अब लोकसभा में गूंजेगी ‘ओम शांति’ : मोदी-शाह ने तोड़ी ‘अनुभवी अध्यक्ष’ की परम्परा !

* ओम बिड़ला बनेंगे 17वें लोकसभाध्यक्ष

* सुमित्रा महाजन 8 बार सांसद चुनी गई थीं

* ओम बिड़ला दूसरी बार ही चुने गए हैं सांसद

* बिड़ला होंगे 5वें सबसे युवा लोकसभा अध्यक्ष

विश्लेषण : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 18 जून, 2019 (युवाप्रेस.कॉम)। 17वीं लोकसभा में जब सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक, बहस, टकराव और शोरगुल तथा हंगामे की परिस्थिति पैदा होगी, तो उन्हें शांत रखने का उत्तरदायित्व अब ओम बिड़ला निभाएँगे। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी-BJP) ने राजस्थान के वरिष्ठ नेता और कोटा से सांसद ओम बिड़ला को लोकसभा अध्यक्ष बनाने का निर्णय किया है। बिड़ला आज लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र भरेंगे और बहुमत होने के कारण उनकी जीत भी निश्चित है। यद्यपि वे आधाकारिक रूप से 19 जून बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष के रूप में चयनित होंगे।

मोदी-शाह ने फिर चौंकाया

लोकसभा चुनाव 2019 सम्पन्न होने के बाद से लेकर लोकसभा सत्र आरंभ होने तक की पूरी अवधि के दौरान नए स्पीकर को लेकर राजनीतिक गलियारों, मीडिया और भाजपा के भीतर कई नामों पर चर्चा सुनाई दी, परंतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने फिर एक बार सभी को चौंकाते हुए 17वें लोकसभा अध्यक्ष के रूप में मात्र 56 वर्षीय ओम बिड़ला का नाम फाइनल किया। आम अवधारणा यह है कि लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ सांसद का चयन किया जाता है, जिसके पास एक सांसद के रूप में लम्बा कार्यानुभव हो, परंतु मंगलवार सुबह भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने बिड़ला को अपने घर बुलाया और उन्हें लोकसभा अध्यक्ष बनाए जाने की जानकारी दी।

अनुभवी सुमित्रा के उत्तराधिकारी नौसीखिए बिड़ला

16वीं लोकसभा की अध्यक्ष वरिष्ठ भाजपा नेता सुमित्रा महाजन थीं। लोकसभा चुनाव 2014 में पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई भाजपा ने लोकसभाध्यक्ष के पद पर वरिष्ठ और अनुभवी व्यक्ति को बैठाने की परम्परा बनाए रखते हुए 8 बार की सांसद सुमित्रा महाजन को यह जिम्मेदारी सौंपी थी, परंतु 2019 में मोदी-शाह ने यह परम्परा तोड़ दी है और ओम बिड़ला को लोकसभा अध्यक्ष बनाने का निर्णय किया है, जो कोटा से महज दूसरी बार सांसद चुन कर आए हैं। इससे पहले वे 2014 में पहली बार सांसद चुने गए थे।

कौन हैं ओम बिड़ला ?

4 दिसम्बर, 1962 को जन्मे ओम बिड़ला ने 1979 यानी 17 वर्ष की आयु में ही राजनीति में कदम रख दिया था। यद्यपि उन्होंने पहला चुनाव 2003 में राजस्थान की कोटा दक्षिण विधानसभा सीट से लड़ा और कांग्रेस के दिग्गज नेता शांति धारीवाल को हराया। 2008 और 2013 में भी वे विधायक चुने गए। इस तरह वे राजस्थान विधानसभा के लिए 3 बार विधायक चुने गए, परंतु लोकसभा के लिए उन्होंने 2014 में पहली बार कोटा से चुनाव लड़ा और कांग्रेस के इज्याराज सिंह को 2 लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से हराया। 2019 में भी भाजपा ने बिड़ला को ही उम्मीदवार बनाया और उन्होंने कांग्रेस के रामनाराण मीणा को हरा कर दूसरी बार लोकसभा में प्रवेश किया। बिड़ला के परिवार में पत्नी, दो पुत्र और दो पुत्रियाँ हैं। बिड़ला स्वयं पोस्ट ग्रेज्युएट हैं और पत्नी डॉ. अमित बिड़ला हैं। राजस्थान में बिड़ला की पहचान राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने वाले नेता की रही है। वे राजस्थान में बड़ा वैश्य चेहरा हैं। साफ-सुथरी छवि उनका सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है।

लोकसभा के 5वें सबसे युवा अध्यक्ष

स्वतंत्र भारत में पहली चुनी हुई लोकसभा 1952 में हुए प्रथम चुनाव के बाद अस्तित्व में आई और अहमदाबाद से चुने गए कांग्रेस सांसद गणेश वासुदेव (जी. वी.) मावळंकर को प्रथम लोकसभा का प्रथम अध्यक्ष चुना गया। उस समय उनकी आयु 64 वर्ष थी। मावळंकर से लेकर सुमित्रा महाजन तक अधिकतर लोकसभाध्यक्ष अनुभवी रहे हैं और उनकी औसत आयु 60 वर्ष के पार रही है। यद्यपि लोकसभा के सबसे युवा अध्यक्ष का रिकॉर्ड जी. एम. सी. बालयोगी के नाम दर्ज है। वे जब अध्यक्ष बने, तब उनकी आयु मात्र 46 वर्ष 5 महीने 24 दिन थी। दूसरी तरफ लोकसभा के सबसे वृद्ध अध्यक्ष का रिकॉर्ड सोमनाथ चैटर्जी के नाम दर्ज है। वे जब अध्यक्ष बने, तब उनकी आयु 74 वर्ष 10 महीने 11 दिन थी। ओम बिड़ला लोकसभा के पाँचवें सबसे युवा अध्यक्ष हैं। उनकी वर्तमान आयु 56 वर्ष 6 महीने और 16 दिन हैं।

देखिए भारत के अब तक के लोकसभा अध्यक्ष और उनकी आयु :

जी. वी. मावळंकर – 64 वर्ष

एम. ए. आयंगर – 65 वर्ष

सरदार हुकुम सिंह – 67 वर्ष

नीलम संजीव रेड्डी – 54 वर्ष

गुरदयाल सिंह धिल्लों – 54 वर्ष

बलि राम भगत – 71 वर्ष

के. एस. हेगड़े – 58 वर्ष

बलराम जाखड़ – 57 वर्ष

रवि रॉय – 63 वर्ष

शिवराज पाटिल – 74 वर्ष 3 महीने 11 दिन

पी. ए. संगमा – 49 वर्ष

जी. एम. सी. बालयोगी – 46 वर्ष 5 महीने 24 दिन (सबसे युवा)

मुरली मनोहर जोशी – 65 वर्ष

सोमनाथ चटर्जी – 74 वर्ष 10 महीने 11 दिन (सबसे अनुभवी)

मीरा कुमार – 64 वर्ष

सुमित्रा महाजन – 71 वर्ष

ओम बिड़ला – 56 वर्ष 6 महीने और 16 दिन

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