60 साल V/S 57 महीने : ये आँकड़े जान कर आप भी कहने को मजबूर हो जाएँगे, ‘MODI ONCE MORE’ : जानिए अंबाणी को फायदा हुआ या आबादी को ?

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लोकसभा चुनाव 2014 में अप्रैल-मई तपती धूप में तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश में चुनाव प्रचार के दौरान सीना ठोक कर कहा था, ‘आपने उन्हें (कांग्रेस को) 60 साल दिए, मुझे 60 महीने दीजिए।’ मोदी पर विश्वास करके जनता ने उन्हें देश की सेवा के लिए 60 महीनों का अवसर दिया और मोदी ने 60 महीनों नहीं, अपितु 57 महीनों के भीतर ऐसे-ऐसे काम करके दिखा दिए, जो कदाचित उनकी कमियाँ ढूँढने वालों को नहीं सुहाएँगे।

मोदी ने लोकसभा चुनाव 2014 में कहा था कि वे 2019 में अपने काम का हिसाब लेकर आएँगे और उनके काम का जो हिसाब है, वह देश की अब तक की कांग्रेस सहित किसी भी पार्टी की सरकार के कार्यों से हजार गुना बढ़ कर है। आइए जानते हैं कि पिछले 57 महीनों में मोदी सरकार ने देश के विकास के लिए क्या-क्या किया।

स्किल इंडिया : 34 लाख लोगों को प्रशिक्षण और 10 लाख लोगों को रोजगार मिला।

मेक इन इंडिया : उत्पादन क्षेत्र को बढ़ावा। ईज़ ऑफ डुइंग बिज़नेस में भारत की रैंकिंग की उछल कर 77वें स्थान पर आ गई।

मुद्रा योजना : स्मॉल एंटरप्राइज़ेस को 50,000 से 10,00,000 रुपए तक देने की योजना के तहत 17 करोड़ लोगों को 7 लाख करोड़ रुपए का ऋण दिया गया।

श्रम सुविधा पॉर्टल : 44 में से 16 श्रम कानूनों के तहत श्रमिक पहचान नंबर दिए गए और ऑनलाइन एप्लिकेशन की अनुमति दी गई।

दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना : भारत के सभी गाँवों में बिजली पहुँचाई गई।

भारत नेट प्रोजेक्ट : 1,17,552 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर कैबल से लैस किया गया। 3,01,154 किलोमीटर का ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क उपलब्ध कराया गया।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना : 2,03,849 किलोमीटर सड़क निर्माण।

उज्ज्वला योजना : 7 करोड़ 18 लाख परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन।

प्रधानमंत्री आवास योजना : 1 करोड़ 53 लाख घरों का निर्माण।

स्वच्छ भारत अभियान : 5,55,495 गाँव खुले में शौच से मुक्त हुए। 9,79,04,880 शौचालयों का निर्माण।

उजाला योजना : 34,72,65,963 एलईडी बल्बों का वितरण, जिससे करोड़ों रुपये की बिजली बचाने में सहायता मिली।

फसल बीमा योजना : विभिन्न आपत्तियों से घिरे पंजीकृत 14,64,00,000 किसानों को बीमा और वित्तीय सहायता दी गई।

सॉइल हेल्थ कार्ड : सॉइल हेल्थ केन्द्रों ने 18,93,39,995 किसानों को उनके घर जाकर सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए।

स्टार्ट-अप इंडिया : 17,024 स्टार्ट-अप्स शुरू हुए।

प्रधानमंत्री युवा योजना : 2,200 उच्च शिक्षा संस्थान, 500 आईटीआई, 300 स्कूल, 50 उद्यमता विकास केन्द्र खोले गए।

प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना : फॉर्म सेक्टर के 21 लाख लोगों को 500 करोड़ रुपए की सहायता की गई।

दीनदयाल उपाध्याय कौशल्य योजना : 6,95,283 लोगों को प्रशिक्षण और 3,48,161 लोगों को रोजगार दिया गया।

राष्ट्रीय विद्यार्थी वेतन पॉर्टल : 1,40,60,000 रुपए छात्रवृत्ति मंजूर की गई।

स्वयम swayam.gov.in : ऑनलाइन लर्निंग पॉर्टल में 23,66,000 विद्यार्थी पंजीकृत हुए।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ : भारत के सभी 640 जिलों में शिक्षा के माध्यम से महिलाओं का सामाजिक व वित्तीय सशक्तीकरण किया गया।

प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना : बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य की सेविंग डिपॉज़िट योजना के तहत 18 साल से कम उम्र की बालिकाओं की वित्तीय सहायता की गई। इस राशि को लाभार्थी बालिकाएँ 18 वर्ष की आयु के बाद शिक्षा व विवाह के लिए बैंक से निकाल सकती हैं।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान : 88.68 लाख महिलाओं का निःशुल्क टीकाकरण किया गया।

सेतु भारत योजना : राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरने वाले रेलवे ट्रैकों पर ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज बनाए गए।

स्मार्ट सिटी : योजना के तहत 100 शहरों का चयन किया गया।

श्यामाप्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन : 295 पहचाने गए कलस्टर्स को रोजगार, जीवन शैली में सुधार और मजबूत वित्तीय सहायता दी गई।

अमृत प्लान : अर्बन रेजुवेनेशन के जरिए शहरों को बेहतर ड्रैनेज सिस्टम और पर्याप्त जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

सागरमाला प्रोजेक्ट : बंदरगाहों के विकास के माध्यम से परिवहन खर्च कम करने का प्रयास।

डिजिटल इंडिया मिशन : देश में 81.2 मिलियन मोबाइल फोन उपभोक्ता है, जिससे भारत ने संयुक्त राष्ट्र के ई-गवर्नेंस सूचकांक में 22 अंकों की छलांग लगाई। सभी केन्द्रीय मंत्री जनता की समस्याओं को सुनने के लिए सोशल मीडिया मंच का उपयोग कर रहे हैं। डिजिटल ट्रांज़ैक्शन के लिए भीम एप, मोबाइल गवर्नेंसके लिए उमंग एप, व्यापक सार्वजनिक स्थानों पर मुफ्त वाई-फाई सुविधा दी गई। 5,48,44,00,000 ट्रांज़ैक्शन यूपीआई के जरिए हुए।

ई-नैम : कृषि उत्पादों पर समय पर भुगतान सहित पारदर्शी नीलामी की व्यवस्था।

कॉमन सर्विस सेंटर्स : 3,10,000 कॉमन सर्विस सेंटर्स शुरू किए गए।

डिजि लॉकर स्कीम : कुल 30,50,03,00,635 डिजि लॉकर्स।

प्रधानमंत्री ज़ीरो डेफिसिट ज़ीरो इफेक्ट स्कीम : वैश्विक गुणवत्ता मानकों के साथ कदम मिलाने का उद्देश्य।

जीएसटी : फरवरी-2019 तक 1,81,14,42,00,00,000 रुपए जीएसटी संग्रह।

हृदय प्लान : वर्ल्ड हैरिटेज साइट्स के रखरखाव और उन्हें व्यावसायिक रूप से दर्शनीय बनाने के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान।

स्वच्छ भारत मिशन : भारत को स्वच्छ देश बनाया जा रहा है।

नमामि गंगे योजना : जिस स्वच्छ गंगा में प्रियंका गांधी ने गंगा स्नान किया, वहाँ एक समय गटर का पानी छोड़ा जाता था।

एकलव्य स्कूल्स : अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए 2022 तक एकलव्य स्कूल्स खोले जाएँगे।

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस : पब्लिक प्रॉक्युरमेंट में ट्रांसपरेंसी, एफिसिएंसी और स्पीड लाने का उद्देश्य। इसके जरिए 22,24,28,00,00,000 ऑर्डर प्लेस्ड हुए।

जन धन योजना : अधिकाधिक लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने का उद्देश्य। 35.04 करोड़ बैंक खाते खोले गए।

स्टैण्ड-अप इंडिया : 68,930 आवेदकों के लिए 15,112 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।

श्रमेव जयते योजना : इंस्पेक्शन हेतु यूनिट्स के चयन में टेक्नोलॉजी का उपयोग। 72 घण्टे में इंस्पेक्शन रिपोर्ट देना अनिवार्य। 4.17 करोड़ पीएफ खाताधारकों को युनिवर्सल अकाउंट नंबर दिए गए। एप्रेंटिसों को 2 वर्ष के प्रशिक्षण के दौरान 50 प्रतिशत स्टाइपैण्ड का भुगतान। रिवैम्प्ड राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के कामगारों को स्मार्ट कार्ड जारी किए गए।

सांसद आदर्श ग्राम योजना : 1155 ग्राम और 63,856 प्रोजेक्ट; 51 प्रतिशत पूर्ण।

अटल पेंशन योजना : 60 वर्ष के बाद गारंटेड मासिक पेंशन। 1,37,00,000 लोगों ने रजिस्टर कराया।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना : वार्षिक प्रीमियम 333 रुपए। बीमा धारक की मृत्यु पर उत्तराधिकारी को 2,00,000 रुपए नकद भुगतान। 5,67,00,000 लोगों ने बीमा लिया।

सुरक्षा बीमा योजना : वार्षिक 12 रुपए के प्रीमियम वाली इस योजना में बीमा धारक की आकस्मिक मृत्यु पर परिजनों को 2,00,000 लाख रुपए दिए जाते हैं। 15 करोड़ से अधिक लोगों ने बीमा कराया।

गोल्ड मोनेटाइज़ेशन स्कीम : सोना बैंक में रख कर उसकी कीमत का 2.5 प्रतिशत ब्याज देने वाली योजना के तहत लोगों ने 6.41 टन सोना देश में डिपॉज़िट कराया।

ओआरओपी : 65,83,104 सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को 35,000 करोड़ रुपए दिए गए।

प्रधानमंत्री जनौषधि योजना : 5000 से अधिक जनौषधि केन्द्रों पर 800 से अधिक दवाइयाँ कम कीमत पर उपलब्ध। सर्जिकल और कंज्यूमेबल आइटम 154।

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना : वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा। 10 वर्ष में 8.1 प्रतिशत ब्याज।

आयुष्मान भारत : लाभार्थियों को 5 लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा।

प्रधानमंत्री आवास योजना : 2022 तक सभी भारतीयों को घर देने का लक्ष्य। अब तक 1.53 करोड़ घर बनाए गए।

जीवन प्रमाण : पेंशनभोगियों के लिए बायो-मेट्रिक आधारित डिजिटल सेवाएँ।

मिशन इंद्रधनुष : 3.38 करोड़ बच्चों का टीकाकरण।

मन की बात : लोग अपने अभिप्राय प्रधानमंत्री के समक्ष रखते हैं।

ग्रामोदय से भारत उदय : गाँवों के विकास से भारत के विकास की परिकल्पना।

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