कर्नाटक चुनाव पर मोदी की नजर, लंदन से Lingayat Community को मनाने की कोशिश

Lingayat Community

Indian Prime Minister Narendra Modi gestures after unveiling a statue of 12th century Indian philosopher Basaveshwara, who was one of the pioneers of the idea of democracy, in London, Saturday, Nov. 14, 2015. Modi is on the third-day of his three-day visit to Britain. (AP Photo/Matt Dunham)

नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka assembly election) पर जीत हासिल करने के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। बता दें कि कांग्रेस और सीएम सिद्धारमैया ने राज्य में जीत के लिए किंगमेकर माने जाने वाले लिंगायत समुदाय (Lingayat Community) को एक अलग धर्म का दर्जा देने के लिए Masterstroke चला था तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी भी अपने परंपरागत लिंगायत वोट को पाने के लिए की कोशिशे तेज कर दी है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लंदन से तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बंगलुरु से लिंगायत कार्ड (Lingayat Card) खेलने की रणनीति बनाई हुई है।

God basaveshwara birthday

12 वीं सदी Lingayat Community (लिंगायत समुदाय) के दार्शनिक और सबसे बड़े समाज सुधारक (social reformer) बासवन्ना की आज जयंती है। Karnataka assembly election को देखते हुए बीजेपी इस मौके को अपने हाथों से जाने नहीं देना चाहती है। श्री नरेंद्र मोदी ने लंदन से ट्वीट करके कहा कि मैं भगवान बसवेशेश्वर की जयंती (God Basaveshwara Birthday) के मौके पर उनको नमन करता हूं। भारत के इतिहास और संस्कृति में उनका विशेष स्थान और माहत्व है। उनके द्वारा किये गये समाज सुधारक कार्य से हम हमेशा प्रेरणा लेते रहेंगे। भगवान बसवेशेश्वर जी ने हमारे समाज को एक करने का कार्य किया था और ज्ञान के प्रसार को महत्व दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी Commonwealth Summit में हिस्सा लेने के लिए लंदन पहुंचे हैं। मोदी लंदन की जमीन से Lingayat Community का दिल जीतने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि लंदन के टेम्स नदी (Thames river)के पास लिंगायत समुदाय के समाज सुधारक की मूर्ति (भगवान बसवेशेश्वर) पर श्री नरेंद्र मोदी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। एक रिपोर्ट के अनुसार यह कार्यक्रम The Basaveshwar Foundation द्वारा आयोजित हो रही है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की इस कोशिश को Karnataka assembly election से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल कर्नाटक में लिंगायत समुदाय (Lingayat Community) का 17 प्रतिशत वोट है। यह समुदाय बीजेपी का मूल वोटबैंक माना जाता है। बता दें कि Congress कुछ दिन पहले ही इस समुदाय को अपने पाले में लाने के लिए उनकी वर्षों पुरानी अलग धर्म की मांग को मानकर BJP को Backfoot पर लाकर रख दिया था। पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह Congress द्वारा किये गये इस कोशिश की भरपाई करने के लिए काम कर रहे हैं।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समाज सुधारक बासवन्ना की जयंती के अवसर पर कर्नाटक में हैं। वे कर्नाटक में दो दिन रहेंगे। इस दौरान शाह बंगलुरु में स्थापित बासवन्ना की मूर्ति की प्रतिमा पर अपना श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद शाम के समय में Lingayat Community के एक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। अमित शाह लिंगायत लेखक चिदानंद की मूर्ति पर भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

वैसे पीछले कर्नाटक चुनाव को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि मुस्लिम समुदाय भी नतीजे पलट सकते हैं। इस चुनाव प्रचार में Congress और BJP दोनों के द्वारा मुस्लिम समुदाय को दरकिनार किया गया है। बदा दे कि मुस्लिम समुदाय कर्नाटक की आबादी का 9 प्रतिशत वोटबैंक हैं। ये मुख्य रूप से कर्नाटक के तटीय क्षेत्र में रहते हैं। 2013 के कर्नाटक चुनाव में BJP को इस क्षेत्र में भारी हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी यहां के 19 सीटों में से सिर्फ 3 सीटें ही जीतने में सफल हो पाई थी जबकि Congress ने 12 सीटों पर जीत हासिल की थी।

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