VIDEO : ‘घर से कचरा निकाल…’, कौन है यह शिक्षक, जिसकी कलम से हो रही ‘स्वच्छता क्रांति’ ?

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रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 30, सितंबर 2019 (युवाPRESS)। आचार्य चाणक्य ने कहा है कि शिक्षक कभी साधारण नहीं होता, प्रलय और निर्माण उसकी गोद में खेलते हैं। समाज के निर्माण में शिक्षक की एक अहम् भूमिका होती है। शिक्षक ही समाज में किसी व्यक्ति को एक अच्छा नागरिक बनाने और उसका सर्वोत्तम विकास करने में भी सहायक सिद्ध होता है। शिक्षा देने के साथ ही वह अपने विद्यार्थी को एक व्यावसायिक व्यक्ति बनने और एक अच्छा नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करता है। ऐसे ही एक शिक्षक पिछले कुछ समय पर सोशल माडिया पर प्रेरणा बन कर छाए हुए हैं, जिनका नाम है श्याम बैरागी। श्याम बैरागी ने 2014 से चल रहे प्रधानंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ में अपनी कलम से एक नए पंख जोड़ दिए हैं। उनका लिखा गीत ‘गाड़ी वाला आया, घर से कचरा निकाल’ मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार, उत्तरप्रदेश जैसे हिंदी भाषी राज्यों में ही नहीं, अपितु गुजरात सहित अहिंदी भाषी राज्यों और विदेशों तक भी लोकप्रिय हो गया है। 10 मई, 2017 को यूट्यूब पर पोस्ट इस गीत को अब तक 30 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं।

आइए आप भी सुनिए इस गीत को..

श्याम बैरागी ने न सिर्फ़ इस गीत को लिखा है, अपितु स्वच्छता अभियान के इस गीत स्वर बद्ध भी किया। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि एक टीचर का लिखा गीत दुनिया भर में धूम मचा देगा। आइए जानते हैं इस गीत को लिखने वाले श्याम बैरागी के बारे में और इस गीत को लिखने के पीछे छिपी उनकी प्रेरणा को भी।

श्याम बैरागी का जन्म 25 जून, 1970 को मध्य प्रदेश में जिला मण्डला के बहेरी राष्ट्रीय वन उद्द्यान कान्हा में एक किसान परिवार में हुआ। उनके पिता इमरतदास और माता सरस्वती देवी है। बैरागी ने बी. कॉम से स्नातक और बीएड किया है। श्याम बैरागी का गाँव बहुत ही पिछड़ा और धर्मांधता , रूढ़िवाद , कुप्रथाओं एवं अंधविश्वास के शिकंजे में फँसा हुआ था। सामाजिक विषमताओं और आर्थिक असमानताओं ने श्याम बैरागी को झझकोर दिया। उनके दिल और दिमाग में उथल-पुथल मच गई। इन बुराइयों से लड़ने के लिए श्याम बैरागी ने अपनी कलम और उनसे लिखे गीतों, गज़लों , कविताओं और व्यग्यों को अपना हथियार बना लिया। श्याम बैरागी का कहना है कि ‘मैं कल रहूँ या न रहूँ , मेरी लड़ाई रहेगी। वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना और समतामूलक समाज का निर्माण मेरा अंतिम लक्ष्य है, जिसे पूरा किये बिना मुझे चैन कहाँ, करार कहाँ ?’

श्याम बैरागी कहते हैं, ‘सरकार की योजनाओं पर गीत लिखना मेरा कर्त्तव्य है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शासकीय योजनाओं से लोगों का जीवन प्रभावित होता है। शासकीय सेवक होने के नाते ही नहीं, अपितु देश का एक सजग नागरिक होने के नाते भी मैं चाहता हूँ कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाएँ वास्तविक पात्रों तक पहुँचे और वे लाभान्वित हों। इसी उद्देश्य, लक्ष्य और सपनों को साकार करने की दिशा में मैंने अब तक 16 ऑडियो सीडी के लिए गीत लिखे हैं और साथियों के साथ स्वर दिए हैं। मुझे बेहद ख़ुशी होती है जब लोग मुझसे कहते हैं कि आपके गीत से प्रभावित होकर मेने ‘फलाँ’ योजना का लाभ लिया।’ श्याम बैरागी अपने 30 वर्ष के साहित्यिक और संगीत यात्रा के दौरान तीन पुस्तकें ‘चिनगारी’, ‘दुर्दशा’ तथा ‘जंगल माने ज़िंदगी’ का प्रकाशन एवं 16 ऑडियो के लिए गीत, कविता लेखन, सैकड़ों पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन और कुछ पत्रिकाओं का सम्पादन कर चुके हैं।

नोएडा के गार्बेज क्लिनिक ने पहचानी बैरागी की प्रतिभा

कचरा प्रबंधन की सबसे बड़ी संस्था गार्बेज क्लिनिक नोएडा (GARBAGE CLINIC & INFRATECH PRIVATE LIMITED of NOIDA) ने श्याम बैरागी की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें स्वच्छता अभियान के लिए कोई गीत लिखने को कहा। इसके बाद ही श्याम बैरागी ने ‘गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल…’ गाना लिखा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान के बाद से देश के प्रत्येक पंचायत-निकायों की ओर से घर-घर कूड़ा इकट्ठा करने का काम किया जा रहा है, जिसके तहत पंचायत-निकाय की गाड़ियाँ सोसाइटियों-मोहल्लों में आती हैं, जिस पर श्याम बैरागी का गीत ‘गाड़ी वाला आया… घर से कचरा निकाल…’ बजाया जाता है। कुछ ही समय में मंडला में ये गाना बहुत फेमस हो गया। फिर राज्य के कुछ दूसरे जिलों की नगर पालिकाओं ने भी इस गाने को अपनी कचरा गाड़ी में बजाना शुरू कर दिया। इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना जिलों में भी इस गीत की धूम मच गई। फिर छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड और उत्तर प्रदेश में भी ये गाना प्रसिद्ध हो गया और पालिका की कचरा गाड़ी में बजने लगा। श्याम के इस गीत ‘गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल…’ को छत्तीसगढ़ी के फ़िल्म निर्देशक मनोज दीप ने गार्बेज क्लिनिक की सहायता से चित्रित भी किया है। इस गीत को महाराष्ट्र के मराठवाड़ा के बीड शहर में फिल्माया गया है। ये गीत महाराष्ट्र के मुम्बई सहित अन्य शहरों में भी लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करेगा। श्याम बैरागी के इस गीत में स्वच्छता के प्रति सटीक और प्रभावी संदेश देने के लिए छत्तीसगढ़ फ़िल्म इंडस्ट्री एसोसिएशन ने राजधानी रायपुर में एक भव्य समारोह का आयोजन कर इस गीत को ‘छालीवुड स्टारडम अवार्ड’ से सम्मानित भी किया है। श्याम बैरागी के इस गीत ने स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने में एक बड़ा योगदान दिया है। मण्डला में तो श्याम का ये गीत इतना लोकप्रिय हो चुका है कि लोग कचरा अपने घरों के सामने रख कर कचरा गाड़ी की प्रतिक्षा करते हैं। श्याम का गीत बजाती नगर पालिका की गाड़ी आती है और लोग कचरा गाड़ी में डालते हैं। कुछ लोगों ने तो अपनी मोबाइल की रिंगटोन भी श्यामा के इस गाने को रख लिया है।

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