पढ़िए चिदंबरम पुराण : बेल के लिए खेला हर ‘खेल’, पर जाना ही पड़ा जेल

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INX मीडिया केस में पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री को CBI ने किया है गिरफ्तार

दिल्ली की राउज एवेन्यु कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड पर सौंपा

बचाव पक्ष के वकील कांग्रेस नेताओं कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलें खारिज

हर रोज 30 मिनट के लिये मिल सकेंगे परिवार और वकील

ED केस में अंतरिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट 27 को करेगा सुनवाई

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 22 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। INX मीडिया केस में कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को दिल्ली की राउज एवेन्यु कोर्ट ने गुरुवार को 5 दिन की रिमांड पर केन्द्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) के हवाले कर दिया है। इससे पहले बचाव पक्ष की ओर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील कपिल सिब्बल तथा अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से पी. चिदंबरम के लिये जमानत पर रिहाई की माँग करते हुए दलीलें पेश की, हालांकि जज अजय कुमार कुहाड़ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों को स्वीकार करते हुए चिदंबरम को 5 दिन की सीबीआई रिमांड में भेज दिया। तुषार मेहता ने 5 दिन की रिमांड की माँग करते हुए दलील दी थी कि चिदंबरम जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इससे पहले सीबीआई ने बुधवार देर रात चिदंबरम को दिल्ली के जोर बाग में स्थित उनके बंगले से नाटकीय घटनाक्रम के बाद गिरफ्तार किया था।

अदालत में सीबीआई की ओर से की गई दलीलें

सीबीआई ने गुरुवार सुबह लगभग 11 बजे चिदंबरम से एक बार फिर पूछताछ की। दोपहर बाद चिदंबरम को सीबीआई राउज एवेन्यु कोर्ट लेकर आई, लगभग 3 बजे के बाद चिदंबरम कोर्ट में पहुँचे, जहाँ उनके वकील कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और विवेक तन्खा मौजूद थे, चिदंबरम का परिवार भी मौजूद था। चिदंबरम ने सीबीआई द्वारा की गई पूछताछ के बारे में अपने वकीलों से चर्चा की। दोपहर साढ़े 3 बजे सीबीआई ने चिदंबरम को कोर्ट में पेश किया और उन्हें कठघरे में खड़ा किया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के आने के बाद लगभग पौने चार बजे सुनवाई शुरू हुई तो सीबीआई की ओर से मेहता ने 5 दिन की रिमांड की माँग करते हुए कहा कि चिदंबरम जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिये उन्हें रिमांड पर सौंपने की जरूरत है, जिससे सीबीआई उनसे पूछताछ कर सके तथा अन्य गवाहों और सबूतों से उनके बयानों का मिलान कर सके। मेहता ने केस पर रोशनी डालते हुए अदालत को बताया कि आईएनएक्स मीडिया ने गलत तरीके से फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई-FDI) वसूल की है, जो कि फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी-FIPB) के नियमों का उल्लंघन है। चिदंबरम उस समय वित्त मंत्री थे और उनके कार्यकाल में उन्हीं की मदद से आईएनएक्स मीडिया को गलत तरीके से फायदा पहुँचाया गया, जिसके बाद कंपनी ने दूसरी कंपनियों को भी पैसा दिया। सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि लगभग 5 मिलियन डॉलर चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम से जुड़ी कंपनियों को दिये गये। सीबीआई ने आरोप लगाया कि पी. चिदंबरम ने अपने पद का दुरुपयोग करके आईएनएक्स को फायदा पहुँचाया।

अदालत में बचाव पक्ष की ओर से की गई दलीलें

बचाव पक्ष की ओर से कपिल सिब्बल ने दलीलें शुरू की और कहा कि इस मामले में कार्ति चिदंबरम आरोपी हैं, जिन्हें दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत देने से इनकार नहीं किया है। केस के अन्य आरोपियों को जमानत मिल गई है, ऐसे में इन्हें भी जमानत मिलनी चाहिये। इस डील में जिस एफआईपीबी के बोर्ड ने मंजूरी दी थी, उसमें 6 सेक्रेटरी केन्द्र सरकार के थे, उनमें से कुछ आरबीआई गवर्नर बन गये हैं, नीति आयोग के चेयरमैन भी बने हैं, परंतु उनको गिरफ्तार नहीं किया गया। हम सब बुधवार रात को चिदंबरम के साथ थे, तब हमें बताया गया कि सीबीआई उन्हें कस्टडी में लेना चाहती है। इस दौरान चिदंबरम की ओर से सीबीआई से रिक्वेस्ट की गई कि उन्हें सुबह गिरफ्तार करे। गुरुवार सुबह चिदंबरम से सिर्फ 12 सवाल पूछे गये और रात को उनसे कोई पूछताछ नहीं की गई, जो आरोप हैं, वह कार्ति चिदंबरम पर हैं, पी चिदंबरम पर नहीं है और कार्ति भी अभी बेल पर हैं, ऐसे में चिदंबरम को भी जमानत दी जाए। सिब्बल ने सवाल किया कि क्या सीबीआई ने अभी तक चिदंबरम से पेमेंट को लेकर कोई सवाल पूछा है, उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई उन पर गलत आरोप लगा रही है। सिब्बल ने कहा कि इस मामले में कार्ति को नियमित बेल मिलती रही है और दूसरे आरोपी भास्कर रमन को भी अग्रिम जमानत दी गई है। इन दोनों को सीबीआई ने कभी चेलेंज नहीं किया। सिब्बल ने जमानत के आदेश की कॉपी भी अदालत को सौंपी। सिब्बल ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पता है हिरासत में लेने के बाद वे क्या करेंगे ? वे अपनी बात हमारे मुवक्किल के मुँह से कहलवाएँगे। बीती रात को भी उन्हें सोने नहीं दिया गया। सुबह 8 बजे से वे पूछताछ के लिये तैयार थे, परंतु सीबीआई ने 11 बजे पूछताछ शुरू की, जिसमें उनसे मात्र 12 सवाल पूछे। उन्होंने 6 के जवाब दिये हैं। कोर्ट को सवाल करना चाहिये कि आखिर पी. चिदंबरम से क्या सवाल पूछे गये ?

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सिब्बल के सहयोगी वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि सीबीआई का पूरा मामला इंद्राणी मुखर्जी के सबूतों और केस डायरी पर आधारित है। उन्होंने चिदंबरम को मात्र एक अप्रूवर के बयान पर गिरफ्तार किया है, अप्रूवर का बयान स्टेटस होता है, प्रमाण नहीं। सिंघवी ने कहा कि इस पूरे मामले में सीबीआई का रवैया गलत है। सीबीआई इतनी परेशान क्यों है ? सीबीआई ने रिमांड की माँग की है, परंतु आरोप क्या है, यह नहीं बताया। इस केस में और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एफआईपीबी के 6 आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं। फैसले को मंजूरी देने वाले को आरोपी बनाया गया है। सिंघवी ने कहा कि सीबीआई के 12 सवालों में से भी 6 सवाल पुराने हैं। इस मामले में चिदंबरम को भी अपना पक्ष रखने की इजाजत मिलनी चाहिये।

चिदंबरम ने भी अदालत में दिया बयान

इसके बाद जज अजय कुमार कुहाड़ ने चिदंबरम से सवाल किया कि क्या आपके पास बोलने के लिये कुछ है ? हालांकि चिदंबरम के बोलने पर एसजी तुषार मेहता ने विरोध जताया और कहा कि आरोपी को वकीलों के बीच बोलने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिये। सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि रिमांड कुछ ही मामलों में दी जाती है, रिमांड विशेष हालात में दी जाती है। यह मामला सबूतों से छेड़छाड़ का नहीं है। सीबीआई ने भी सबूतों की टेम्परिंग करने या मिटाने का कोई जिक्र नहीं किया है। कोर्ट ने चिदंबरम को बोलने की इजाजत दी, जिसके बाद उन्होंने कहा कि मुझसे मेरे और मेरे बेटे के बैंक खातों के बारे में पूछा गया। मेरा विदेश में कोई बैंक खाता नहीं है। बेटे कार् के विदेशों में बैंक खाते हैं। पैसों के बारे में उनसे कोई सवाल नहीं पूछा गया। उन्होंने सारे सवालों के जवाब दिये हैं। उन्होंने कहा कि उन पर लगाये गये सारे आरोप निराधार हैं। इसके बाद 5 बजे बहस पूरी हुई तो कोर्ट ने आधे घण्टे के बाद फैसला सुनाने की घोषणा की।

देर शाम 6.40 बजे सीबीआई कोर्ट ने दिया फैसला

सिब्बल और सिंघवी फैसला आने से पहले ही अदालत से बाहर गये थे। उन्होंने मीडिया से भी बात की। इससे पहले आज सुबह कार्ति चिदंबरम भी फ्लाइट से दिल्ली पहुँच गये थे और जोर बाग वाले बंगले पर उतरे थे, जहाँ से बुधवार रात चिदंबरम को गिरफ्तार किया गया था। वह भी अदालत में मौजूद थे। उन्होंने ट्वीट कर दोनों वकीलों की तारीफ की और कहा कि इतने बड़े वकीलों को सुनना सौभाग्य की बात है। इस कानूनी कार्यवाही का वीडियो बनना चाहिये, यह कानून के सभी छात्रों के लिये सबसे उपयोगी होगा, विशेषकर उनके लिये जो कोर्ट क्राफ्ट में रुचि रखते हैं।

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देरशाम 6.40 बजे कोर्ट ने चिदंबरम को झटका देने वाला फैसला सुनाया और बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए सीबीआई की रिमांड की अपील को मंजूर किया। अब चिदंबरम 26 अगस्त तक सीबीआई रिमांड में रहेंगे। हालांकि सीबीआई कोर्ट ने निर्देश दिये कि हिरासत के दौरान आरोपी की व्यक्तिगत गरिमा का हनन नहीं होना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी हुई बेकार

उल्लेखनीय है कि बुधवार को चिदंबरम के वकील सलमान खुर्शीद ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है, परंतु अब जब सीबीआई चिदंबरम को गिरफ्तार कर चुकी है, तो अब इस सुनवाई का कोई अर्थ नहीं रह गया है। हालाँकि प्रवर्तन निदेशालय के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी गई है, जिस पर 27 अगस्त को सुनवाई होगी। चूँकि सीबीआई चिदंबरम को गिरफ्तार कर चुकी है, इसलिये ईडी को उन्हें गिरफ्तार करने के लिये वक्त मिल गया है और उन्हें गिरफ्तार करने में कोई परेशानी नहीं होगी। वह ट्रांसफर वारंट हासिल करके उन्हें अपने कब्जे में ले सकता है।

जिस CBI हेडक्वार्टर का किया उद्घाटन, उसी में हैं आरोपी

पी. चिदंबरम ने 30 जून-2011 को डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में सीबीआई के नये हेडक्वार्टर का उद्घाटन किया था। पीएम मनमोहन सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे और चिदंबरम यूपीए-2 सरकार में तत्कालीन गृह मंत्री और इस कार्यक्रम के विशेष अतिथि थे। 8 साल बाद उसी सीबीआई हेड क्वार्टर में चिदंबरम को बतौर आरोपी रखा गया है। इसी हेड क्वार्टर के लॉकअप में उन्हें रात बितानी पड़ रही है।

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