भारत का यह दामाद बन गया इस देश का प्रधानमंत्री : जानिए क्या होगा फायदा ?

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 24 जुलाई 2019 (युवाPRESS)। बचपन में चाय बेचने वाला एक व्यक्ति भारत का प्रधानमंत्री बना और उसने दुनिया के दिग्गज देशों से अपने देश के रिश्ते मजबूत किये। अब भारत का एक दामाद उस देश का प्रधानमंत्री बन गया है, जिस देश ने भारत पर 200 साल तक राज किया था। हम बात कर रहे हैं ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की। जी, हाँ ! ब्रिटेन के नये पीएम बने बोरिस जॉनसन का भारत से खास रिश्ता है।

ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री हैं भारत के दामाद

ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री बने बोरिस जॉनसन पिछले साल ही अपनी पत्नी मैरिना व्हीलर से अलग हुए हैं। मैरिना भारत में बीबीसी के पत्रकार चार्ल्स व्हीलर और भारतीय सिख दीपकौर की बेटी हैं। चार्ल्स व्हीलर जब भारत में बीबीसी के पत्रकार के रूप में काम करते थे, तब 1961 में उन्होंने भारतीय सिख महिला दीप कौर से शादी की थी। मैरिना इन्हीं दोनों की बेटी हैं, जिन्होंने बोरिस जॉनसन से शादी की थी। हालाँकि पिछले साल ही यह दोनों अलग हो गये हैं। दीप कौर ने चार्ल्स व्हीलर से शादी करने से पहले मशहूर लेखक खुशवंत सिंह के भाई दलजीत सिंह से शादी की थी।

बोरिस ने कहा था ‘मैं हूँ भारत का दामाद !’

हाल ही में लंदन में आयोजित हुए भारतीय प्रवासियों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खुद बोरिस ने स्वीकार किया था कि वह ‘भारत के दामाद’ हैं। उन्होंने कहा कि उनका भारत के साथ खास रिश्ता है। उन्होंने कहा कि भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी से मिलने के दौरान भी उन्होंने इस बात पर खास जोर दिया था कि भारत और ब्रिटेन को साथ मिलकर कई मोर्चों पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने भारत से अपने रिश्तों का जिक्र करते हुए यह भी कहा था कि दोनों देशों को आपस में व्यापार बढ़ाने की आवश्यकता है।

जेरेमी हंट को हराकर जीते हैं बोरिस

उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री टेरेसा मे के 7 जून को त्यागपत्र देने के बाद कंजर्वेटिव पार्टी ने पीएम पद के उम्मीदवार के लिये बोरिस जॉनसन और जेरेमी हंट के बीच चुनाव करवाया था। इस चुनाव में बोरिस जॉनसन को 92,153 वोट मिले, वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी जेरेमी हंट को मात्र 46,656 वोट ही हासिल हो पाए। बोरिस ने पीएम चुने जाने के बाद सभी को शुक्रिया कहा। इसके बाद उन्होंने कहा कि अब कैंपेन खत्म हो गया है और देश तथा पार्टी की एकता के लिये काम करने का समय आ गया है। हम ब्रेग्ज़िट डिलिवर करेंगे। ज्ञातव्य है कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ से बाहर होना चाहता है, जिसके लिये ब्रेग्ज़िट को लेकर ही समझौता नहीं हो पाने से टेरेसा मे को त्यागपत्र देना पड़ा था। अब बोरिस इसको लेकर नई रणनीति तैयार करेंगे।

भारत को क्या होगा फायदा ?

बोरिस के समर्थकों में कई भारतीय हैं, जिनका बोरिस के मंत्रिमंडल में स्थान पक्का माना जा रहा है। इस प्रकार ब्रिटेन के मंत्रिमंडल में भारतीय मूल के लोगों को दबदबा बढ़ेगा। भारतीय मूल की जिन प्रीति पटेल को टेरेसा मे ने कैबिनेट से बेदखल कर दिया था, माना जा रहा है कि बोरिस की कैबिनेट में उनकी वापसी हो सकती है। इतना ही नहीं, उन्हें गृह मंत्री बनाया जा सकता है। वैसे उनका नाम अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और पार्टी चेयरपर्सन के लिये भी आगे चल रहा है। जॉनसन के पुराने सहयोगी आलोक शर्मा को भी उनकी कैबिनेट में जगह मिलने की संभावना है। उन्हें हाउसिंग की समस्या से जुड़े विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। जबकि साजिद जाविद का नाम जॉनसन के चांसलर के रूप में आगे आ रहा है।

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