पाकिस्तान के पीएम से अब कश्मीर के अम्बेसेडर बनने जा रहे इमरान खान

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पाक राष्ट्रपति ने पाकिस्तान को बताया शांतिप्रिय देश

अहमदाबाद, 14 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। पाकिस्तान ने बुधवार को अपना 73वाँ स्वतंत्रता दिवस ‘कश्मीर एकता दिवस’ के रूप में मनाया। इस दौरान पाकिस्तानी राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने राष्ट्र के नाम संदेश में कश्मीर राग अलापा और पाकिस्तान को शांतिप्रिय देश बताया। दिलचस्प बात तो यह है कि खुद को शांतिप्रिय देश बताने के साथ ही उन्होंने भारत को युद्ध की गीदड़ भभकी भी दी और कहा कि ‘हमारी शांति की नीति को भारत कमजोरी समझने की भूल न करे।’ इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री और पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता भी भारत को युद्ध की धमकी दे चुके हैं, फिर भी शायद कोई कमी रह गई थी, इसलिये पाकिस्तानी पीएम इमरान खान भी आज सामने आए और उन्होंने भारत के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र (UNITED NATIONS) को भी धमका डाला। उन्होंने कहा कि यदि भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ तो इसके लिये यूएन जिम्मेदार होगा। पाक पीएम ने तो दुनिया में कश्मीर का अम्बेसेडर बनने का भी ऐलान कर दिया।

क्या कहा पाक राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने ?

भारत ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 खत्म करके प्रदेश को दो हिस्सों में बाँट दिया है और साथ ही दुनिया में यह भी जाहिर कर दिया है कि यह भारत का आंतरिक मामला है। भारत की इस कार्यवाही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और उसे समझ नहीं आ रहा कि वह क्या करे ? ऐसे में उसके पास भारत और संयुक्त राष्ट्र को धमकाने के सिवाय कोई चारा नहीं बचा है। पाकिस्तान वही कर भी रहा है। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर बुधवार को पाक राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के पास कहने के लिये कुछ नहीं था तो बस कश्मीर राग अलाप दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांतिप्रिय देश है और शांति से कश्मीर मुद्दा सुलझाना चाहता है, परंतु भारत उसकी शांति की नीति को कमजोरी समझने की भूल न करे। अल्वी भारत के विरुद्ध जमकर बयानबाजी करते हुए कहा कि उनका देश कश्मीर के लोगों के साथ खड़ा रहेगा। नई दिल्ली के फैसले के खिलाफ इस्लामाबाद संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद का रुख करेगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा छीनकर भारत ने न केवल संयुक्त राष्ट्र के संकल्प का बल्कि शिमला समझौते का भी उल्लंघन किया है। ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ की तर्ज पर अल्वी ने भारत पर कई आरोप भी लगाए और कहा कि भारत नियंत्रण रेखा पर गैर सैन्य इलाकों को निशाना बनाकर संघर्ष विराम के समझौते का बार-बार उल्लंघन करता रहा है।

पाक पीएम इमरान खान का बयान

पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पाक पीएम इमरान खान बुधवार को पाक अधिकृत कश्मीर (POK) की विधानसभा को संबोधित करने पहुँचे। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि धारा 370 हटाए जाने के बाद अब कश्मीर के पास एक ही रास्ता बचा है और वह है कश्मीर की आज़ादी। इमरान ने धारा 370 हटाने के फैसले को भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी की सबसे बड़ी रणनीतिक भूल करार देते हुए कहा कि यह कदम उठाना एक तरह से कश्मीर की लड़ाई को एक और मौका देने के बराबर है। उन्होंने कहा कि ‘मुझे लगता है, मोदी की यह सबसे बड़ी रणनीतिक भूल है। मोदी और उनकी बीजेपी सरकार को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। मेरे ख्याल से मोदी की यह बहुत बड़ी मिस कैलकुलेशन है। उन्होंने अपना फाइनल कार्ड खेल दिया है।’ इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान शुरू से ही दुनिया का ध्यान कश्मीर मुद्दे की ओर खींचना चाहता था और यह काम पाकिस्तान के लिये मुश्किल भी था, परंतु मौजूदा घटनाक्रम से कश्मीर मुद्दा स्पॉट लाइट में आ गया है। मोदी ने कश्मीर में कार्यवाही करके एक तरह से इस मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब यह पाकिस्तान पर निर्भर है कि वह इस मुद्दे को कैसे हाइलाइट करता है। ‘अब मैं दुनिया में कश्मीर मुद्दे का अम्बेसेडर बनूँगा और हर मंच पर कश्मीर मुद्दे को उठाऊँगा।’ उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को यूएन की सुरक्षा परिषद में उठाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट का भी रुख किया जाएगा। आने वाले दिनों में लंदन में इस मुद्दे पर बड़ी रैली निकाली जाएगी, जिसमें कश्मीर में कर्फ्यू के दौरान भारतीय सेना की ओर से कश्मीरियों पर किये गये दमन का खुलासा किया जाएगा।

पाकिस्तानी सेना और पाक विदेश मंत्री भी दे चुके धमकी

उल्लेखनीय है कि इससे पहले पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने भी भारत को युद्ध की धमकी देते हुए कहा कि कश्मीर की सच्चाई न 1947 के एक अवैध दस्तावेज से बदलेगी और न ही भविष्य में कोई ऐसा कर पाएगा। इससे पहले चीन में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी इसी भाषा में बोलते हुए चीन से पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे पर समर्थन प्राप्त होने की बात कही थी।

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