ब्रिटेन में भी गुजराती गृह मंत्री : जानिए कौन है यह GUJJU GIRL, जिसने जीता जॉनसन का जग ?

Written by

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 25 जुलाई, 2019 (युवाPRESS)। स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल गुजराती थे और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह भी गुजराती हैं। वैसे भारत की राष्ट्रीय राजनीति में अधिकांशत: उत्तर भारतीय नेताओं का वर्चस्व रहता आया है और इस समय भी दिल्ली के सिंहासन के इर्द-गिर्द उत्तर भारतीयों का ही बोलबाला कायम है, परंतु सर्वोच्च निर्णायक संवैधानिक पद पर विराजित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजराती हैं और अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण गृह मंत्री के पद पर भी गुजराती अमित शाह को बैठाया है।

यह तो बात हुई भारत की, परंतु भारत पर 200 वर्षों तक शासन करने वाले ब्रिटेन में भी अब गृह मंत्री के पद पर एक गुजराती की नियुक्ति हुई है। ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने प्रीति पटेल को अपने मंत्रिमंडल में सबसे महत्वपूर्ण गृह मंत्रालय का उत्तरदायित्व सौंपा है। प्रीति पटेल का ब्रिटेन की गृह मंत्री बनना कोई साधारण घटना नहीं है। प्रीति पटेल ब्रिटेन की राजनीति की ऐसी पहली महिला हैं, जो गृह मंत्री बनी हैं अर्थात् प्रीति पटेल ब्रिटेन की प्रथम महिला गृह मंत्री बनी हैं। 47 वर्षीय प्रीति पटेल ब्रिटेन की सत्तारूढ़ कंज़र्वेटिव पार्टी की प्रमुख नेता हैं और 2010 में हुए आम चुनाव में पहली बार विटहैम से सांसद चुनी गई थीं। प्रीति ने 2015 और 2017 में भी इसी सीट से जीत हासिल की और अब वे ब्रिटेन की गृह मंत्री बनी हैं। यद्यपि ब्रिटेन सरकार में वे पहली बार मंत्री नहीं बनी हैं। इससे पूर्व प्रीति डेविड कैमरन सरकार में रोजगार राज्य मंत्री रह चुकी हैं।

मोदी की प्रशंसक प्रीति का एक ही लक्ष्य ‘ब्रेग्ज़िट’

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ प्रीति पटेल। (फाइल चित्र)

प्रीति पटेल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भारी प्रशंसक हैं। वे मोदी से कई बार मुलाकात भी कर चुकी हैं। प्रीति ने गृह मंत्री के रूप में नियुक्ति के बाद ट्वीट कर कहा, ‘ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा गृह मंत्री नियुक्त किए जाने पर बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूँ। अब ब्रिटेन के गृह विभाग कार्यालय के साथ काम करने की आतुरतापूर्वक प्रतीक्षा कर रही हूं, ताकि नेशनल सिक्युरिटी, पब्लिक सेफ्टी और सीमाओं को सुरक्षित करने के मामले में अपने देश को यूरोपीय संघ से अलग करने के लिए तैयार कर सकूं।’

कौन हैं प्रीति पटेल और क्या है गुजरात कनेक्शन ?

प्रीति पटेल के गुजराती पिता सुशील पटेल। (फाइल चित्र)

29 मार्च, 1972 को लंदन के हैरॉ (HARROW) में जन्मीं प्रीति पटेल के माता-पिता अंजना-सुशील पटेल मूलत: गुजराती-भारतीय हैं, परंतु बाद में वे गुजरात से युगांडा जाकर बस गए थे। इस बीच 1960 के दशक में युगांडा के तत्कालीन राष्ट्रपति ईदी अमीन ने युगांडा से दक्षिण एशियाई अल्पसंख्यक विरोधी नीति अपनाई, जिसके तहत अमीन ने दक्षिण एशिया के लोगों को युगांडा छोड़ देने का आदेश दिया। ईदी अमीन ने इस दौरान युगांडा में रहने वाले भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों के नागरिकों पर बहुत अत्याचार ढहाए। इसी दौरान प्रीति के माता-पिता ने युगांडा छोड़ दिया और वे इंग्लैण्ड आ गए। दक्षिण इंग्लैण्ड के हर्टफोर्डशायर (Hertfordshire) में बस जाने वाले सुशील पटेल ने बाद में लंदन में NEWSAGENTS नामक समाचार एजेंसी शुरू की। लंदन में ही प्रीति का जन्म हुआ। प्रीति ने वेस्टफील्ड टेक कॉलेज, कीले युनिवर्सिटी और युनिवर्सिटी ऑफ एसेक्स से इकोनॉमिक्स और पॉलिटिक्स की डिग्रियाँ हासिल कीं।

कैमरन ने पहचानी प्रीति की प्रतिभा

पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के साथ प्रीति पटेल। (फाइल चित्र)

प्रीति पटेल ने राजनीति में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसी दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मार्गारेट थेचर उनकी राजनीतिक आदर्श बन कर उभरीं। इसके बाद प्रीति पटेल ने सत्तारूढ़ कंज़र्वेटिव पार्टी जॉइन की। उस समय जॉन मेजर प्रधानमंत्री थे। 2005 में प्रीति ने पहला आम चुनाव लड़ा, परंतु नॉटिंघम दक्षिण सीट से उन्हें लेबर पार्टी के ग्राहम एलेन के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा। 2005 में मिली राजनीतिक विफलता के बावजूद प्रीति हताश नहीं हुईं। इस बीच 2010 में कंज़र्वेटिव पार्टी के अध्यक्ष बने डेविड कैमरन ने प्रीति की प्रतिभा को पहचाना। कैमरन ने आम चुनाव 2010 में पुनर्सीमांकन के बाद बनी नई सीट विदाम (WITHAM) से उन्हें पार्टी प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में प्रीति पहली बार सांसद के रूप में निर्वाचित हुईं। इसके बाद प्रीति ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा।

त्यागपत्र के बाद ब्रेग्ज़िट अभियान बना वरदान

नए प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ प्रीति पटेल। (फािल चित्र)

प्रीति पटेल पूर्ववर्ती थेरेसा मे सरकार में अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री थीं। वर्ष 2017 में उन्होंने इज़राइल की निजी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की और उनसे चूक यह हुई कि उन्होंने इस बात की जानकारी ब्रिटिश सरकार या इज़राइल में स्थित ब्रिटिश दूतावास को नहीं दी। इसे लेकर विवाद हुआ और प्रीति पर 15 लाख रुपए का दंड लगाया गया। इतना ही नहीं, प्रीति को मे सरकार से त्यागपत्र देना पड़ा। यद्यपि इससे 2015 में ब्रिटेन में राष्ट्रीय अस्मिता का प्रश्न बन कर उभरे ब्रेग्ज़िट अभियान ने प्रीति के राजनीतिक कैरियर को नया मोड़ दिया। यूरोपीय संघ (EU) से ब्रिटेन को बाहर करने का कैमरन सरकार का निर्णय समूचे ब्रिटेन में ब्रिटिश अस्मिता से जुड़ गया। पूरे देश में ब्रेग्ज़िट के समर्थन में अभियान चला, जिसमें प्रीति ने सक्रिय और आक्रामक भूमिका निभाई। यहाँ तक कि प्रीति पटेल ब्रिटेन में ब्रेग्ज़िट अभियान की पोस्टर गर्ल बन गईं। ब्रेग्ज़िट डील नहीं करा पाने के कारण पहले कैमरन को और फिर थेरेसा मे को त्यागपत्र देना पड़ा। थेरेसा मे के त्यागपत्र के बाद कंज़र्वेटिव पार्टी में जेरमी हंट और जॉनसन के बीच प्रधानमंत्री पद को लेकर रेस थी, परंतु प्रीति ने जॉनसन के पक्ष में बैक बोरिस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अब कंज़र्वेटिव पार्टी में ब्रेग्ज़िट डील को लेकर आक्रामक रुख रखने वाले बोरिस जॉनसन ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बने हैं। ऐसे में जॉनसन के मनो-मस्तिष्क में ब्रेग्ज़िट कैम्पेन की पोस्टर गर्ल प्रीति पटेल पहले से ही छाई हुई थीं। ब्रेग्ज़िट अभियान के प्रति आक्रामक रुख अपनाने वालीं प्रीति ने इस तरह जॉनसन का दिल जीत लिया था। इस डील को 31 अक्टूबर से पहले डन कराने की घोषणा करने वाले जॉनसन ने इसीलिए गृह मंत्री के रूप में प्रीति का चयन किया, क्योंकि प्रीति ब्रेग्ज़िट डील डन कराने में जॉनसन की श्रेष्ठतम् सहायता कर सकती हैं। इस तरह विवादों के कारण त्यागपत्र देने वाली प्रीति ने जॉनसन मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण गृह मंत्री पद हासिल कर ब्रिटेन की राजनीति में जबर्दश्त वापसी की है।

Article Categories:
News

Comments are closed.

Shares