन में इन बातों का रखें ध्यान- श्री अनंत गोस्वामी जी

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श्री बांके बिहारी मंदिर के सेवायत श्री अनंत गोस्वामी जी ने कार्तिक मास के महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा शरद पूर्णिमा के बाद से कार्तिक का महीना लग जाता है। इस महीने में भगवान विष्णु जल में निवास करते हैं, इसलिए इस माह में सुबह सवेरे स्नान करने से बहुत फल मिलता है। कार्तिक महीने में तुलसी पूजा का विशेष महत्व है। इस पूरे महीने में माता तुलसी के सामने दीपक जलाया जाता है।

कार्तिक मास श्री हरि का अत्यंत प्रिय है। अतः मां लक्ष्मी को भी अत्यंत प्रिय है। इसी महीने भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और सृष्टि में आनंद और कृपा की वर्षा होती है। इस महीने में मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और भक्तों को अपार धन देती हैं। मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए ही इस महीने धन त्रयोदशी, दीपावली और गोपाष्टमी मनाई जाती है।

अनंत गोस्वामी जी ने कहा कि पद्म पुराण में बताया गया है कि देवी रुक्मिणी पूर्वजन्म में विधवा ब्राह्मणी थीं। गंगा तट पर रहते हुए वह कार्तिक मास का व्रत निमय पूर्वक किया करती थीं। एक बार इसी व्रत के दौरान उन्होंने ठंड से शरीर त्याग दिया। मृत्यु के बाद उन्हें उत्तम लोक में स्थान प्राप्त हुआ और जब भगवान विष्णु ने कृष्ण रूप में अवतार लिया तब उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

उन्होंने बताया कि इस माह माता तुलसी की पूजा करने से बहुत फल मिलता है। इस महीने में तुलसी विवाह का आयोजन भी किया जाता है। कहते हैं कि तुलसी विवाह करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है। तुलसी विवाह से घर में सुख-समृद्धि आती है। इस बात का ध्यान रखें कि तुलसी पत्र को बिना स्नान किए नहीं तोड़ना चाहिए।

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