BUDGET 2019 : जानिए देश की 6 वित्तीय विभूतियों को, जो अर्थ व्यवस्था की चुनौतियों का करते हैं सामना

Written by

अहमदाबाद, 4 जुलाई 2019 (YUVAPRESS)। क्या आप जानते हैं कि देश की अर्थ व्यवस्था के समक्ष जब चुनौतियाँ आती हैं तो उनसे निपटने का काम कौन करता है ? आप कहेंगे कि सरकार ! आपका जवाब सही तो है, परंतु अधूरा है। आज हम आपको बताते हैं कि अर्थ व्यवस्था के समक्ष पेश आने वाली चुनौतियों से निपटने का काम कौन करता है और उनकी केन्द्रीय बजट तैयार करने में क्या भूमिका है तथा क्यों उनके बिना एक कदम भी नहीं चल सकते देश के वित्त मंत्री ?

भारत को विश्व की छठे नंबर की सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था बनाने वाली 6 विभूतियाँ

मोदी सरकार-2 का पहला आम बजट शुक्रवार को पेश किया जाएगा। नई मोदी सरकार की वित्त मंत्री इस बार महिला हैं और उनका नाम निर्मला सीतारमण है, जो पिछली मोदी सरकार में रक्षा मंत्री थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की अपेक्षाओं और जरूरतों के हिसाब से 2019-20 का आम बजट तैयार कर लिया है, परंतु यह काम उन्होंने अकेले नहीं किया। बजट का पूरा ढाँचा तैयार करने के लिये उन्हें छह लोगों की एक पूरी टीम की मदद लेनी पड़ती है, इस टीम के बिना बजट का मसौदा तैयार करना वित्त मंत्री के लिये संभव ही नहीं है, तो आइये जानते हैं कि वह कौन महान विभूतियाँ हैं, जिनकी सूझ-बूझ पर विश्व की छठे नंबर की सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था का दारोमदार है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की इस छह सदस्यीय टीम के सदस्यों के नाम हैं के. सुब्रमण्यम, सुभाष गर्ग, अजय भूषण पाण्डेय, जी. सी. मुर्मु, राजीव कुमार और अतनू चक्रवर्ती। यह वो सदस्य हैं जो सरकार की आर्थिक पेचीदगियों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और नये रास्ते तलाशने का भी जिम्मेदारी वाला काम करते हैं। आइये इन छह सदस्यों के बारे में संक्षेप में जानकारी प्राप्त करते हैं कि यह कौन हैं ?

के. सुब्रमण्यम :

के. सुब्रमण्यम यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो से फाइनांसियल इकॉनोमिक्स में पीएचडी हैं और वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार हैं। इनके कंधों पर बजट के माध्यम से अर्थव्यवस्था को धार और रफ्तार देने की सबसे अहम जिम्मेदारी है।

सुभाष गर्ग :

वित्तीय सचिव और आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग नॉर्थ ब्लॉक यानी वित्त मंत्रालय की पुरानी शख्सियत हैं। उन्होंने अपने सेवाकाल में अनेक बजट देखे हैं और तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनके पास बजट तैयार करने का बहुत अनुभव है, परंतु इस बार इनके सामने सुस्त हो रही अर्थ व्यवस्था को गति देना और उपभोग की वस्तुओं की घटती माँग तथा निजी निवेश में आई कमी जैसी चुनौतियों से निपटने की जिम्मेदारी है।

अजय भूषण पाण्डेय :

राजस्व सचिव अजय भूषण पाण्डेय देश व्यापी आधार कार्ड मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। अब उनके कंधे पर सरकार के लिये राजस्व जुटाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

जी. सी. मुर्मू:

जी. सी. मुर्मू गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी और केन्द्र सरकार में व्यय सचिव हैं। इससे पहले वह फाइनांस सर्विस तथा राजस्व विभाग में प्रशंसनीय सेवाएँ दे चुके हैं। योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करना इनकी विशेषता रही है।

राजीव कुमार :

बेड लोन पर अंकुश लगाना और मोदी सरकार की कई योजनाओं को धरातल पर उतारने में राजीव कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्तमान में राजीव कुमार फाइनांसियल सर्विस सेक्रेटरी के पद पर हैं और बजट का मसौदा तैयार करने में वित्त मंत्री की मदद कर रहे हैं।

अतनू चक्रवर्ती :

अतनू चक्रवर्ती भी 1985 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। अतनू चक्रवर्ती डीआईपीएएम सचिव हैं। उन्होंने पिछले वर्ष विनिवेश के लक्ष्य को समय पर पूरा करके मोदी सरकार को अपने काम से प्रभावित किया था।

Article Categories:
News

Leave a Reply

Shares