‘Khadi’ को लेकर कोर्ट पहुंचे Fabindia और खादी ग्रामोद्योग कमीशन

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खादी ग्रामोद्योग कमीशन (Khadi and Village Industries Commission (KVIC)) और पारंपरिक कपड़ों के फैशन ब्रांड Fabindia में आजकल ठनी हुई है। बात यहां तक बिगड़ गई है कि Khadi Commission ने फैबइंडिया को कानूनी नोटिस तक भेज दिया है। इस नोटिस में खादी ग्रामोद्योग ने Fabindia से 525 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति (Damage) की मांग की है। बता दें कि खादी ग्रामोद्योग ने 525 करोड़ रुपए की मांग Fabindia द्वारा गैर-अधिकारिक तौर पर ‘खादी'(Khadi) ट्रेडमार्क का इस्तेमाल करने के एवज में की है।

क्या है मामला

उल्लेखनीय है कि खादी ग्रामोद्योग कमीशन, केन्द्रीय लघु और सूक्ष्म उद्योग मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, जो कि पारंपरिक रुप से हाथ से बने ‘खादी'(Khadi) का प्रचार प्रसार करती है। ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक खबर के अनुसार, खादी कमीशन ने बीते 29 जनवरी को फैबइंडिया को एक कानूनी नोटिस भेजा है। खादी कमीशन का आरोप है कि Fabindia Oversease Private Limited गैर-अधिकारिक रुप से अपने कपड़ों पर खादी शब्द का इस्तेमाल कर, अपने ग्राहकों को गुमराह कर रही है, जबकि इसके लिए फैबइंडिया ने खादी कमीशन से कोई अनुमति भी नहीं ली है !

Khadi

खादी कमीशन ने आरोप लगाया है कि फैबइंडिया फैक्ट्री में बने कॉटन को खादी (Khadi) बताकर बेच रही है। जबकि खादी केवल एक विशेष चरखे, जिसे अम्बर चरखा कहा जाता है, पर हाथ से बनायी जाती है। वहीं दूसरी तरफ फैबइंडिया ने खादी कमीशन के आरोपों को बेबुनियाद बताया है और किसी भी तरह का गलत काम करने से इंकार किया है।

क्या हैं सरकारी नियम Khadi के इस्तेमाल को लेकर

सरकार के नियमों की बात करें तो खादी मार्क रेग्यूलेशन, 2013 के अनुसार, कोई भी संस्था, कंपनी बिना खादी कमीशन की अनुमति के बगैर अपने प्रोडक्ट पर खादी (Khadi) शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकती। इसके लिए कंपनी या संस्था को खादी कमीशन की वेबसाइट पर जाकर अप्लाई करना होगा, जिसकी फीस 10000 रुपए है। अप्लाई करने के 40 दिन बाद खादी कमीशन एक सर्टिफिकेट देगा, जो कि एक साल तक वैध रहेगा।

Khadi

बता दें कि खादी कमीशन और फैबइंडिया के बीच रार साल 2015 से जारी है। खादी कमीशन के कई नोटिसों के बावजूद फैबइंडिया ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। ऐसे में अब खादी कमीशन  (Khadi and Village Industries Commission) आर-पार के मूड में दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, कानूनी नोटिस मिलने के 7 दिन के अंदर फैबइंडिया को जवाब देना है, नहीं तो फिर फैबइंडिया के खिलाफ कानूनी कारवाई की जाएगी।

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