क्या है लाल बहादुर शास्त्री की मौत का रहस्य ?

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Lal Bahadur Shastri

इंसान की सुंदरता, पहनावा हमेशा क्षणिक (Temporary) होता है, लेकिन उसके उसूल, उसकी अच्छाईयां और उसका चरित्र हमेशा उसकी पहचान बनता है। कई बार लोगों का उनके शरीर और पहनावे को लेकर मजाक बनाया जाता है, लेकिन ऐसे लोग बहुत बार ऐसे काम कर जाते हैं, जिन्हें आने वाली कई पीढ़ियों तक याद किया जाता है। ऐसे ही इंसान थे हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri)। छोटे कद के शास्त्री जी का कई बार मजाक बनाया जाता था, लेकिन पाकिस्तान के साथ साल 1966 में हुए युद्ध में शास्त्री जी ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि उनके जैसे जीवट के लोग कम ही पैदा होते हैं।

Lal Bahadur Shastri की मौत का रहस्य ?

लेकिन दुख की बात है कि लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) को वह इज्जत नहीं मिली, जिसके वह हकदार थे। रुस के ताशकंद में हुई शास्त्री जी की रहस्यमय मौत को आज 52 साल पूरे हो गए हैं, लेकिन उनकी मौत के रहस्य से आज तक पर्दा नहीं उठ सका है ! बता दें कि साल 1966 में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान ने लाल बहादुर शास्त्री के नेतृत्व को कमजोर आंकते हुए भारत पर हमला बोल दिया। लेकिन विनम्र स्वभाव के शास्त्री जी ने कमाल की जीवटता का परिचय देते हुए भारतीय सेना का ऐसा मनोबल बढ़ाया कि पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी।

Lal Bahadur Shastri

जब 1966 के युद्ध में भारत की सेना जीतते हुए लाहौर के नजदीक तक पहुंच गई, तो घबराए हुए पाकिस्तान ने अमेरिका और रुस से मदद की गुहार लगायी। जिस पर अमेरिका और रुस ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीज फायर कराया और रुस के शहर ताशकंद में शांति समझौता कराया। लेकिन इस समझौते के अगले दिन ही लाल बहादुर शास्त्री की ताशकंद में ही मौत हो गई। बताया गया कि शास्त्री जी की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई। लेकिन शास्त्री जी के परिवार का कहना था कि उनकी मौत जहर के कारण हुई और उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की भी मांग की। हैरानी की बात है कि शक होने के बावजूद लाल बहादुर शास्त्री के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।

क्या है शास्त्री जी के परिवार का कहना

शास्त्री जी के परिवार का कहना है कि उनके शरीर पर नीले निशान और कट हुए के निशान थे। जिससे उनके परिवार का शक और भी पुख्ता होता है। लेकिन शास्त्री जी के परिवार की मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग नहीं मानी गई। पूर्व प्रधानमंत्री के फैमिली फिजीशियन का भी कहना था कि शास्त्री जी को हार्ट से संबंधित कोई भी बीमारी नहीं थी, फिर अचानक उन्हें हार्ट अटैक की बात गले नहीं उतरती ?

यहां एक बात और गौर करने वाली है कि लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) की मौत की जांच के लिए एक संसदीय कमेटी नियुक्त की गई थी। जिसने शास्त्री जी के साथ ताशकंद गए डॉक्टर आर.एन.चुग को पूछताछ के लिए तलब किया था। लेकिन जब डॉ. चुग संसदीय कमेटी के सामने पेश होने के लिए जा रहे थे, तभी एक सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई।

Lal Bahadur Shastri

इतना ही नहीं ताशकंद में शास्त्री जी की मौत के समय उनके साथ रहे शास्त्री जी के निजी नौकर रामनाथ को भी उनकी रहस्यमय मौत के बारे में शायद कुछ पता था। शास्त्री जी के परिवार वालों का कहना है कि रामनाथ एक दिन यह कहकर संसद भवन के लिए निकले थे कि “वह अब शास्त्री जी की मौत के बोझ को और नहीं सह सकते और अब इसका खुलासा कर देंगे।” लेकिन इसी बीच रास्ते में ही एक वाहन ने उन्हें कुचल दिया, जिससे रामनाथ की यादाश्त चली गई।

साल 2009 में अनुज धर नाम के एक बड़े अधिकारी ने RTI दाखिल कर शास्त्री जी की मौत के रहस्यों का खुलासा करने की मांग की थी। लेकिन तत्कालीन सरकार ने यह कहकर इस RTI को खारिज कर दिया कि इस खुलासे के बाद देश के विदेश संबंधों और संसद की छवि को नुकसान हो सकता है। साथ ही सरकार ने इस खुलासे के बाद देश में हिंसा भड़कने की भी आशंका जतायी थी।

बहरहाल देश के मान को बढ़ाने वाले भारत मां के महान सपूत लाल बहादुर शास्त्री की मौत पर आज तक संशय होना कहीं ना कहीं कई सवाल खड़े करता है, जिनका जवाब अब शायद ही मिले !

(Disclaimer– यह लेख YouTube पर मौजूद कुछ वीडियो के आधार पर लिखा गया है, जिसकी सत्यता का कोई प्रमाण नहीं है।)

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